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 गर्लफ्रेंड की कॉलेज ट्यूर पर जबरदस्त चुदाई

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प्रेषक :- वैभव…

हाय फ्रेंड्स, कामलीला डॉट कॉम के सभी पाठकों का मेरा प्यारभरा नमस्कार। मेरा नाम वैभव है, मेरी उम्र 28  साल की है और मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूँ। आज मैं आपको अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ।

दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था, और उस समय मेरी उम्र 24 साल की थी उस समय गर्मी का मौसम था और हमारे कॉलेज का ट्यूर उन दिनों मसूरी जा रहा था। मेरे कॉलेज में लड़के और लड़कियाँ दोनों ही पढ़ते थे मेरी क्लास में एक लड़की थी जिसका नाम ज्योति था और उसकी उम्र लगभग 22 साल की थी और उसकी लम्बाई 5.6 फुट की है और उसका फिगर 32-28-34 का था. उसका रंग एकदम गोरा था और उसकी बड़ी-बड़ी आँखें, गुलाबी होंठ, खूब फूले हुए बब्स और भरी पूरी गांड और उनसे नीचे उतरती उसकी सुडोल जाँघें, वह बहुत ही प्यारी और सेक्सी लड़की थी। कॉलेज के सभी लड़के उसपर लाइन मारने की कोशिश करते थे लेकिन मेरे साथ उसकी बहुत पटती थी और सयोंग से वह भी ट्यूर पर जा रही थी मुझे उस समय लगा कि, इससे अच्छा मौका मुझको दुबारा नहीं मिलेगा ज्योति से अपने दिल की बात कहने का इसलिए मैं भी ट्यूर पर जाने के लिए तैयार हो गया। जिस दिन हमको ट्यूर पर जाना था उस दिन सभी लोग अपना-अपना सामान लेकर सुबह 9 बजे कॉलेज में बस के पास पहुँच गये थे। ज्योति ने उस समय एक नीली जीन्स और गुलाबी रंग का टॉप पहना था और वह उसमें बहुत ही सेक्सी लग रही थी। और फिर वह मुझे देखकर मुस्कुराई और फिर जाकर बस में बैठ गई थी उसके बाद मैं भी बस में चढ़ गया था। और फिर मैंने देखा कि, ज्योति के बगल वाली सीट खाली थी इसलिए मैं जल्दी से जाकर वहाँ बैठ गया था और फिर बस मसूरी के लिए रवाना हो गई। बस की सीट बहुत छोटी थी इसलिए ज्योति मुझसे चिपककर कर बैठी थी और वह मुझे देखकर बार-बार हल्के से मुस्कुरा देती थी और फिर वह खिड़की से बाहर देखने लग जाती थी इससे मेरा उत्साह और बढ़ गया था। और फिर मैंने मौका देखकर धीरे से उसे आई.लव.यू. बोल दिया था उसने भी मुस्कुरा के सहमति दे दी. खैर दोपहर तक हम लोग मसूरी पहुँच गये।

और फिर शाम तक सभी लोग पहाड़ियों पर घूमे और मैं और ज्योति भी साथ-साथ ही थे मैं बीच-बीच में मौका देखकर उसे चूम लेता, और उसके बब्स भी दबा देता था जिससे उसे भी मज़ा आता था। और फिर शाम को सब लोग होटल वापस जाने लगे यहाँ पर मैं आपको बता दूँ कि, होटल में सबके लिए एक-एक कमरा बुक था और मैंने रास्ते में ही ज्योति से रात में मिलने की योजना बना ली थी। और फिर होटल पहुँचकर सभी लोग हाथ-मुहँ धोकर तैयार हुए और फिर सभी ने होटल के रेस्टोरेन्ट में खाना खाया उसके बाद सब लोग अपने-अपने कमरे में चले गये थे और मैं भी अपने कमरे में चला गया था। और फिर रात में करीब 10-10.30 बजे सभी लोग सो गये थे तो मैं धीरे से अपने कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर आया और फिर मैंने ज्योति के कमरे के दरवाजे पर धीरे से तीन बार ठक-ठक किया। मैंने उसे पहले ही बताया था इस सिग्नल के बारे में कि, मैं ऐसा करूँगा. और फिर ज्योति ने धीरे से दरवाजा खोला और फिर मेरे अंदर आने पर दरवाजा बन्द कर दिया था। मैंने अन्दर जाते ही देखा कि, उसने उस समय गुलाबी रंग का एक पारदर्शी गाउन पहन रखा था मैं अन्दर जाकर बेड पर बैठा था और वह भी आकर मेरे बगल में बैठ गई थी पर मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था. कि, मैं क्या करूँ. और फिर मैंने उसके हाथों को अपने हाथों में ले लिया और उसे चूम लिया तो वह शरमाने लगी। और फिर मैंने उससे पूछा कि, तुमने पहले किसी के साथ सेक्स नहीं किया? तो ज्योति ने शरामते हुए बोला कि, नहीं, अभी तक मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था और ना ही मैंने किसी के साथ यह सब किया है। और फिर मैंने उससे पूछा कि, यह सब क्या? तो वह शरमाते हुए बोली, सेक्स! मैंने उससे कहा कि, क्या तुम मेरे साथ करोगी? तो उसने कुछ नहीं कहा और मुस्कुराते हुए अपनी नज़रें झुका ली। और फिर मैं समझ गया था कि, वह हाँ कहने में शरमा रही है और फिर मैंने अपने हाथ से उसका चेहरा ऊपर उठाया और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और फिर मैं उसको चूमने लगा। और फिर वह भी मेरा साथ देने लगी मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी थी और फिर 10 मिनट तक उसका मुँह चूमता रहा और ज्योति तब तक एकदम गरम हो चुकी थी। और फिर मैं अपना दूसरा हाथ उसके गाउन के नीचे से उसकी चूत पर ले गया और फिर मैंने देखा कि, उसने पैन्टी नहीं पहन रखी थी और उसकी चूत गीली हो चुकी थी। और फिर मैं अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में घुसाने लगा तो वह मुझसे बोली कि, उफ़फ्फ़! इसे बाहर निकालो मुझको बहुत दर्द हो रहा है। तो मैंने उससे बोला कि, पहली बार दर्द होता है और फिर बाद में तुमको भी मज़ा आने लगेगा। और फिर मैं अपनी ऊँगली को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा और वह जोर से सिसकारी लेने लगी। और फिर मैंने उठकर अपना पज़ामा भी उतार दिया था और अंडरवियर में से अपना लंड निकालकर उसके हाथों में दे दिया था और उसको हिलाने को कहा तो वह शरमाकर अपनी आँखें बन्द करने लगी। तो मैंने उसको कहा कि, ऐसे करने से बहुत मज़ा आता है।

तो फिर वह धीरे-धीरे मेरे लंड को हिलाने लगी और फिर मैंने धीरे से उसका गाउन भी निकाल दिया था। उसने उसके अन्दर कुछ भी नहीं पहन रखा था और फिर उसका हाथ हटाकर मैंने अपने सारे कपड़े भी उतार दिए थे और अब हम दोनों एकदम नंगे हो गये थे. और फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह के पास ले जाकर कहा कि, इसे अपने मुँह में डालो। पहले तो उसने मना किया लेकिन बाद में वह मान गई थी। और फिर धीरे से मेरे लंड का टोपा उसने अपने होठों के बीच में रखा और फिर वह उसे चाटने लगी। और फिर मैंने हल्के से धक्का लगाया और मेरा पूरा लंड उसके गले तक चला गया था। और फिर मैं अपना लंड तेज़ी से उसके मुहँ में अन्दर-बाहर करने लगा और साथ ही अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को भी मसलने लगा।  और फिर कुछ देर के बाद मैं झड़ने लगा और मैंने अपना पूरा वीर्य उसके मुँह में ही छोड़ दिया था और उसने मेरा पूरा वीर्य पी लिया था। और फिर मैंने उसे धीरे से पलंग पर लिटा दिया और उसकी टाँगे फैलाकर उनके बीच में बैठ गया था और फिर मैंने अपनी जीभ की नोक जैसे ही उसकी चूत के दाने पर लगाई तो वह तड़प उठी और ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भरने लगी। और साथ ही वह मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगी और फिर वह मुझसे बोली कि, उफफफ्फ़! और तेज़ी से चाटो मुझको आहह… बड़ा मज़ा आ रहा है। और फिर मैं काफ़ी देर तक उसकी चूत को चाटता रहा इस दौरान वह भी दो बार झड़ गई थी अब वह बिल्कुल गरम हो चुकी थी और चुदवाने के लिए बुरी तरह से तड़पने लगी थी। और फिर उसने तड़पते हुए मुझसे कहा कि, अब मुझे और मत तड़पाओ और जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो, मुझे जल्दी से चोद दो। उसके मुँह से यह सब सुनकर मैं रोमांचित हो गया और फिर मैंने उठकर अपना लंड उसके मुँह में फिर से डाल दिया था और थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रख दिया और मैंने जैसे ही हल्का सा धक्का लगाया तो वह दर्द से तड़प उठी और थोड़ा सा पीछे हट गई थी। और फिर मैंने अपने होंठ दुबारा उसके होठों पर रखकर धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और वह दर्द से तड़पने लगी और उसकी आँखों से आँसू भी बहने लग गए थे और मैंने देखा कि, उसकी चूत से खून भी निकल रहा था और फिर मैं धीरे-धीरे अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा। और फिर कुछ देर के बाद उसे भी मजा आने लगा और वह भी अपने कुल्हे उठा-उठाकर मेरा पूरा साथ दे रही थी। और हमारी उस चुदाई से पूरे कमरे में फच-फच की मादक सी आवाजें आने लगी थी और फिर काफ़ी देर तक मैं उसे ऐसे ही चोदता रहा और फिर मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वह उठकर घोड़ी बन गई। और फिर मैंने उसके पीछे से जाकर अपना लंड उसकी चूत में लगाया और एक जोरदार धक्का लगाया और मैंने इस बार अपना पूरा का पूरा लंड उसकी छत के अन्दर घुसा दिया था। उस हमले से वह तड़प उठी थी और वह मुझसे कहने लगी कि, आहह…… उईईईईई… और तेज़ी से करो। इस दौरान वह तीन बार झड़ गई थी। उसके बाद उसने अपनी चूत को सिकोड लिया तो मेरा लंड फिर तेज़ी से उसकी चिकनी चूत की दीवारों से रगड़ खाने लगा और फिर कुछ देर के बाद मैं भी झड़ने वाला था, तो फिर मैंने उसको कहा कि, मैं झड़ने वाला हूँ! तो वह मुझसे बोली कि, मेरी चूत में ही झड़ जाओ।

और फिर मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और अपना सारा का सारा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया था और उसकी चूत पूरी मेरे वीर्य से भर गई थी। और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया था और फिर उसकी चूत से मेरा वीर्य बाहर निकलता हुआ उसकी गांड के छेद पर जा रहा था। और फिर उसने मेरा लंड अपनी जीभ से चाटकर साफ कर दिया था और फिर उसने अपनी चूत को भी रुमाल से साफ कर लिया था। और फिर हमने अपने कपड़े पहन लिए थे। वह मुझसे नज़रें नहीं मिला पा रही थी और फिर मैंने उसके होठों पर किस लिया और फिर चुपचाप से अपने कमरे में आ गया था और फिर सुबह उठकर सब लोग तैयार होकर बस में आकर बैठ गये थे वह फिर से मेरे बगल में बैठी थी, लेकिन वह शरमा रही थी और फिर हम लोग अपने घर पहुँच गये थे उसके बाद भी मेरे और ज्योति के बीच बहुत कुछ हुआ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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