✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

दूर की बहिन को पास से चोदा

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प्रेषक :- साहिल…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम साहिल है, मेरी उम्र 26 साल की है और मैं भागलपुर का रहने वाला हूँ. दोस्तों मैंने कामलीला डॉट कॉम की अब तक की लगभग सभी कहानियों को पढ़ा है और मुझको इसकी सारी ही कहानियाँ बहुत ही अच्छी लगी है और उनको पढ़ने के बाद मैं भी आपके लिए मेरे साथ हुई एक ऐसी ही सेक्सी घटना को कहानी के रूप में लेकर आया हूँ, यह घटना आज से 2 साल पहले की है. दोस्तों यह कहानी मेरे और मेरे मामा की लड़की के बीच में हुए सेक्स के बारे में है वह मेरी मामी के दूर के रिश्तेदार की लड़की है जिसकी टाइट चूत मैंने अपने लंड से ढीली करी थी।

अब इससे पहले कि, मैं अपनी कहानी को शुरू करूँ सबसे पहले मैं उसका परिचय आप लोगों से करवा देता हूँ।

दोस्तों उसका नाम रचना है और वह उस समय 20 साल की थी और उसका रंग थोड़ा गेहुँवा सा है लेकिन उसकी एक खास बात यह है कि, उसका फिगर 32-28-34 का बहुत ही कमाल का है. दोस्तों मैं उन दिनों काफी दिनों के बाद मेरे दूर के रिश्ते में लगने वाले मामा के घर गया था मेरे मामा के 2 लड़के और एक लड़की है वह सब पढ़ाई करते है। जब मैं वहाँ पहुँचा तो सबसे मिला और फिर मामी ने मुझको फ्रेश होने का बोला तो मैं रचना के कमरे में गया और फ्रेश हुआ और फिर हम सब ने साथ में लंच किया. और फिर ऐसे ही 2-4 दिन निकल गये और फिर मैं वापस अपने घर के लिए रवाना हुआ तो रचना ने जिद करी कि, वह भी मेरे साथ चलेगी, तो मामी ने उसको एकबार तो मना किया और फिर हाँ भी कर दी थी. और फिर हम दोनों मेरे घर पर आ गये थे. मेरे घर में 2 ही कमरे थे एक में मम्मी पापा और एक कमरे में मैं सोता था, तो फिर मम्मी ने रचना को मेरे कमरे में रहने को बोल दिया था. उस समय तक तो मेरे मन में उसके लिये कोई बुरी सोच नहीं थी लेकिन एक दो दिन निकलने के बाद रचना के साथ सोते हुए और बातें करते हुए मुझे कुछ-कुछ अच्छा लगने लगा और उसके बब्स और उसका फिगर मुझको काफी मस्त लगने लगा था. और एक दिन रचना सुबह जल्दी नहाकर के बाथरूम से बाहर आई तो वह केवल एक टावल में बाहर आ गई थी. उस वक़्त मैं सो रहा था. उसके कमरे में आने से एकदम से शैम्पू की खुशबू से मेरी आँख खुल गई थी, लेकिन रचना अपने ख्यालों में मस्त थी उसको इस बात का ध्यान नहीं था कि, मैं जाग गया था. और फिर उसने अपने बदन पर से टावल को हटाया तो वह अब पूरी तरह से नंगी थी और फिर उसने अपने आपको टावल से अच्छी तरह से साफ किया फिर अपने पूरे बदन पर क्रीम लगाकर ब्रा और पैन्टी पहनी और फिर सलवार सूट पहना. दोस्तों मैं बेड से वह सब देख रहा था लेकिन उसको यह मालूम नहीं था, और फिर कुछ समय के बाद मैं उठा और फिर बाथरूम में गया और वहाँ पर मैंने रचना के नाम की उस दिन सुबह पहलीबार मूठ मारी थी। और फिर दोपहर में हम दोनों को मम्मी ने लंच करवाया और फिर मैं और रचना अपने कमरे में आ गये थे मुझको तो बस उसके बब्स और चूत ही दिख रही थी. और फिर कुछ देर के बाद मम्मी ने किसी काम के लिए रचना को आवाज़ लगाई तो रचना बाहर गई और फिर उसने वापस आकर मुझको बोला कि, भैया बेड के अन्दर से कुछ सामान निकालना है तो फिर मैं बेड से उतरा और मैंने बेड के गददे को ऊपर किया तो रचना ने साइड से बेड में से सामान निकालने के लिए हाथ बढाया लेकिन उसका हाथ सामान तक नहीं पहुँच रहा तो मैंने रचना को बोला कि, तू बीच मैं आजा और फिर मैं ऊपर करता हूँ, और फिर रचना ने वैसा ही किया और फिर जैसे ही वह बेड के बीच में मेरे आगे आई और फिर मैंने गददे को ऊपर किया तो रचना की गांड मेरे लंड से रगड खाने लग गई थी।

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और फिर जब तक उसको वह सामान नहीं मिला तब तक वह भी आगे-पीछे होती रही और मेरा लंड मेरी पेन्ट के अन्दर से ही तनकर खड़ा हो गया था और वह मेरी पेन्ट से बाहर आने के लिए तड़प रहा था. और फिर मुझको लगा कि, रचना को भी शायद मजा आ रहा है. और फिर उसको वह सामान मिल गया तो वह बोली कि, भैया आप पीछे से हटोगे तो मैं बाहर आ पाऊँगी. और फिर मैं थोड़ा पीछे हट गया तो रचना मेरी तरफ मुस्कुराते हुए बाहर जाकर मम्मी को वह सामान दिया और फिर वह वापस कमरे में आ गई थी। और फिर हम सभी ने शाम को खाना खाया और फिर हम सो गये थे और फिर रात को 11.30 बजे मुझे पानी की प्यास लगी तो मैं उठा तो मैंने देखा कि, रचना के कम्बल में कुछ हलचल हो रही थी और वह हलचल मेरे उठने से रुक सी गई थी. और फिर मैं पानी पीकर वापस आया तो मैंने रचना को यह देखने के लिये आवाज़ लगाई कि, वह सो रही है या जाग रही है, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया था. तो फिर मेरी थोड़ी हिम्मत और बढ़ गई थी और फिर मैं रचना के कम्बल में घुस गया था. और फिर उसके कम्बल के अन्दर मुझको लगा कि रचना अपनी सलवार को उतारकर अपनी चूत को सहला रही थी और उसने अपने बब्स भी खुले कर रखे थे. और फिर मैंने धीरे से रचना के बब्स पर हाथ रखा और धीरे से दबाया तो उसने मेरी उस हरकत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करी तो मैं समझ गया था कि, वह भी मेरा साथ देने के लिये तैयार है. और फिर अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई थी और मैंने धीरे-धीरे अपने हाथ को आगे बढाया और रचना के बब्स को दबाने लगा और उसके पेट पर हाथ फेरते हुए उसकी नाज़ुक सी चूत के पास ले गया तो तो रचना एकदम से सहम गई और वह अपने मुहँ से आहहह… की आवाज़ करने लगी तो मैंने रचना को धीरे से उसके कान में पूछा कि, मजा आ रहा है ना? तो उसने हाँ में जवाब दिया और फिर मैंने उसकी चूत के ऊपर के हल्के-हल्के बालों पर हाथ फेरा और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत के अन्दर डाली तो उसकी चूत बहुत गरम सी हो रही थी अब मैंने रचना के सारे कपड़े निकाल दिए और फिर मैंने उसके हाथ को अपनी पेन्ट के अन्दर डाल दिया था. वह मेरे 6″ लम्बे और तने हुए लंड को पकड़कर एकबार तो डर ही गई थी फिर उसने धीरे-धीरे अपने हाथ से मेरे लंड को ऊपर नीचे करनी लगी और मैं अब उसके ऊपर आ गया था।

और फिर मैं उसकी गर्दन और बब्स पर किस कर रहा था वह सिसकियाँ ले रही थी अब मैं उसके पेट पर धीरे-धीरे किस करते हुए उसके पैरों तक आ गया था और फिर मैंने उसकी टाँगों पर किस करते हुए उसकी चूत पर किस किया तो वह एकदम से उछल पड़ी थी. और फिर मैं उसकी चूत के अन्दर जब अपनी जीभ से अन्दर-बाहर करने लगा तो वह 10 मिनट के बाद झड़ गई थी और फिर मैंने उसको अपने नीचे आने को कहा और मैंने मेरा लंड उसको अपने मुहँ में लेने को बोला. तो वह पहले तो मना करने लगी लेकिन मैंने उसको अपनी कसम दी तो उसने एकबार उस पर किस किया और फिर थोड़ा-थोड़ा करके उसको अपने मुहँ में ले लिया था. दोस्तों यह मेरा पहलीबार था तो मुझको बहुत मजा आ रहा था. और फिर 10 मिनट तक वह मेरे लंड को लोलीपॉप की तरह चूसती रही और मेरा भी निकलने वाला था तो मैं भी उसको बिना बताए ही उसके मुहँ में ही झड़ गया था. और फिर 10-15 मिनट के बाद मैं उठा और मैंने थोड़ा सा तेल लेकर रचना की चूत पर गहराई तक लगाया और फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सेट किया और एक धक्का लगाया लेकिन एकबार तो मेरा लंड थोड़ा सा ही अन्दर गया था और वह उछल पड़ी थी जिससे मेरा लंड फिर से बाहर आ गया था और फिर दूसरीबार मैंने उसको कसकर पकड़कर उसकी चूत के अन्दर एक जोर का धक्का मारा तो मेरा लंड 3” तक उसकी चूत के अन्दर चला गया था और वह रोने लग गई थी. क्योंकि उसकी चूत में बहुत दर्द हो रहा था और वह पहली बार सेक्स कर रही थी. और उसके चूत से खून भी आने लग गया था. दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मैंने पहले ही उसकी गांड के नीचे पुराना रद्दी अखबार डाल रखा था. और फिर मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी और उसके गले और बब्स पर किस करता रहा जिससे वह और भी जोश में आ गई थी. और फिर वह मुझसे बोलने लगी कि, साहिल प्लीज आज फाड़ दो मेरी चूत को मुझे सेक्स का भरपूर मज़ा दे दो। ऐसा सुनते ही मैंने एक और तेज़ धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया था. और फिर मैं पूरे 15 मिनट तक मैं उसकी चूत में जोरदार धक्के मारता रहा और उस समय वह 1 बार फिर से झड़ चुकी थी और मेरा भी अब निकलने वाला था तो मैंने भी अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुहँ में डाल दिया उसने थोड़ी देर तक उसको चूसा और फिर मैं भी उसके मुहँ में ही झड़ गया था. और फिर हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लिपटकर के सो गये।

दोस्तों जब तक रचना हमारे साथ रही तब तक मैं उसकी जमकर चुदाई करता रहा और इसी बीच मैंने उसकी कई बार गांड भी मारी। और मैंने उसकी चूत का रसपान भी किया। और अब हम जब भी मिलते है तो चुदाई के खूब मजे लेते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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