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एक मारवाड़ी भाभी की सेक्सी चूत फाड़ी

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प्रेषक :- राज…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम राज है और मैं गुजरात का रहने वाला हूँ, और मेरी उम्र 27 साल की है और मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम का एक नियमित पाठक हूँ और मुझे इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ बहुत अच्छी और सच्ची लगती है इसीलिए मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं भी अपने एक सेक्स अनुभव को आप सभी लोगों के साथ बाँटू।

दोस्तों मेरी यह कहानी मेरे और मेरी एक मारवाड़ी भाभी के बीच के सम्बन्धों की है जिसका नाम पिंकी है। वह दिखने में एकदम सेक्सी और कमाल की है और उस समय उसका फिगर साइज़ 32-28-34 का था कोई अगर उसको एक बार देख ले तो उसका दीवाना हो जाए। दोस्तों यह बात 2013 की है. एक दिन मैं बाजार में कुछ सामान लेने के लिए गया हुआ था और वहां पर घूमते वक्त मुझे एक मारवाड़ी भाभी दिखी और मैं उसके पीछे चल दिया. जब उसको पता चला की मैं उसका पीछा कर रहा हूँ तो वह अपने पति का हाथ पकड़कर साइड में चलने लगी. फिर जब हम थोड़ी देर के बाद आगे पहुँचे तो वहाँ पर एक फास्ट फूड का स्टॉल लगा हुआ था. वहाँ पर उसके पति ने उसको कुछ लाने के लिए भेजा और फिर वह अन्दर चली गई थी. दोस्तों मुझको वह अच्छा मौका मिला और फिर मैं भी उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया था. वह दुकानदार से पावभाजी ले रही थी और फिर मैंने भी ऑर्डर किया और उसके पीछे खड़ा हो गया. उसने मुझे गुस्से से देखा. लेकिन मैं उसकी तरफ प्यार से मुस्कुराया. उसका कन्धा और मेरा हाथ बिल्कुल चिपके हुए थे. वह चाहकर भी हटा नहीं सकी और मैं और ज़्यादा उससे चिपकने लगा। फिर वह थोड़ा आगे हुई तो इससे उसकी गांड मेरे लंड से चिपक गई. ये बात उसको भी पता थी. लेकिन मजबूरी में वह भी कुछ नहीं कर सकती थी. मेरा तो बुरा हाल हो रहा था. लंड एकदम कड़क हो गया और मैंने थोड़ा सा धक्का दिया और पीछे होकर उसके कन्धे के पास से उसके कान में सॉरी कहा तो वह मेरी तरफ हल्के से मुस्कुराकर इट्स ओ.के. कहने लगी. अब मुझे यकीन हो गया था कि, यह मारवाड़ी माल मुझसे पट जाएगा और फिर हम दोनों पावभाजी लेकर आ गये. वह और उसका पति मुझसे 10 फीट की दूरी पर खड़े थे और मैं उसे घूरे जा रहा था और वह शरमा रही थी और बीच-बीच में मुस्कुरा भी रही थी. फिर मैंने मौका देखकर उसको मैंने उसके मोबाईल नम्बर के लिए इशारा भी किया लेकिन उसने कुछ जवाब नहीं दिया।

और फिर उसके पति के कोई दोस्त आ गये थे और फिर वह उनके साथ व्यस्त हो गई और फिर वह वापस कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए गई तो मैं भी उसके पीछे-पीछे चल दिया और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया. उसने अपने पति को पलटकर देखा और मुझसे कहा कि, नम्बर क्यों चाहिए? तो फिर मैंने उसको कहा कि, आप बहुत खूबसूरत हो, तो वह शरमा गई थी. और फिर मैंने उसको कहा कि, प्लीज… तो फिर उसने फिर से अपने पति की तरफ देखा और फिर उसने मुझसे कहा कि, चलो लिखो और फिर उसने अपना नम्बर मुझको दे दिया था. और फिर मैं तुरन्त ही वहाँ से हट गया था और फिर मैंने अपना मोबाइल निकालकर उसका नम्बर उसमें सेव किया और फिर मैंने उसके नम्बर पर घन्टी करी और काट दिया तो वह पीछे से मुझको देखने लग गई थी तो मैंने इशारे से उसको कहा कि, यह मेरा नम्बर है. और फिर वह अपने पति के साथ चली गई थी. और फिर अगले दिन दशहरा था तो मैंने उसको फोन किया और उसने हैल्लो बोला तो फिर मैंने उसको कहा कि, कल आपने मुझको अपना नम्बर दिया था ना. तो उसने मुझसे कहा कि, क्या काम है मुझसे? तो मैंने उसको कहा कि, बस आप मुझे अच्छी लगी और मैं आपसे बात करना चाहता था, इसलिए मैंने आपको फोन किया है. और फिर हम सामान्य बातें करने लगे और फिर उसको कोई काम आ गया तो उसने फोन रख दिया था।

और फिर मैंने 3-4 दिन तक उसको फोन नहीं किया तो अगले दिन उसका मिस कॉल आया. और फिर मैंने उसको फोन किया तो उसने फोन उठाया और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, क्या हुआ? 3-4 दिनों से तुमने फोन ही नहीं किया. तो फिर मैंने उसको कहा कि, मैं किसी काम में थोड़ा व्यस्त था. और फिर मैंने उससे पूछा कि, आप क्या कर रही हो अभी? तो उसने मुझको बताया कि, घर पर कोई नहीं है तो मेरा मन भी नहीं लग रहा था इसीलिए मैंने तुम्हें फोन कर दिया. तो फिर मैंने उससे पूछा कि, आपके घर के बाकी सब लोग कहाँ गये है? तो उसने मुझको बताया कि, मेरे ससुर की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए उनको हॉस्पिटल लेकर गये है और सास भी साथ में गई है. और फिर मैंने उसको कहा कि, मेरा भी आपसे मिलने का बहुत मन कर रहा है. तो उसने मुझसे कहा कि, हम कैसे और कहाँ मिलेंगे? तो फिर मैंने उसको कहा कि, आपके घर पर. तो फिर उसने मुझको कहा कि, नहीं, मेरे पडौस में बहुत सारे लोग रहते है. तो फिर मैंने उसको कहा कि, कोई बात नहीं, मैं एक सेल्समन बनकर आ जाऊंगा. लेकिन उसने मुझको मना कर दिया और फिर उसने मुझसे कहा कि, अगर मेरे पति और सास ससुर आज वापस नहीं आएँगे. तो तुम शाम को अँधेरा होने के बाद आ सकते हो और उसने यह भी कहा कि, मैं तुम्हे शाम को फोन कर दूँगी और फिर उसने फोन रख दिया. और फिर मैं बैचनी से उसके फोन का इन्तजार करने लग गया था और फिर शाम को 7.00 बजे उसका फोन आया और उसने मुझसे कहा कि, अब तुम आ सकते हो. और फिर मैंने मन ही मन खुश होते हुए फोन रखा और फिर मैं तैयार होकर उसके घर की तरफ निकल गया. और फिर उसके घर से कुछ दूर मैंने अपनी बाइक खड़ी करी और फिर सबकी नजरों से बचते हुए मैं उसके घर के दरवाजे पर पहुँचा. और फिर जैसे ही मैंने दरवाजे की घन्टी बजाई तो उसने दरवाजा खोला और अन्दर बुलाया।

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और फिर मैंने उससे पूछा कि, आपका बेटा कहाँ है? तो उसने मुझको कहा कि, मैंने उसको सुला दिया है वरना वह अपने पापा से सब कुछ बोल देगा कि, एक अंकल घर पर आए थे. दोस्तों उसने उस समय एक गुलाबी रंग की साड़ी पहन रखी थी जो कि, उसकी नाभि से थोड़ी नीचे थी और ब्लाउस से भी उसके बब्स की लाइन दिख रही थी, और मैं उसको घूरे जा रहा था. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, ऐसे क्या देख रहे हो? तुमने कभी कोई औरत नहीं देखी है क्या? तो मैंने उसको कहा कि, औरतें तो बहुत देखी है लेकिन आप जितनी खूबसूरत कभी नहीं देखी, आपके पति कितने खुशनसीब होंगे. और फिर उसने कहा अब तुम मेरी इतनी भी तारीफ मत करो कि, मुझको खुद पर घमंड होने लग जाए. तो फिर मैंने उसको कहा कि, आप हो ही तारीफ के काबिल. और फिर उसने मुझको कहा कि, तुम बैठो और मैं तुम्हारे लिये चाय लेकर आती हूँ. और फिर मैं सोफे पर बैठकर उसके घर को देखने लगा और फिर मैं उठकर किचन की तरफ जाने लगा. वह वहाँ पर खड़ी होकर चाय बना रही थी. दोस्तों जब मैंने उसको पीछे से देखा तो एकबार तो मेरा मन हुआ कि, अभी उसकी साड़ी उठाकर उसकी गांड को चाट लूँ. और फिर उसने पलटकर मुझे देखा और कहा कि, तुम बैठो में चाय लेकर आती हूँ. तो फिर मैंने उसको कहा कि, कोई बात नहीं मैं यहीं ठीक हूँ आपके पीछे. तो फिर उसने पलटकर मुझको एक शरारती सी मुस्कान दी और फिर वह चाय लेकर आई और हमने चाय पी. और फिर उसने मुझको कहा कि, तुम यहाँ से जल्दी चले जाना, वरना कोई आ गया तो मुसीबत हो जाएगी. तो फिर मैंने उसको कहा की ठीक है और फिर वह बेडरूम में गई और वहाँ से उसने मुझे आवाज दी और मैं बेडरूम में उसके पास गया तो वह मुझे मदद करने को कह रही थी। और फिर मैंने अनजान बनते हुए उसकी मदद के बहाने से अपना एक हाथ उसकी गांड पर रख दिया लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं कहा. और फिर मैं उसकी गांड की दरार को अपने हाथ से सहलाने लगा तो उसने मेरी तरफ देखा और कहा कि, तुमको मेरी पीछे की साइड इतनी अच्छी लगती है क्या?

तो फिर मैंने थोड़ा जोर से उसकी गांड को पकड़ा और उसके बिल्कुल पास जाकर उससे कहा कि, मैंने जब से इसको देखा है तब से मैं तो बस इसका दीवाना हो गया हूँ और फिर मैं उसके सामने अपने घुटनों पर बैठ गया और फिर मैंने उसकी गांड को जोर से पकड़ लिया और फिर मैं फिर उसकी नाभि पर किस करने लगा तो वह एकदम से मचल गई थी. और फिर उसने मेरे सिर को जोर से पकड़ लिया और कहा आहह प्लीज़ राज. फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और उसकी नाभि को किस करने लगा तो उसने अपने दोनों पैरों को मोड़ लिया था. तो फिर मैंने उसकी साड़ी को उसकी जाँघ तक उठा लिया और उसकी जाँघ को जीभ से चाटने लगा और वह बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लग गई थी. और फिर मैं उसके ऊपर आकर उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बब्स को दबाने लगा तो वह आहह… कर रही थी और तड़प रही थी. और फिर मैंने उसके ब्लाउज को खोल दिया था और फिर उसकी ब्रा में से उसके बब्स को निकालकर मैं उसके निप्पल को चूसने लग गया था. और फिर 10 मिनट तक उसके बब्स के निप्पल को चूसने के बाद मैंने नीचे से उसकी साड़ी को पूरा कमर तक उठा दिया था. उसने उस समय अन्दर पैन्टी नहीं पहनी थी उसकी चूत बिल्कुल साफ और बिना बालों वाली थी, एकदम किसी 18 साल की लड़की की तरह. और फिर मैं उसकी चूत को चाटने लग गया था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर वह भी मेरे सिर को अपनी चूत पर जोर से दबाने लग गई थी. 5-7 मिनट तक उसकी चूत को चाटने के बाद उसने मुझसे कहा कि, प्लीज़ राज अब कुछ करो मुझसे अब और सहन नहीं हो रहा है. और फिर मैंने अपनी पेन्ट को खोला और अपने 7.5” के लंड को बाहर निकालकर उसकी चूत के ऊपर रखा तो उसकी चूत एकदम आग की भट्टी की तरह जल रही थी. और फिर उसने मुझसे कहा कि, प्लीज अब मुझको और मत तड़पाव और अब डाल भी दो वरना मैं मर जाऊँगी. तो फिर मैंने धीरे से अपने लंड का टोपा उसकी चूत में घुसाया तो वह थोड़ी सी तड़प उठी थी. और फिर उसने नीचे से अपनी गांड थोड़ी ऊपर उठाई तो मेरा लंड आधा उसकी चूत में घुस गया था और वह पूरी तरह से तड़प गई थी. और फिर मैंने एक जोर का झटका मारा तो उसके मुहँ से एक चीख निकल गई थी।

दोस्तों अब मैं उसके ऊपर आ गया था और उसके होठों को चूसने लग गया था. और फिर कुछ देर उसको चूमने के बाद मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत में धक्के देना शुरू किया तो वह भी मेरा साथ देने लग गई थी और साथ ही वह मुझसे कहती भी जा रही थी कि, आहह… राज चोदो मुझे, तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है, आज तो यह मेरी चूत को फाड़ ही देगा मेरे राज, फाड़ दो मेरी चूत को, आज तो कसम से बहुत मजा आ रहा है तुम्हारे लंड से. अब तो मैं हमेशा तुमसे ही चुदवाऊँगी, आज से मैं तुम्हारी रंडी हूँ. मेरी चूत का भोसड़ा बना दो और फिर मेरी गांड भी तुम्ही ही मारना. मैंने आज तक कभी गांड भी नहीं मरवाई है. अब तुमसे ही अपनी गांड भी मरवाऊँगी. आहह… बहुत मजा आ रहा है. आहह… ऊईइ…

और फिर मैंने तेजी से धक्के देना चालू किया और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया. और फिर वह अकड़कर के झड़ गई थी और फिर मैं भी 8-10 धक्कों के बाद उसकी चूत में ही झड़ गया। और फिर हम वैसे ही एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे, उसके बाद वह उठी और उसने मेरे होठों पर एक किस किया और फिर उसने मुझको धन्यवाद भी कहा और साथ ही यह भी कहा कि, अब तुम जाओ. अगर कल भी मौका मिला तो मैं तुम्हें बता दूँगी. कल तुम मेरी गांड भी फाड़ देना. और फिर मैंने एकबार और उसको पकड़कर उसकी गांड को सहलाया और चाटने लगा और फिर मैं वहाँ से चला आया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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