पूजा की जबरदस्त चुदाई

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प्रेषक :- अमित…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम अमित है, मेरी उम्र 26 साल की है और मैं अहमदाबाद में रहता हूँ।  दोस्तों मैं कामलीला डॉट कॉम का आप सभी की तरह एक नियमित पाठक हूँ और मुझको इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ बहुत ही अच्छी लगती है। दोस्तों मैं एक कपड़ों की फेक्ट्री में काम करता हूँ और पिछले साल मेरे साथ एक बहुत ही खूबसूरत और हसीन हादसा हुआ था जिसको मैं आज कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा हूँ. हाँ दोस्तों अब मैं आपका ज़्यादा समय ना लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों पिछले साल मेरे पास नवम्बर के महीने में एक दिन मेरे पास लखनऊ से मेरे भाई का फोन आया था और उन्होनें मुझको कहा कि, हमारे यहाँ से एक लड़की कम्पीटीशन की परीक्षा देने के लिये आ रही है तो तुम उसे रेलवे स्टेशन जाकर ले आना और फिर वह रात को तुम्हारे पास ही रुकेगी। दोस्तों जब मेरे भाई ने मुझको यह कहा तभी मैं ख़ुशी से झूम उठा था और फिर मैं रात के बारे में सोचने लगा। दोस्तों मैंने मेरे भाई से उसका फ़ोन नम्बर ले लिया था और फिर मैंने अगले दिन उसे फोन किया तो उसका नाम पूजा था और वह रेल्वे स्टेशन पर आ चुकी थी और तब मैंने उसको स्टेशन के बाहर इन्तजार करने के लिए कहा और फिर थोड़ी देर के बाद मैं भी उसके पास पहुँच गया था। और फिर जब मैंने उसे देखा तो मैं मन ही मन सोचने लगा कि, ऊपर वाले ने भी बड़ी फुर्सत में इस लड़की को बनाया है। दोस्तों उसने पीले रंग की साड़ी पहन रखी थी जिसमें उसका गोरा बदन सोने के जैसे चमक रहा था. उसकी लम्बाई यही कोई 5.5 फुट की रही होगी और उसका फिगर भी लगभग 32-28-34 का रहा होगा उसकी खूबसूरती के सामने मैं टिक नहीं पा रहा था। और तभी उसने मुझसे पूछा कि, क्या तुम ही अमित हो? और तब मेरा ध्यान टूट गया और मैंने उसको कहा कि, हाँ मैं ही अमित हूँ, असल में मैं आपकी खूबसूरती के सामने कहीं खो सा गया था और तब वह थोड़ी सी शरमाई और फिर वह मुझसे बोली कि, थेंक्स अब चले? और फिर वह मेरी बाइक पर बैठ गई थी और रास्ते भर हम एक-दूसरे से बातें करते रहे पर मेरा सारा ध्यान उसके बब्स पर था जो बार बार मेरी पीठ से टकरा रहे थे. और फिर अचानक से एक झटका लगा और फिर उसने मुझे जोर से पकड़ लिया था। और तब अचानक से उसका एक हाथ मेरे कन्धे पर और दूसरा हाथ मेरे लंड पर आ गया था। और फिर हम घर पहुँच गये थे और फिर मैंने उससे पूछा कि, तुम क्या लोगी कोल्डड्रिंक या फिर कॉफ़ी? तो फिर उसने मुझको कहा कि, कुछ नहीं, लेकिन मैं हाथ मुहँ धोना चाहती हूँ तो बाथरूम कहाँ पर है? और फिर मैंने बाथरूम की तरफ इशारा कर दिया था. दोस्तों मेरे बाथरूम के रोशनदान में एक जाली लगी हुई थी जो हट भी जाती थी तो फिर मैं एक स्टूल लेकर झट से उसके बाथरूम में चले जाने के बाद वहाँ पर पहुँच गया था. और फिर मैं स्टूल पर चढ़कर उसे देखने लग गया था. दोस्तों उसने साड़ी उतारते समय शायद मुझे देख लिया था लेकिन उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा था और फिर वह एक एक करके अपने सभी कपड़े उतारने लग गई थी उसने एक काले रंग की पैन्टी पहनी हुई थी।

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दोस्तों उसके गोरे और चमकते हुए बदन को देखकर मेरा लंड तो खड़ा होकर उसके हुस्न को सलामी देने लग गया था और उसके चमकते बब्स भी मेरी हालत खराब कर रहे थे. और फिर मैंने ना चाहते हुए भी अपनी आँखे बन्द करके मूठ मारना शुरू कर दिया था. और फिर थोड़ी देर के बाद जब मैं झड़ने लगा तो मेरे मुहँ से एक सिसकारी निकल गई थी. और फिर मैंने जब अपनी आँखे खोलकर देखा तो वह मेरे लंड को घूर रही थी लेकिन उसने मुझे नज़र अंदाज करते हुए अपनी नाइटी पहन ली थी. और फिर मैं भी चुप-चाप अपने कमरे में आ गया था।  और फिर मुझे देखकर वह थोड़ा शरमाते हुए मुझसे बोली कि, तुम्हारा लंड है या कोई मोटा पाईप? और फिर मैंने उससे पूछा कि, तुम्हे मेरा लंड पसन्द आया क्या? और क्या तुम इसका स्वाद चखना चाहोगी? तो फिर उसने मुझसे कहा कि, क्यो नहीं मैं एक शादीशुदा लड़की हूँ लेकिन मैंने इतना लम्बा आज तक नहीं देखा, तुम्हारा लंड जरूर आज मुझको पहलीबार वाला मजा देगा। और उसके बाद वह पागलों की तरह मुझपर टूट पड़ी थी और फिर वह मेरी पेन्ट को खोलने लग गई थी. और फिर मैंने उसको कहा कि, इतनी जल्दी भी क्या है मेरी रानी? आराम से बेड पर चलकर चुदाई करते है ना. और फिर मैंने उसको अपनी गोद में उठा लिया था. और फिर मैं उसको किस करने लग गया था दोस्तों उसके होठों का रस कुछ हटकर ही था। उसका बदन एकदम मक्खन की तरह चिकना और गोरा था. और फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और फिर मैंने उसकी नाइटी उतार दी थी. दोस्तों अब जो नज़ारा मेरी आँखों के सामने था वह मुझको बहुत ही रोमांचित कर देने वाला था। और फिर मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बब्स दबाने शुरू कर दिए थे जिससे अब उसे भी मजा आना शुरू हो गया था और फिर वह भी मुझे अपने बब्स की तरफ खींचने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी ब्रा को खोलकर उसके बब्स को आज़ाद कर दिया था और फिर मैं उनको बड़े ही प्यार से सहलाने लग गया था जिससे अब उसकी सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गई थी और वह इसस्स… आहहह… उफ्फ्फ… जैसी आवाजें निकालने लग गई थी। और फिर मैं धीरे-धीरे नीचे की तरफ बढ़ने लगा और उसकी नाभि पर किस करते हुए जब मैंने उसकी चूत से थोड़ा सा ऊपर उसकी पैन्टी के अन्दर काटा तो वह एकदम से तड़प उठी थी और फिर वह अपने हाथ से अपनी ही चूत में ऊँगली करने लग गई थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर तो मैंने भी उसकी चूत के रस का आनन्द लेना शुरू कर दिया था जिससे वह बुरी तरह से तड़प रही थी। और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, अमित प्लीज़ अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है प्लीज़ जल्दी कुछ करो ना मेरे राजा नहीं तो मैं मर जाऊँगी. और तब मैंने उसको कहा कि, पहले तुम मेरे लंड का स्वाद चखो। तो फिर उसने झट से मेरा लंड कसकर पकड़ लिया और फिर वह उसको ज़ोर-जोर से चूसने लगी. दोस्तों उसका एक हाथ मेरे लंड पर था तो दूसरा हाथ उसकी चूत में था। और फिर कुछ देर के बाद मैंने उसको घोड़ी बनाकर झुका लिया था और फिर मैं अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा जो उससे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था इसलिए उसने खुद ही पीछे की तरफ एक झटका मारा तो मेरा यही कोई 4” लंड उसकी चूत में चला गया था। और फिर मैंने उसके बब्स को पकड़कर एक और जोर का झटका पूरी जान से मारा तो अबकी बार मेरा पूरा 7” का लंड उसकी चूत में समा गया था और वह ज़ोर से ऐसे चीख पड़ी थी मानो कोई गरम लोहे की सलाख उसकी चूत में चली गई हो. लेकिन फिर मैंने उसका मुहँ ज़ोर से पकड़ लिया और फिर मैंने तेज तेज धक्के मारना शुरू कर दिया था. और फिर कुछ देर के बाद उसका दर्द कम हुआ और उसको भी मजा आने लग गया था और फिर तो वह भी खूब पीछे हट हटकर चुदाई का मज़ा ले रही थी और उसके मुहँ से मस्तीभरी सिसकारियाँ निकल रही थी और वह मुझसे कह रही थी कि, वाह मेरी जान आज तो चुदाई का असली मज़ा आ गया फाड़ दो मेरे राजा मेरी चूत को और आज तुम इसका हलवा बना दो। आज तुम मेरी चूत को फाड़कर भोसड़ा बना दो ज़ोर से और जोर से मेरे राजा उफ्फ्फ… आहहह… इस्सस… और मैं भी पूरे जोश में आकर उसकी चुदाई कर रहा था।

और फिर लगभग 20 मिनट की उस जबरदस्त चुदाई के बाद हम दोनों ही एकसाथ झड़ गए थे और फिर हम दोनों नंगे ही लेटे रहे। और फिर 30 मिनट के बाद उठकर हमने एक-दूसरे को अच्छी तरह से साफ़ किया और फिर हमने बाहर होटल में जाकर खाना खाया और फिर मैंने उसको शॉपिंग भी करवाई और अपनी पसन्द की एक साड़ी और ब्रा-पैन्टी का सेट उसको दिलवाया। और फिर हम घर पर आ गए थे और हमने उस रात भी खूब जमकर चुदाई करी थी. और फिर अगले दिन मैंने उसको उसके परीक्षा केंद्र पर छोड़ दिया था और मैं अपने काम पर आ गया था। और फिर परीक्षा देकर वह सीधे ही ट्रेन से अपने घर चली गई थी यह बात उसने मुझको फोन करके बता दी थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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