✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

पराए मर्द ने मिटाई चूत की भूख और बुझाई जिस्म की प्यास

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प्रेषक :- डिम्पल…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम डिम्पल है मेरी उम्र 28 साल है और मैं दिल्ली की रहने वाली एक शादी शुदा औरत हूँ. मेरा रंग गोरा है और मेरे बब्स 34″ की साइज़ के है और मेरी गांड 36″ की है और मुझको अपने बब्स को दबवाने और उनको मसलवाने में बड़ा ही मज़ा आता है. दोस्तों आज आपको मैं जो कहानी बताने जा रही हूँ वह मेरे साथ हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है। हाँ तो दोस्तों अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ जो कुछ इस तरह से है।

दोस्तों मैं और मेरे पति हम सिर्फ़ दो लोग ही इन्दौर के एक फ्लेट में रहते है, मेरे पति काफ़ी रोमांटिक किस्म के है पर वह ज़्यादा देर तक सेक्स नहीं कर पाते है और वह सिर्फ़ 5-7 मिनट में ही झड़ जाते है और मैं गरम की गरम ही रह जाती हूँ जिसकी वजह से मैं हमेशा ही प्यासी रह जाती हूँ. दोस्तों जब हमारे घर में कोई भी नहीं होता है तो मैं घर में एकदम नंगी ही रहती हूँ और पति भी कभी-कभी उनके ऑफिस के काम से 10-12 दिनों के लिए शहर से बाहर भी जाते है. और फिर एक दिन मैंने सोचा कि, मेरे पति तो अक्सर घर में रहते ही नहीं है तो क्यो ना अपनी चूत की भूख और ज़िस्म की प्यास को किसी और के साथ बुझाया जाए पर कैसे? और फिर मैंने सोचा कि, चलो किसी को पटाते है और फिर मैंने एक लेडीस टेलर के पास जाने का प्लान बनाया और फिर मैं एक दिन बिना ब्रा के सूट पहनकर बाजार चली गई। उस लेडिस टेलर की दुकान ऊपर एक कोने में थी और वह दोपहर का समय था तो बाजार में भी इतनी चहल-पहल नहीं थी. और फिर मैं उसकी दुकान पर पहुँची तो वह एकदम अकेला था. और फिर मेरे वहाँ जाते ही उसने मुझसे कहा कि, जी मेमसाहब बताईये मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूँ? और फिर मैंने उसको कहा कि, मुझको एक गहरे गले का और एकदम फिटिंग वाला सूट सिलवाना है. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, आप अन्दर आ जाइये। और फिर मैं अन्दर गई तो वहाँ पर एक पलंग और कुछ मैगज़ीन पड़ी थी. और फिर वह एक इंच-टेप लेकर मेरी तरफ आया और फिर उसने मुझसे कहा कि मैडम जरा अपने हाथ ऊपर करो। और फिर जैसे ही मैंने अपने हाथ ऊपर करे तो वह मेरे बब्स को घूरने लगा, क्योंकि उसको पता चल गया था कि मैंने सूट के नीचे ब्रा नहीं पहनी हुई है।

दोस्तों वह एक हट्टा-कट्टा आदमी था और वह कोई खास सुन्दर तो नहीं था पर ठीक-ठीक था. और फिर वह सलवार के लिए मेरा नाप लेने लगा और वह नाप लेने के सात-साथ मेरी जाँघों को भी सहलाने लगा तो उसके ऐसा करने से मेरे शरीर में तो एक करंट सा दौड़ गया था. फिर वह मेरे कुर्ते के नाप के लिये मेरे बब्स के ऊपर से नाप लेने लगा और साथ ही वह उनको छूने भी लग गया था. और फिर मैंने उसको पूछा कि, आपका नाम क्या है? तो उसने अपना नाम विशाल बताया. और फिर उसकी दुकान पर कोई और भी आ गया था तो वह बोला आप यहीं रूको मैं अभी आता हूँ. तो फिर मैंने उसको कहा कि ठीक है। और फिर वह चला गया और मैं वहाँ पर पड़ी मैगज़ीन को देखने लगी तो मैंने देखा कि, वहाँ पर रखी सभी मैगज़ीन सेक्सी थी जिनमें कहीं नंगी लड़कियों की फोटो थी तो कहीं लंड की फोटो भी थी जिनको देखकर मैं काफी गरम हो रही थी. और फिर मुझको पता ही नहीं चला कि, वह टेलर कब मेरे पास आ गया था और जब मुझको इस बात का पता चला तो वह मुझको देखकर हँस रहा था और फिर वह मुझसे बोला कि आप यह सीडी ले जाओ इसमें सूट की एकदम नई डिज़ाइन है और आप मुझको अपना पता और फोन नम्बर दे जाओ और फिर मैं फोन करके आपके घर से सीडी और आपकी पसन्द की डिज़ाइन ले जाऊँगा।

और फिर मैं उसको अपना पता और फोन नम्बर देकर वहाँ से चली आई थी. और फिर जब मैं अपने घर पहुँची तो मैं सबसे पहले पूरी नंगी हुई और फिर मैंने वह सीडी प्लेयर में लगाई तो मैंने देखा कि, वह तो एक सेक्सी फ़िल्म की सीडी है. और फिर उसको देख-देखकर मेरी तो चूत भी गीली होने लग गई थी। और फिर थोड़ी देर के बाद उस टेलर का फोन आया और उसने मुझको बोला कि, जी मैडम आपने वह सीडी देख ली क्या? तो फिर मैंने उसको कहा कि, नहीं अभी तो नहीं देखी. तो फिर उसने मुझको बोला कि, ठीक है तो मैं रात को 9 बजे अपनी दुकान बन्द करने के बाद आपके घर आ जाऊँगा और सीडी और आपकी पसन्द की डिज़ाइन ले जाऊँगा, फिर उसने फोन काट दिया था. और फिर मैं मन ही मन सोचने लगी कि आज पहलीबार कोई गैर मर्द मुझको चोदेगा तो मुझको कैसा लगेगा और मैं उसके सामने एकदम नंगी कैसे लगूँगी. और फिर यह सब सोचते-सोचते मैं नंगी ही सो गई थी और सीडी भी टी.वी. पर चलती रही. और फिर तभी कुछ देर के बाद घर की दरवाजे की घन्टी बजी. तो फिर मैंने उठकर अपना गाऊन पहना और गेट खोला तो सामने विशाल था. और फिर मैंने उसको घर के अन्दर बुलाया और फिर दरवाजा बन्द कर दिया था।

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और फिर वह मुझसे बोला कि, मैडम वह सीडी देख ली आपने? तो मैंने उसको कहा कि, नहीं देखी, आप अपनी सीडी ले जाओ. तो फिर उसने मुझसे कहा कि, ठीक है पर आपका नाप एकबार फिर से लेना पड़ेगा. तो मैंने उसको कहा कि, ठीक है और फिर मैंने उसको पूछा कि, आप कुछ लोगे? तो वह मुझसे बोला कि एक गिलास पानी बस। और फिर मैंने उसको कहा कि, आप बैठ जाओ मैं अभी आती हूँ। और फिर दोस्तों उस कमरे में टी.वी. पर वही सीडी चल रही थी। और फिर मैं जब उसके लिए पानी लेकर आई तो मैंने देखा कि, वह तो वही सेक्सी फिल्म देख रहा है तो, मैंने झट से भागकर टी.वी. बन्द कर दिया और फिर मैं चुप-चाप खड़ी होकर शरमाने लगी. तो फिर वह मुझसे बोला कि, आपने तो कहा था कि, आपने यह सीडी नहीं देखी है. तो फिर मैंने उसको कहा कि, वह तो बस ऐसे ही थोड़ी बहुत देखी थी। और फिर वह खड़ा होकर मेरे पास आया और बोला कि, वैसे सीडी अच्छी थी ना? तो फिर मैंने उसको कहा कि, हाँ. और मैं ग़लती से उसको हाँ कह गई थी. और फिर उसने सामने से झटके से मेरा एक बब्स पकड़ लिया था तो मैं एकदम से शरमा गई थी. लेकिन फिर मेरी तरफ से कोई विरोध ना होता देखकर उसने मेरे गाउन में अपना हाथ डाल दिया था तो मैं तो एकदम से कसमसा गई थी. और फिर वह मुझसे बोला कि, आप तो बहुत प्यासी लगती हो? तो मैंने उसको कहा कि, हाँ. और फिर वह मुझको किस करने लगा कभी वह मेरी नाक पर तो कभी होंठ पर किस कर रहा था. और फिर मैं भी उसे किस करने लगी कि, तभी उसने मेरा गाऊन फाड़ दिया और मैं एकदम से नंगी हो गई थी और फिर मैंने उसको कहा कि, यह क्या किया तुमने? तो वह मुझसे बोला कि, मेरी जान मैं तुम्हारे लिये और भी बहुत सारे सेक्सी गाऊन ला दूँगा. और फिर वह मेरे होठों को चूमने लग गया था. और मैं भी उसका पूरा-पूरा साथ देने लग गई थी और साथ ही उसकी पेन्ट के ऊपर से उसके लंड को सहलाने भी लग गई थी।

और फिर उसने खुद के भी सभी कपड़े उतार दिए थे. और फिर अब मैं उसके लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लग गई थी और साथ ही मैं यह भी सोचने लग गई थी कि, इसका लंड तो बहुत बड़ा है. दोस्तों सच में मैंने पहलीबार इतना बड़ा लंड देखा था. क्योंकि मेरे पति का तो सिर्फ़ 5” का ही था और यह तकरीबन 7” का था. और मेरी चूत पहलीबार इतने बड़े लंड से चुदने की सोचकर ही खुशी से पानी-पानी हो गई थी. और फिर वह मेरे पीछे आकर मेरे बड़े-बड़े बब्स को मसलने और दबाने भी लग गया था और उसका लम्बा लंड मेरी गांड में लगने लगा था जिससे मैं एकदम मदहोश सी होती जा रही थी. और फिर वह मुझसे बोला कि, चलो अब आप मेरा लंड अपने मुहँ में लेकर चूस लो मैडम. तो फिर मैंने उसको कहा कि, मेरा नाम डिम्पल है और तुम भी मुझको मेरे नाम से ही पुकारो. तो फिर वह मुझसे बोला कि, ठीक है मेरी जान. और फिर मैं उसके लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी जिसमें मुझको भी बड़ा मज़ा आ रहा था।

और फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझे बेड पर लिटाया और फिर वह मेरी चूत को चाटने लगा जिससे मैं तो और भी गरम हो गई थी. दोस्तों पहलीबार कोई गैर मर्द मेरी चूत को कुत्ते की तरह चाट रहा था. और फिर वह अपने लंड को मेरी चूत पर रखकर के रगड़ने लगा तो मैं सिसकने लग गई थी आहहह… ओहहह… उफफ… बस अब मुझे चोदो ना मेरे विशाल प्लीज जल्दी चोदो. और फिर वह मुझसे बोला कि, मैं तुमको एक शर्त पर चोदूंगा बदले में मैं तुमको जो कहूँगा तुम वह करोगी? (दोस्तों यहाँ पर मैं अभी आपको एक बात बता दूँ कि, औरत को गरम करके उससे जो भी कहोगे वह वही करेगी और फिर मैंने भी वही किया) हाँ विशाल मैं जरूर करूँगी जान तुम जो कहोगे मैं वह करूँगी लेकिन पहले तुम मेरी चूत की भूख को मिटा दो विशाल। तो फिर वह मुझसे कहने लगा कि, हाँ कुतिया क्यों नहीं, जब तू मेरी दुकान पर आई थी बिना ब्रा के तब ही मैं समझ गया था की तू तो अपनी चूत को मुझसे चुदवाने आई है. तो फिर मैंने भी उसको कहा कि, हाँ विशाल तुमने सही समझा पर अब तो कुछ करो ना आहहह… और फिर जैसे ही उसने अपना बड़ा सा लंड मेरी चूत में डाला तो मैं दर्द से एकदम से तड़प उठी थी उईईई… क्योंकि उसका तो मेरे पति के लंड से भी बड़ा था. और फिर उसका पूरा लंड अंदर जाने के बाद वह मेरे बब्स को चूसने लगा और दबाने भी लग गया था. और फिर उसके ऐसा करने से मुझको जब थोड़ा आराम महसूस हुआ और चूत का दर्द भी खत्म हो गया तो मैं भी अपनी कमर को चलाने लगी. तो फिर वह समझ गया था कि, अब मुझे भी मज़ा आ रहा है. और फिर तो वह मुझे और भी तेज-तेज धक्के लगाकर के चोदने लगा और मैं उससे आहहह… उफफ…  आहहह… मज़ा आ रहा है विशाल और चोदो मुझे कहने लग गई थी।

दोस्तों अब उसके धक्कों से मुझे आनन्द आने लगा था और मेरी चूत गजब की चिकनी हो उठी थी। और फिर विशाल को मुझे चोदते-चोदते पसीना भी आ गया था पर उसका जोश बड़ा ही जबर्दस्त था, और मेरा शरीर भी वासना से भरकर उसको पाने के लिये मचल उठा था और मेरा एक-एक अंग मसले जाने को बैताब होने लगा था। और फिर वह मुझसे बोला कि, साली रंडी हाँ तू मेरी रंडी है. तो मैंने भी उसको कहा कि, आहहह… हाँ मैं तेरी रंडी हूँ. तो उसने मुझसे पूछा कि, क्या तुम मेरी रखेल बनोगी रंडी, साली, कुतिया, छिनाल बोल ना? तो फिर मैंने उसको कहा कि, हाँ मैं तेरी रखेल बनूँगी आहहह… चोदो और जोर से चोदो मुझको प्लीज… और फिर वह मुझसे बोला कि, ले रंडी चुद मेरे घोड़े जैसे लौड़े से आज मैं तेरी चूत को फाड़ के ही दम लूँगा साली रंडी बहिन की लोडी तुझे तो मैं अपने दोस्तो से भी चुदवाऊँगा बोल चुदेगी ना मेरे दोस्तों से? दोस्तों यह मजेदार सेक्स कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो फिर मैंने उसको कहा कि, हाँ विशाल जरूर चुदेगी तेरी यह रखेल आहहह… उफफफह… चोदो मुझे आहहह… और साथ ही वह मुझको चोदते हुए मेरी गांड के होल को भी सहला रहा था. उसका लंड सटा-सट चल रहा था जिससे मेरी चूत मस्ती भरी उत्तेजना में मस्त हुई जा रही थी और फिर मैं उसे सहन नहीं कर पाई और फिर हम दोनों एकसाथ में ही झड़ गये थे और फिर हम वैसे ही बेड पर नंगे लेट गए थे। और फिर 10-15 मिनट के बाद वह उठा और फिर वह मुझसे बोला कि, अभी मुझे जाना होगा, मेरी बीवी इंतज़ार कर रही होगी. और फिर उसने मुझसे पूछा कि, तुझे मज़ा आया ना? तो मैंने उसको कहा कि, हाँ और फिर मैंने उसको एक किस कर दिया था और फिर मैं उसकी गोद में बैठ गई थी. और फिर वह मेरे बब्स से खेलने लग गया था और फिर वह मुझसे बोला कि, तेरा पति क्या तुझे ऐसे नहीं चोदता क्या? तो फिर मैंने उसको कहा कि, नहीं। और फिर उसने मुझसे पूछा कि, इससे पहले भी तुमने कही और चुदवाया है क्या? तो मैंने उसको कहा कि, नहीं. और फिर उसने मुझसे यह भी पूछा कि, अच्छा अगर ऐसा हो कि, तेरा पति तुझे खुद अपने हाँथों से दुल्हन की तरह सज़ाकर मुझसे अपने सामने चुदवाए तो? तो मैंने उसको कहा कि, विशाल मैं तो तेरे लंड की गुलाम हूँ मैं तुझसे जरूर चुदवा लूँगी उसके सामने ही।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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