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अरे बाप रे इतना बड़ा डालोगे तो मज़ा आएगा

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प्रेषक :- पंखुड़ी…

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम पंखुड़ी है और मैं चंडीगड़ की रहने वाली हूँ। दोस्तों मैं कामलीला डॉट कॉम कि बहुत सारी कहानियों को पढ़कर खूब मज़े करती आ रही हूँ और आज मैं आपको अपनी लाइफ की सच्ची सेक्स स्टोरी बताने जा रही हूँ की कैसे मेरे पी.टी. सर ने मेरी चूत की सेक्सी चुदाई की, पहले मैं आपको अपने बारे में बताती हूँ मैं बहुत गोरी और चिकनी हूँ, कमर थोड़ी पतली है लेकिन गांड थोड़ी चौड़ी है और बूब्स बिलकुल गोल गोल है और थोड़े मोटे भी है जब भी किसी जवान छोरे को देखती हूँ तो मेरे बूब्स के निप्पल अपने आप ही कड़क हो जाते है और जब मैं बिना ब्रा के टी-शर्ट पहनती हूँ तो बूब्स का उछलना देखकर लड़को के छक्के छुट जाते है और दोस्तों मालिश करने के बाद मेरा जिस्म और खिल जाता है और हाँ दोस्तों एक बात तो बताना ही भूल गई मेरी चूत के बाल मैं साफ नहीं करती क्यूंकि मेरी चूत बहुत कोमल है, तो दोस्तों पी.टी. सर ने मुझे कैसे चोदा अब आप ही पढ़कर मज़े ले।

दोस्तों स्कूल का आख़िरी दिन था और मेरा जो बॉयफ्रेंड था वो मुझे स्पोर्ट्स रूम में ले गया और मुझे चूमने लगा पता नहीं कब उसने मेरी पेंटी में उंगली डाल दी जिससे मेरी फुददी में आग सुलगने लगी और मैं कहने लगी, नहीं अखिल! रुक जाओ प्लीज़! पंखुड़ी तुम भी ना! मज़े लो ना! फिर कहा मौका मिलेगा? उसने मेरा स्कर्ट ऊपर किया और मेरी पेंटी को निकालने लगा। मैंने कहा नहीं अखिल! आहह…. फिर अखिल बोला, यह क्या पैड? ओह पीरियड आ रहे है क्या? कहकर मेरी पैड निकाल फैंकी तो मैंने बोला ओह…. नहीं, तभी पी.टी. सर अंदर आ गये। यह क्या हो रहा है अखिल? उसने मुझे ऊपर से नीचे देखा, मेरी पतली टाँगे और भरी हुई जांघे, मेरी चिकनी फुददी और गोरी चिकनी चूत देखकर वह पगला गया। अब स्कूल गर्ल का फिगर कैसा होगा आप सोच लो, और फिर पी.टी. सर नाराज होकर बोले अखिल मैं तुम्हें स्कूल से बाहर निकालता हूँ, मैं इसी बीच अपनी पेंटी लेकर भाग निकली, पी.टी. सर मेरे घर के पास ही रहते थे। दिल का तो बड़ा अच्छा था पर एक परेशानी थी उनके शरीर पर बहुत बाल थे बिल्कुल भालू के जैसे, कुछ महीने तो गुजर गये। एक दिन मैं अपने गार्डन में टेनिस खेल रही थी छोटी सी स्कर्ट और स्पोर्ट्स ब्रा पहनकर तभी गार्डन के गेट पर पी.टी. सर आए मुझे पता था की वो मुझे घुर घूरकर देख रहे है मैं जानबुझकर नीचे की ओर झुकी अपनी लाल पेंटी दिखाने के लिए अगले ही दिन वो मेरे घर पर आये उस समय घर में कोई नहीं था सब शादी में गये थे। कॉलोनी में टेनिस मैच चल रहा था तभी सर बोले की क्या तुम खेल रही हो? मैंने कहा नहीं सर! फिर पी.टी. सर बोले यह फॉर्म भरो तो फिर मैं घर के अंदर गई और वो भी मेरे पीछे पीछे चला आया फिर मैं पैन निकालकर और झुककर फॉर्म भरने लगी वो मेरे अधखुले बूब्स को देखने लगा तभी मैंने नजरे ऊपर की और बोला क्या हुआ सर? तो सर बोले कुछ नहीं! मैं चलता हूँ पंखुड़ी। मैंने कहा कुछ पियेंगे सर? उसने कहा दूध, वो भी डेरी का फ्रेश! मैं समझ गई की यह क्या पीना चाहता है, उस समय घर में कोई नहीं था तो मैंने अपने बूब्स टी-शर्ट से बाहर निकालकर उनकी और कर दिये, क्यूंकी मैं हर वक़्त ब्रा नहीं पहनती हूँ, जब उसने मेरे बड़े बड़े बूब्स देखे तो अपने होठों पर जीभ फैरने लगा फिर उसने अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को पकड़ा और अपना मुहँ लेकर मेरे निप्पल को बच्चों की तरह पीने लगा और आहह….. उईइ… मेरी सिसकारियां निकलने लगी।

फिर उसने मेरी पेंटी में उंगली डाली तो मेरी तो चींख निकल पड़ी आहाह… सर! बस भी करो। क्यों अखिल को तो नहीं रोकती, तुम्हारे घर पर बता दूँ क्या की तुम स्कूल में क्या गुल खिला रही थी उस दिन? मैं डर गई और वही पर नीचे लेट गई शाम हो रही थी और घर पर भी कोई नहीं था तो उसने मेरे बदन को चुमते हुए मेरे सारे कपड़े उतार दिये और मुझे नंगा कर दिया था और मेरे सारे नंगे जिस्म को अपनी तिरछी नजरों से देख रहा था। फिर मैं बोली सर बेडरूम में चले? यहा नहीं मुझे शर्म आ रही है। उसने मेरी एक ना सुनी और मेरी दोनों टाँगे फैला दी जब मैंने उसका लंड देखा तो मैं डर गई ओह…. नहीं… इतना बड़ा लंड, मैं तो मर जाऊँगी और उसपर उसकी इतनी मोटी मोटी जांघे और उसके विशाल लंड पर उभरा हुआ नशा देखकर मैं उठने लगी और बोलने लगी नहीं मुझे जाने दो यह सब मुझ से नहीं होगा प्लीज, लेकिन उसने मुझे उठने दिया और बड़े प्यार से मुझे बच्चों की तरह उठाया और पूछा तुम्हारी उम्र क्या है? मैंने बोला 19 साल, कितनी बार चुदवा चुकी हो इसे? उसने मेरी फुददी में उंगली डालते हुए पूछा, ओह… कभी नहीं! मेरी फुददी अभी कुँवारी है कहकर मैंने उसका लंड अपने मुहँ में ले लिया जिससे सर के मुहँ से आह… पंखुड़ी बहुत खूब, उसकी सिसकारियाँ सारे कमरे में गूँज रही थी फिर उसने उसने मेरी दोनों टाँगे फैलाई और मैंने बोला चोदो ना सर जल्दी से लेकिन आराम से चोदना प्लीज, मेरी चूत से पानी टपक रहा था। फिर उसने बोला की तुम्हारा कैसा बॉयफ्रेंड है जो इस रेशम सी कोमल लड़की को कुँवारी छोड़ा हुआ है कहकर ही लंड अंदर डाला आहह… उईइ माँ मर गई बस और अंदर नहीं। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ है।

बेबी, अभी तो सिर्फ़ टोपा ही अंदर गया है तुम लंबी लंबी साँसे लो आह्ह…. बस अब सहा नहीं जा रहा है फिर उसने नीचे से अपने दोनों हाथों से मेरी मेरी गांड को ऊपर किया और अपना मोटा लंड मेरी चूत में पैलने लगा और मैं चिल्ला रही थी और जोर से चोदो सर! बस थक गये क्या? फिर सर मेरी चूत में अपने लंड से झटके देने लगे जिससे मैं आसमान की सैर करने लगी और मुझे उनके हर झटके में बड़ा मज़ा आ रहा था अब मैं जोर जोर से सिसकारियाँ लेकर कह रही थी कि चोदो सर, जोर जोर से चोदो, आहह… फाड़ डालो आज इस चूत को इसमें बहुत खुजली होती है। फिर जोरदार चुदाई करते हुये हम दोनों साथ में ही झड़ गये और मेरी सिसकारियों से सारा घर गूँज उठा था, फिर सर कपड़े पहनकर अपने घर जा चुके थे और मैं भी बहुत थक गई थी इसलिये जल्दी से बेड पर जाकर सो गई फिर मेरी नींद आधी रात को टूटी तो मेरी फुददी में उसके वीर्य के अलावा खून के दाग थे जो जाँघो के नीचे लकीर की तरह बनकर के जम चुके थे। फिर मैंने बाथरूम में लगे नल के पानी से उसे साफ कर लिया और अपनी चूत को भी पानी से अच्छे से दो दिया।

दोस्तों मैं पहली बार चुदी थी बाद में कितने आए और कितने गये लेकिन पी.टी. सर जैसा कोई नहीं मिला।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!

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