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कॉलेज वाली गर्लफ्रेंड की जबरदस्त सीलतोड़ चुदाई

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प्रेषक :- पवन…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम पवन है और मैंने भी आप सभी लोगों की तरह कामलीला डॉट कॉम पर आज तक बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और वह सभी मुझे बहुत ही अच्छी और बहुत ही मजेदार लगी है। उनको पढ़कर मुझको एक अजीब सा आनन्द मिलता है और आज मैं भी आप सभी को मेरे मन की और मेरे साथ हुई एक सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसके बारे में सिर्फ़ मुझको और मेरी गर्लफ्रेंड नीलू को ही पता है। दोस्तों यह कहानी मेरे और मेरे कॉलेज में पढ़ने वाली मेरी एक गर्लफ्रेंड की है जिसकी चुदाई करके मैंने और उसने खूब मज़े लूटे थे।

हाँ तो दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं अपनी एम.कॉम की पढ़ाई कर रहा था तो उस समय मेरे साथ एक नीलू नाम की लड़की भी पढ़ती थी. दोस्तों जबसे मैंने उसको देखा था तो बस मैं उसको चोदने के बारे में ही सोचता रहता था क्योंकि वह थी ही इतनी खूबसूरत और सेक्सी थी और उसका फिगर भी 32-28-34 का बहुत ही कमाल का था. मैं जब भी उसके हुस्न को देखता था तो मेरी पैन्ट के अंदर तम्बू बन जाता था और मेरा लंड एकदम से कड़क हो जाता था। दोस्तों यह बात तो आप भी जानते हो की जब भी हम कोई सेक्सी लड़की को देखते है तो अपने आप ही हमारा हाथ नीचे की और चला जाता है और हम लंड को खुजाने लग जाते है ऐसा ही मेरे साथ हो रहा था और बस मैं उसे किसी भी तरीके से चोदना चाहता था। और फिर एक दिन मैंने मौका देखकर उससे अपने प्यार का इजहार भी कर दिया था लेकिन उसने उसका कोई जवाब नहीं दिया था. तो फिर मैंने सोचा कि, शायद उसे मेरी बात का बुरा लगा है, क्योंकि वह अगले दिन क्लास में भी नहीं आई थी। और फिर जब उसके अगले दिन जब वह क्लास में आई तो मुझे कुछ शान्ति मिली और फिर मैं सोचने लगा कि, चलो कोई गड़बड़ वाली बात नहीं है। दोस्तों उस दिन वह गजब की मस्त लग रही थी, उस दिन उसने लाल रंग का सूट और मैचिंग की सलवार पहनी हुई थी. और फिर इससे पहले कि, मैं उससे बात करता वह खुद ही मेरे पास आ गई थी. और फिर वह मुझको एक कागज देकर चली गई थी. और फिर मैंने भी जल्दी-जल्दी में उस कागज को खोलकर देखा तो उसमें उसका फोन नम्बर लिखा था. दोस्तों उसके बाद तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा था।

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और फिर हम दोनों की फोन पर बातें शुरू हो गई थी और अब तो हम दोनों कॉलेज से बाहर भी आपस में मिलने लग गए थे. लेकिन मेरा तो बस उसको एकबार चोदने का बड़ा मन कर रहा था. और फिर एक दिन मेरे मम्मी-पापा हमारे किसी रिश्तेदार के यहाँ प्रोग्राम में कही बाहर गये हुए थे और मैं घर पर अकेला ही था और फिर अचानक से मेरे मन में आया कि, क्यों ना आज नीलू को अपने घर पर बुलाकर चोद लिया जाये! और फिर मैंने उसी वक़्त उसे फोन मिलाया और कहा कि, आज मैं कॉलेज नहीं आऊँगा क्योंकि मेरे घर पर कोई भी नहीं है, तो फिर वह मेरी बात को सुनकर कुछ मायूस सी लगी तो मैंने उसको कहा कि, तुम भी यहाँ पर आ जाओ ना मेरे पास मैं भी अकेला घर पर बोर हो रहा हूँ। पहले तो उसने मुझको आने के लिये मना कर दिया था लेकिन फिर मेरे ज़ोर देने पर वह मान भी गई थी. तो फिर मैं उसे लेने के लिये कॉलेज की तरफ निकल पड़ा था. और फिर उसको लेकर वापस अपने घर की तरफ जाते समय हम लोग कुछ आइसक्रीम वगेरह भी ले आए थे लेकिन मेरे दिल में तो कुछ और ही चल रहा था, मुझे तो उसकी चूत की आइसक्रीम खानी थी। घर जाने के बाद हमने कॉफी पी और फिर वह मेरा घर देखने लगी. अपना घर दिखाने के बाद मैं उसे अपने कमरे में ले आया था. और फिर कमरे में जाते ही मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया था क्योंकि मैं इस मौके को गवाना नहीं चाहता था. और फिर मैं उसको बेतहाशा चूमने लगा और उसके बब्स को भी दबाने लग गया था जिसकी वजह से उसे दर्द होने लगा था और वह ऊहहह… आहहह… इस्सस… की आवाज़ करने लग गई थी।

और फिर वह मुझसे बोली कि, थोड़ा आराम से करो ना मुझे दर्द हो रहा है. और फिर मैंने उसका टॉप उतारा और फिर मैंने उसके बब्स को उसकी ब्रा से भी आज़ाद कर दिया था. और फिर मैं उसके बब्स को अपने मुहँ में भरकर चूसने लग गया था और मेरे ऐसा करने से अब उसे भी मज़ा आने लग गया था। और फिर मैंने धीरे-धीरे अपने एक हाथ से उसकी जीन्स की पेन्ट का बटन खोल दिया था. और फिर मैंने अपने एक हाथ को उसकी चिकनी चूत तक पहुँचा दिया था. दोस्तों अब तो वह भी मेरी हरकतों का मज़ा लेने लग गई थी। दोस्तों मैं अपने दूसरे हाथ से उसके गोल-मटोल कूल्हों को सहलाता भी जा रहा था जिससे अब वह मदहोश सी होने लग गई थी और उसकी आँखें भी बन्द सी होने लग गई थी. और फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया था और फिर मैंने उसकी जीन्स की पेन्ट और उसकी पैन्टी भी उसके बदन से अलग कर दी थी और फिर वह मेरे सामने अब एकदम नंगी लेटी हुई थी और मुझसे अब बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था और उसकी चूत भी एकदम रसीली हो चुकी थी। और फिर मैंने उसकी दोनों टाँगें हवा में उठाई और फिर उसकी चूत के सामने बैठकर उसकी चूत पर अपनी जीभ लगाकर चाटना शुरू कर दिया था. दोस्तों उसकी चूत की सील भी बन्द थी जो मेरे लिये और भी मज़े की बात थी। और फिर थोड़ी देर तक उसकी चूत को चाटने के बाद वह पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और उसके मुहँ से आहहह… उफ्फ्फ…. इस्सस… की आवाजें आ रही थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैंने अपना 6.5 इंच का लम्बा लंड उसकी चूत पर थोड़ी देर तक रगड़ा और फिर मैंने मौका देखकर एक धक्का मारा तो वह एकदम से कराह उठी थी लेकिन वह तो मज़े की कराहट थी. और फिर उसके बाद 2-3 बार और धक्के देने के बाद मेरे लंड का अगला हिस्सा उसकी चूत में घुस गया था और उसकी चूत की सील भी टूट गई थी। और फिर वह बहुत ज़ोर से चिल्लाई थी लेकिन मैंने उसके मुहँ में अपना मुहँ डालकर उसकी चीख को दबा दिया था लेकिन उसका दर्द अब उसकी आँखों से आँसूं बनकर बह रहा था. दोस्तों मुझको तो उस समय उसकी चुदाई का नशा चढ़ा हुआ था तो फिर मैंने अब उसकी चूत में धक्के लगाने चालू कर रखे थे और फिर अब हमारी चुदाई जोरों पर थी और वह भी जोर-जोर से आहहह… ऊहहह… कर रही थी और मज़ा भी ले रही थी और हम दोनों चुदाई का पूरा मजा ले रहे थे. और फिर करीब 10 मिनट के बाद वह एकदम अकड़ते हुए झड़ गई थी. और फिर मुझे ऐसा लगा कि, जैसे किसी ने मेरे लंड पर गरम-गरम पानी डाल दिया हो, लेकिन मेरा काम अभी पूरा नहीं हुआ था तो मैं उसे ताबड़तोड़ चोदे जा रहा था. और फिर करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैं भी झड़ गया था और मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया था। और फिर कुछ देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहने के बाद हम दोनों अलग हुए तो मैंने देखा कि, बिस्तर की चादर उसकी चूत के खून से लाल हो गई थी. उसके बाद हम दोनों एक साथ नहाए और फिर मैंने बाथरूम में भी उसकी एकबार और चूत मारी थी। और फिर हम नहाकर बाथरूम से बाहर आ गये थे और फिर हमने बैठकर खूब सारी बातें करके आइसक्रीम भी खाई. और फिर मैंने एक बात पर ध्यान दिया कि, नीलू ठीक से चल भी नहीं पा रही थी और फिर थोड़ी देर के बाद मैं उसे उसके घर के पास छोड़ आया था. उस दिन के बाद तो हमको जब भी मौका मिलता है तो हम दोनों मिलकर आज भी खूब जमकर चुदाई करते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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