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चाची की चूत और गांड ने करी मेरे लंड की मेहमान नवाजी

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प्रेषक :- रमेश…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम रमेश है, मेरी उम्र 29 साल की है और मैं कानपुर का रहने वाला हूँ, मैं कामलीला डॉट कॉम का आप सभी की तरह ही एक नियमित पाठक हूँ। और आज मैं भी आप सभी के साथ अपने जीवन की एक आपबीती को साझा करना चाहता हूँ इसलिए आज मैं मेरे जीवन का यह किस्सा आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ।

दोस्तों मेरी बीवी मुझसे कुछ भी नहीं छुपाती है ऐसे ही अक्सर वह मुझे बताती रहती है कि, वह अपने मायके में अपनी चाची को भी सबकुछ बताती है यहाँ तक कि, वह दोनों सेक्स के बारे में भी बात करती है और अपने सेक्स अनुभव भी एक दूसरे को बताती रहती है. मेरी बीवी मुझको भी बताती रहती है कि, उसकी चाची और चाचा लगभग रोज़ ही सेक्स करते है। चाची की उम्र 35 साल है और उनके 2 छोटे बच्चे भी है, फिर भी चाचा चाची आए दिन सेक्स के मज़े लेते रहते है. बीवी की यह बात सुनते-सुनते मेरे अन्दर चाची को चोदने की जबरदस्त इच्छा पैदा हो गई थी. दोस्तों इतना तो मुझे समझ में आ गया था कि, चाची भी सेक्स की बड़ी दिवानी है और मौका लगने पर उसको चोदा भी जा सकता है. दोस्तों मुझे गांड मारने का बड़ा शौक है और मैं अक्सर अपनी बीवी की गांड ही मारता हूँ और मेरी बीवी चाची से यह बात कह भी चुकी थी। ऐसे ही एकबार मैं अपने ससुराल में घूमने के लिए गया हुआ था. यह बात वहाँ पर रुकने के 2 दिन बाद की बात है, वहाँ पर घर के सारे सदस्य घूमने के लिए कहीं बाहर गये हुए थे और उनके साथ मेरी बीवी भी गई हुई थी. मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए मैं उनके साथ में नहीं गया था। घर में मैं और मेरी मदद के लिए चाची रुक गई थी. और फिर थोड़ी देर के बाद चाची ने मुझे अपने कमरे में बुलाया था चाय पीने के लिए। मेरे उनके कमरे में पहुँचते ही उन्होंने कमरे का दरवाजा बन्द करके अन्दर से कुण्डी लगा दी थी और फिर वह अपने कमरे में चाय बनाने लग गई थी और मैं सोफे पर बैठा था. और फिर चाची चाय और बिस्कट ले आई थी और फिर उन्होंने एक चाय मुझे पकड़ाकर दूसरी चाय खुद लेकर वह मेरे बाजू में बैठ गई थी. हालांकि अब तक हमारे बीच कुछ ऐसा नहीं हुआ था, पर मेरी बीवी की बताई बातें मेरे दिमाग़ में घूम रही थी और उस पर मैं और चाची एक बन्द कमरे में एक ही सोफे पर बैठे हुए थे।

और फिर हम चाय पीते-पीते इधर-उधर की बातें करने लगे थे. चाय पीते-पीते ही मैं चाची से अपनी नज़रे चुराकर चाची के बदन को उनके सिर से लेकर पैर तक देख रहा था. दोस्तों चाची वैसे तो दिखने में कुछ खास नहीं थी और नां ही उनका बदन बहुत सेक्सी था। पर एक चीज़ उनमें बहुत अच्छी और वह थी उनकी गोल-गोल गदराई हुई गांड। और फिर बातें करते-करते चाची मुझसे बोली कि, अच्छा मैंने सुना है कि, तुम अपनी बीवी को बड़ा परेशान करते हो? तो फिर मैंने उनको बोला कि, चाची आपको ऐसा क्यों लगा? मैं तो उसको बिल्कुल भी परेशान नहीं करता. तो फिर चाची मुझसे बोली कि, सुमन (मेरी बीवी का नाम) बता रही थी कि, सेक्स करते वक्त तुम उसको बड़ा ही परेशान करते हो. उसकी यह बात चाची के मुहँ से सुनकर मैं एकदम से हैरान हो गया और थोड़ा शरमा भी गया था लेकिन मैं उनसे कुछ नहीं बोला था. और फिर चाची मुझसे बोली कि, तुमने मेरी बात का जवाब नहीं दिया? वैसे तो तेरे चाचा भी मुझे रोज़ ही चोदते है, पर वह मुझको कभी परेशान नहीं करते तो तुम क्यों परेशान करते हो सुमन को? दोस्तों चाची के मुहँ से “चोदना” शब्द सुनकर एकदम से मैं हेरान रह गया था और फिर शरमाते हुए मैंने उनको बोला कि, चाची यह आप कैसी बातें कर रही हो?

तो फिर चाची ने मुझको कहा कि, देख मुझे सब पता है, सुमन मुझको सारी बातें बताती है और मैं भी सुमन को सब बातें बताती हूँ. और तो और मुझे तो यह भी पता है कि, वह मेरी सेक्स की बातें तुमको भी बताती है, कि, कैसे तेरे चाचा मुझे चोदते है। दोस्तों चाची की बातें सुनकर मुझे हैरानी और शरम दोनों महसूस हो रहे थे पर चाची ने मुझको यह कहा कि, मैं उनके सेक्स जीवन के बारे में सब कुछ जानती हूँ तो मेरी शरम कुछ-कुछ कम होने लग गई थी और मुझको यह अंदाजा भी हो गया था कि, चाची की नियत भी कुछ ठीक नहीं है और शायद उनको चोदने की मेरी ख्वाहिश भी जल्द ही पूरी होने वाली है. लेकिन फिर भी मैंने कुछ भी ना समझने का दिखावा करते हुए, उनको कहा कि, चाची आप यह क्या बोल रही है? और फिर चाची मुझसे चिपककर बैठ गई तो मेरे बदन में एक करंट सा दौड़ गया था. और फिर चाची आगे से मुझसे बोली कि, चलो अब और ज़्यादा भोले मत बनो, अगर तुझको मेरे सेक्स जीवन के बारे में सब पता है, तो मुझे भी तेरे और सुमन के सेक्स जीवन के बारे में सब कुछ पता है. और मुझे तो यह भी पता है कि, तुम्हारा कितना लम्बा और मोटा है, तुम अगर कहो तो मैं बताऊँ क्या? दोस्तों चाची की इस बात ने तो मेरे होश ही उड़ा दिए थे, पर अब भोला बनने में कुछ फ़ायदा नहीं था. तो फिर मैं उनसे बोला कि, चाची अब सब कुछ आपको पता है ही, तो मैं अब और क्या बोलू? पर आपको ऐसा क्यों लगा कि, मैं उसको परेशान करता हूँ? तो फिर चाची के मुहँ पर एक शैतानी मुस्कान दौड़ गई और वह फिर से मुझसे बोली कि, सुमन बता रही थी कि, तुम उसकी गांड भी मारते हो और इसमें तुम दोनों को बड़ा मज़ा आता है. और फिर मैंने अब शरम से अपना सिर झुका लिया था और चाची फिर से बोली कि, तेरे चाचा तो मुझे आए दिन चोदते है पर उन्होंने मेरी गांड कभी नहीं मारी. अब तुम शरमाओ मत और सुमन की तरह अब मुझसे खुलकर बात कर सकते हो। अच्छा चलो अब यह बताओ कि, गांड मारने में ऐसा क्या मज़ा आता है? दोस्तों मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि, चाची की बातों का मैं किस तरह से जवाब दूँ. और फिर मैंने चाची से बोला कि, चाची आपको किस तरह से बताऊँ कि, कितना मज़ा आता है गांड मारने में। तो फिर चाची ने झट से मुझसे कहा कि, कहकर नहीं बता सकते तो करके बता दो। और फिर मैं खुले मुहँ से चाची को देखने लगा और यह भी सोचने लगा कि, चाची तो मुझको खुली छूट दे रही है लेकिन फिर मैंने उनको कहा कि, चाची मैं कुछ समझा नहीं?

और फिर चाची ने मेरी पेन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड पर हाथ रखकर कहा कि, मैंने कहा कि, अगर बोल नहीं सकता, तो करके बता दे ना कि, गांड मारने में कितना मज़ा आता है? और फिर यह कहते-कहते तो वह मेरे लंड को मेरी पेन्ट के ऊपर से ही मसलने लग गई थी. मेरा लंड जो अब तक हुई बातों से आधा तो खड़ा हो ही चुका था और फिर वह चाची की इस हरकत से और भी कड़क और लम्बा होने लग गया था, जिसे अब चाची ने भी महसूस कर लिया था. और फिर मैं थोड़ा घबरा गया था और फिर मैंने उनका हाथ अलग करते हुए उनको कहा कि, चाची यह आप क्या कर रही है? मैं तो जा रहा हूँ और फिर मैं उठकर उनके कमरे से बाहर जाने लगा तो चाची दरवाजे के पास आई और मुझे पकड़कर पास में रखे पलंग की और ज़ोर से धक्का दिया और उससे मैं पीठ के बल पलंग पर जा गिरा। और फिर चाची झट से मेरे ऊपर चढ़ के लेट गई और फिर वह अपने एक हाथ से मेरे लंड को मसलते हुए मुझसे बोली कि, देख तेरा पप्पू तो सब कुछ समझ गया है और तू है कि, जो ना समझने का नाटक कर रहा है, आ अब अपनी चाची को भी एक बार गांड मरवाने का मज़ा दे दे। दोस्तों मैं उस समय एकदम असमंजस में था क्योंकि मैं जो चाहता था वही मौका मेरे हाथ में था, पर क्या करूँ और क्या ना करूँ मुझे कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था। और फिर इतने में चाची ने मेरी पेन्ट की चैन खोलकर अन्दर हाथ डालकर मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ लिया था. और अब मुझे ऐसा लग रहा था कि, मैं भी पकड़ के साली को आज मसल डालूँ, पर मैंने उनको बोला कि, चाची यह सब ग़लत है, आप मुझसे बड़ी है और रिश्ते में चाची लगती है मैं आपके साथ कैसे? तो फिर चाची मुझसे बोली कि, अब तू ज़्यादा होशियार तो मत बन मैं सब जानती हूँ कि, तू भी मुझे चोदना चाहता है, वरना तेरा यह पप्पू लोहे की रॉड की तरह ऐसे ही खड़ा नहीं हो जाता, अब शरमा मत और अपनी बीवी समझकर मुझको मज़ा दे और अब ज़्यादा नाटक करेगा तो मैं चिल्ला-चिल्लाकर सब लोगों को इकटट्टा करके बोलूँगी और कहूँगी कि, मुझे अकेला पाकर तूने मेरी इज़्ज़त लूटने की कोशिश की। बोल अब क्या बोलता है? तो फिर मैंने भी अब मौका और समय गवाना अच्छा नहीं समझा और चाची को ज़ोर से जकड़कर अपने सीने से चिपका लिया अभी तक चाची मेरे ऊपर थी और फिर चाची ने झट से पलटी मारी और मैं अब चाची के ऊपर आ गया था. और फिर मैं पागलों की तरह चाची के बदन को चूमने लगा। तो फिर चाची मुझसे बोली कि, अब देर मत करो “रमेश” चूमा-चाटी तो बाद में भी कर लेना, पहले जल्दी से मुझे चोदो सुमन से तुम्हारे लंड की इतनी तारीफ़ सुनकर मुझसे अब रहा नहीं जाता जल्दी से पेल दो मेरी चूत में अपने पप्पू को. दोस्तों मेरे अन्दर का सच तो यह था कि, उस समय मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था।

और फिर मैंने झट से चाची के और अपने कपड़े उतारना शुरु कर दिए थे और फिर 2 मिनट के बाद हम दोनों चाची के बिस्तर पर एकदम नंगे लेटे हुए थे. और फिर मैंने झट से चाची के टाँगें चौड़ी करी तो चाची की चूत पूरी तरह से गीली थी. शायद इतनी देर से सेक्स की बातें करते-करते उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया था। और फिर मैंने अपने लंड का टोपा झट से उनकी चूत पर रखा और एक हल्का सा झटका दिया तो मेरा लंड मोटा होने की वजह से जल्दी से उनकी चूत में जा नहीं रहा था पर उनकी चूत के गीलेपन ने चिकनाई का काम किया और मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस गया था. और फिर चाची के मुहँ से एक जोरदार सिसकारी निकल गई और उन्होंने अपनी टाँगें उठाकर मेरे पीछे ले जाकर मुझको ज़ोर से जकड़ लिया था और फिर वह मुझको धकेलने लगी और अपनी तरह खींचने भी लग गई थी और साथ ही साथ उन्होंने अपनी गांड भी ऊपर करी और फिर वह उसको भी उचकाने लग गई थी. और इधर मेरा हाल भी बुरा हो रहा था क्योंकि चाची की चूत गीली थी पर बहुत गरम भी थी. और फिर मेरे दूसरे झटके के साथ ही मेरा पूरा लंड अन्दर तक उनकी चूत में चला गया था. अब क्योंकि हम दोनों से रहा नहीं जा रहा था तो मैंने ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए थे और अब हम दोनों ही बहुत उतावले हो चुके थे और दोनों ही एक-दूसरे को ज़ोर के धक्के देकर साथ देने लग गए थे। और फिर 5 मिनट की चुदाई में ही वह झड़ गई थी और फिर 10 मिनट के बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने धक्के चालू रखते हुए कहा आहहह… इस्सस… अब मेरा पानी निकलने वाला है अन्दर डालूँ या बाहर? तो फिर चाची भी हाँफते हुए बोली कि, ओह राजा मैं तो तेरा पानी पीना चाहती हूँ पर अभी अन्दर ही छोड़ दे, पर तू तेरा लंड बाहर निकालना मत. और फिर 5-6 जोरदार झटकों के साथ ही मैंने अपने पानी की पिचकारी चाची की चूत में ही छोड़ दी थी और फिर मैं चाची के ऊपर ही निढाल हो गया था।

और फिर अगले 10-15 मिनट तक हम एक-दूसरे से चिपके हुए चुपचाप पड़े रहे. और फिर थोड़ी देर के बाद जब हम सामान्य हुए, तो मैंने उनको बोला कि, चाची तुम तो सचमुच बड़ी मज़ेदार चीज हो, अब समझ में आया कि, चाचा क्यों तुम्हें रोज़-रोज़ चोदते है। और फिर चाची भी मुझसे बोली कि, मेरे राजा तुम्हारा भी जवाब नहीं, बहुत ही धमाकेदार चुदाई करते हो, तभी सुमन तुम्हारे लंड की तारीफ़ करते हुए नहीं थकती है। सचमुच तुम्हारे लंड का जवाब नहीं अच्छा अब जल्दी से मेरी मुराद पूरी कर दो। सुमन के मुहँ से गांड की चुदाई की बातें सुन-सुनकर मेरी हालत खराब हो गई है. जल्दी से मेरी गांड को भी एकबार वह मज़ा दे दो. क्योंकि हमारी चुदाई अभी खत्म हुई थी, लेकिन मेरा लंड तो सिकुडकर छोटा हो गया था. और फिर मैंने उनको कहा कि, चाची बस एकबार पप्पू को फिर से तैयार हो जाने दो, फिर मैं आपकी यह इच्छा भी पूरी कर दूँगा, तो फिर चाची झटके से उठी और मेरे लंड को अपने हाथो में लेकर बोली कि, तुम इसकी चिंता मत करो मैं इसको अभी तैयार कर देती हूँ। और फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और चाची अपने पूरे सेक्स अनुभव का फ़ायदा उठाकर मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी, अपना थूँक लगाकर ऊपर-नीचे करके मसलने भी लगी. दोस्तों चाची की गांड मेरे मुहँ के सामने थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

उसकी गोल मटोल गांड जिसे मारने के मैं सपने देखता था, आज वह गांड एकदम नंगी मेरे सामने थी। उसकी गोल-गोल करारी गांड और उसमें से छोटा सा छेद जिसको देखकर ही मेरा लंड खड़ा होने लग गया था, और उसमें चाची का उसे मुहँ में लेना मसलना। और फिर मेरा लंड अगले 2 मिनट में ही पूरी तरह कड़क और लम्बा होकर तन गया था। और इधर मैं भी चाची की गांड को पागलों की तरह चाटने में लगा हुआ था. और फिर 5-7 मिनट की चूमा-चाटी के बाद मैंने चाची को घोड़ी बनने को कहा तो फिर चाची ने तुरन्त ही अपनी पोजीशन बदल ली थी. मेरा लंड चाची के थूँक में पूरी तरह से नहाया हुआ था. फिर भी मैंने पास में पड़ी तेल की शीशी से तोड़ा सा तेल निकालकर अपने लंड पर लगाया. दोस्तों गांड में लंड इतनी आसानी से नहीं जाता, इसके लिए उसका पूरी तरह कड़क होने के साथ-साथ अच्छे से गीलापन होना भी ज़रूरी है. अब मैंने चाची की गांड में अपनी एक ऊँगली डाली और फिर मैं उसे धीरे-धीरे अन्दर बाहर करने लगा जिससे चाची दर्द के मारे उचकने लग गई थी। और फिर मैंने उनको कहा कि, चाची आपका पहली बार है, इसलिए थोड़ा दर्द ज़रूर होगा पर आपको मज़ा भी बहुत आएगा और आपको उस मजे के लिये यह दर्द सहन करना ही पड़ेगा। तो फिर चाची ने मुझको कहा कि, मैं एकदम तैयार हूँ। मेरा लंड वापस ठण्डा ना पड़ जाए इसलिए मैंने बीच में ही घोड़ी स्टाइल में ही अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया था और फिर मैं एकदम से उसको अन्दर-बाहर करने लग गया था और फिर मैं साथ ही अपनी दूसरी ऊँगली भी उनकी गांड के अन्दर डालकर अन्दर-बाहर करने लग गया था. और थोड़ी ही देर में मेरी तीन ऊँगलियाँ उनकी गांड को चोद रही थी अब उनकी गांड पूरी तरह से तैयार थी चुदने के लिए। और फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत में से निकाला और अपने लंड का टोपा उनकी गांड के छेड़ पर रखकर हल्का सा झटका दिया, पर लंड फिसलकर साइड में सरक गया, 6-7 बार ऐसा हुआ और फिर इस बार लंड का टोपा पूरी तरह उनकी गांड में घुस गया था तो चाची फिर दर्द से उछल पड़ी थी मैं जानता था की चाची को दर्द होगा और वह हिलती रहेगी, इसलिए पहले तो मैंने उनकी कमर से उनको इतना कसके पकड़ा की वह एक इंच भी हिल ना पाए और फिर एक ज़ोर के झटके के साथ लंड को उनकी गांड में अन्दर तक पेल दिया. वह दर्द के मारे चिल्लाना चाह रही थी पर डर के मारे उन्होंने अपनी आवाज़ दबा दी थी। और मैं भी कुछ देर के लिए रुक गया और मैंने फिर से धीरे-धीरे झटके मारने शुरू कर दिए थे। दोस्तों चाची की गांड तो मेरी बीवी की गांड से भी मस्त और गरम थी।

और फिर मैंने उनको कहा कि, चाची क्या गांड है तुम्हारी, ऐसी गांड तो सुमन की भी नहीं है! कितना मज़ा आ रहा है, इसे चोदने में। और फिर थोड़ी ही देर में मेरी चुदाई की स्पीड बढ़ गई थी क्योंकि कुछ देर पहले ही मेरी पिचकारी चली थी तो मैं तो जानता था कि, इस बार कुछ ज्यादा समय लगेगा और मैं पूरे मज़े से अब उनकी गांड को चोद रहा था अब चाची को भी मज़ा आ रहा था। और वह बोल रही थी आहहह… जानन… सचमुच गांड चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है आहहह… ऊह्ह्ह…. कसके चोदो। चाची की गांड इतनी मज़ेदार थी कि, सब कुछ भूलकर मैं ज़ोर-ज़ोर से उनकी गांड मारने लगा. और फिर करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने वाला था तो जैसे ही मेरा पानी निकलने वाला था तो तुरंत मैंने अपना लंड उनकी गांड में से निकालकर उनके मुहँ में डाल दिया था और फिर मैं उनके मुहँ को चोदने लगा। चाची बन्द आँखों से मेरे लंड को गले तक अन्दर लेते हुए चूसने लगी और फिर 8-10 झटकों में मैंने गरमा-गरम फव्वारा उनके मुहँ में गले तक डाल दिया था और जब तक लंड से आख़िरी बूँद तक नहीं झड़ गई, मैंने लंड को बाहर नहीं निकाला और फिर अभी 5 मिनट ही हुए थे हमें आराम किए हुए कि, हमें बाकी घर वालों के आने की आहट सुनाई दी. और फिर हमने जल्दी जल्दी से अपने कपड़े पहने और मैं चाची के कमरे से बाहर निकलकर बाहर बने एक कमरे में चला गया और फिर मैं 5 मिनट के बाद बाहर आया, तो चाची बाकी घर वालों के साथ थी और वह सबसे हँस बोलकर ऐसी बात कर रही थी कि, जैसे कुछ हुआ ही ना हो, पर बीच-बीच में वह अपनी नज़रे चुराकर मुझे ऐसे देख रही थी कि, वह मेरा शुक्रिया अदा कर रही हो।

और फिर थोड़ी देर बाद के बाद 2 मिनट के लिए जब चाची किचन में अकेली थी, तो मैंने जाकर पीछे से उनकी गांड पर किस दिया और उनके कान के पास जाकर कहा कि, चाची तुम्हारी ऐसी मेहमान नवाज़ी का मैं और इंतज़ार करूँगा और फिर उनसे यह कहकर मैं झट से किचन से बाहर आ गया था। और फिर इस बीच वहाँ रहने तक मैंने चाची को 2 बार और मौका पाकर उनकी चूत और गांड खूब मारी थी. और फिर ससुराल से वापस निकलते वक्त मौका देखकर चाची ने एक छोटी सी चिठ्ठी मेरे हाथ में थमायी, जिसपर लिखा था कि, तैयार रहना मैं किसी बहाने से जल्दी ही तुम्हारे घर घूमने आऊँगी और इस बार तुम्हारे घर पर और तुम्हारे बिस्तर पर मेरी गांड और मेरी चूत तुम्हारे लंड की मेहमान नवाज़ी चाहेगी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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