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पड़ोसी सेक्सी आंटी की प्यासी गांड में लंड ठोका

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प्रेषक :- सुनील…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम सुनील है और आप सभी कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए अपनी एक बड़ी ही मज़ेदार मनोरंजन से भरपूर चुदाई की कहानी लेकर आया हूँ। दोस्तों मैं आप सभी लोगों के लिए बहुत दिनों से इस सच्ची घटना के बारे में लिखने की सोच रहा हूँ, लेकिन आज मैं इस मजेदार सेक्स कहानी को लिख रहा हूँ। दोस्तों मेरी यह कहानी मेरे घर के पड़ोस में रहने वाली आंटी के साथ हुई एक सच्ची चुदाई है। तो दोस्तों अब मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों मैं 24 साल का लड़का हूँ और मुझे सेक्स बहुत पसन्द है और मैं दिल्ली में रहता हूँ, और यहाँ पर मैं एक फेक्ट्री में काम करता हूँ. और यहाँ पर हमारे पड़ोस में एक छोटा सा परिवार भी रहता है जिसमें अंकल, आंटी और उनका एक बेटा भी है जो कि, 4 साल का है. वह अंकल ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में घर से बाहर जाते रहते है और वह जल्दी सुबह ही निकल जाते है और कभी-कभी तो वह देर रात को घर आते है. दोस्तों उनकी बीवी का नाम सीमा है और वह बहुत सेक्सी है। क्या बताऊँ दोस्तों अगर आप लोग उसे एकबार देख ले तो मैं पक्का कहता हूँ की आप भी उसको सोचकर मूठ मार लेते क्यूंकी वो है ही इतनी सेक्सी औरत। तो मैं कभी कभी मेरी मम्मी के कहने पर उनके घर के थोड़े बहुत काम कर दिया करता था जिससे मेरा उनके घर पर आना जाना लगा रहता था क्यूंकी वो घर पर अकेली रहती थी तो मेरी मम्मी को उन पर बहुत दया आती थी और वो मुझे उनके काम के लिए भेज दिया करती थी। फिर एक दिन आंटी ने मुझे घर पर बुलाया और कहा की देखो ना यह लाइट का बोर्ड खराब है इसे ज़रा ठीक कर दो. तो मैंने कहा की ठीक है और मैं अपने काम में लग गया। और उस वक़्त आंटी ने मैक्सी पहनी थी तो मैंने आंटी से कहा की मुझे एक पेचकस दो, तो आंटी ने कहा की वो तो तुम्हारे पास होगा ना और ऐसा कहकर वो हँसने लगी। मैं चकित होकर गहरी सोच में पड़ गया की आंटी कहना क्या चाहती है? फिर मैंने कुछ ऐसा वैसा करके लाइट बोर्ड ठीक कर दिया और मैं अपने घर पर चला गया. फिर धीरे धीरे मुझे लगने लगा की आंटी की नियत खराब है और फिर उसी रात उनके बारे में सोचते सोचते मैंने अपने मोबाइल में ब्लू फिल्म डाउनलोड कर ली और मैं भी आंटी के बारे में गंदा गंदा सोचने लगा और मूठ मारने लगा।

फिर एक दिन सुबह सुबह अंकल ने मुझे बुलाया और कहा की आज रात को फ्री हो तो मेरे घर पर रह जाना क्यूंकी तुम्हारी आंटी को रात के समय घर में अकेले में बहुत डर लगता है और मुझे आते आते सुबह 4 बजे का समय हो जाएगा। मैं तो बहुत खुश हो गया और मैंने कहा की ठीक है अंकल आप आराम से जाओ फिर जैसे ही शाम हुई मैं उनके घर पर चला गया. तो आंटी ने दरवाज़ा खोला और कहा की क्यू बहुत जल्दी आ गये? फिर मैंने कहा की क्या करू आंटी आपका ख्याल जो रखना है फिर हम दोनों हँसने लगे. फिर आंटी ने कहा की आओ बैठो मैं तुम्हारा लिए चाय बना देती हूँ. तो मैंने कहा की ठीक है आंटी और मैंने अपना मोबाइल साइड में रख दिया और आंटी के बारे में सोचता रहा की कैसे इसको चोदू? तभी आंटी चाय लेकर आई मैंने कहा की आंटी मैं अभी 5 मिनट में आता हूँ आप तोड़ा इंतजार करना तो फिर आंटी ने मुझको कहा कि ठीक है। लेकिन थोड़ा जल्दी आना और फिर मैंने अपना मोबाइल वहीँ पर छोड़ दिया था क्योंकि मुझे पता था कि, आंटी को इंटरनेट और फोटो बहुत पसन्द है. और फिर जब मैं कुछ देर के बाद वापस आया और फिर मैंने चुपके से देखा तो आंटी अपने कमरे में थी और मेरा फोन उनके हाथ में था और शायद वह मेरे मोबाईल पर सेक्सी फिल्म देख रही थी और साथ ही वह अपनी चूत में ऊँगली भी कर रही थी. और फिर मैंने मन ही मन सोचा कि यह मौका सही है और अब मैं अन्दर घुस जाता हूँ और फिर जैसै ही मैं अन्दर गया तो आंटी एकदम से चौंक गई थी और फिर उन्होंने जल्दी से मेरा मोबाइल नीचे रख दिया था। और फिर वह बड़े ही प्यार से मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लग गई थी तो फिर मैंने उनको पूछा कि, क्या हुआ आंटी? तो आंटी मुझसे बोली कि, कुछ नहीं बस ऐसे ही, मैं तुम्हारे मोबाईल में बस ऐसे ही कुछ देख रही थी तो फिर मैंने उनको कहा कि, आंटी कुछ तो है और अगर वह आप मुझको बताना नहीं चाहती तो आपकी मर्ज़ी और फिर आंटी मुझसे बोली कि, तुम फोन मैं यह सब क्यू रखते हो? तो मैंने उनको कहा कि, क्या? तो आंटी ने मुझसे कहा कि, अब तुम इतने भोले भी मत बनो।

और फिर मैंने सोचा कि, बात को घुमाने से अब क्या फायदा, चलो आगे देखते है अब क्या होता है? और फिर मैंने उनसे कहा कि, आंटी क्या करूँ जब से मैंने आपको देखा तो तब से मेरी तो हालत एकदम खराब है और इसीलिए मैं ऐसे वीडियो देखकर आपके बारे में सोचकर मूठ मारता हूँ. तो फिर आंटी ने मुझसे कहा कि, मैं भी तुम्हें बहुत समय से देख रही हूँ कि, तुम अक्सर मेरी छाती और मेरी गांड को घूरते रहते हो. और फिर तभी उनके मुहँ से यह बात सुनते ही मैं आंटी के साथ उनके बेड पर बैठ गया था और फिर मैंने आंटी को कहा कि, क्या आप मुझसे सेक्स करना चाहोगी? तो आंटी ने मुझसे कहा कि, नहीं यह तो ग़लत है और अगर तुम्हारे अंकल को यह सब पता चला तो अच्छा नहीं होगा। और फिर मैंने उनको कहा कि, उनको तो अगर कोई कहेगा तब ही तो उनको पता चलेगा ना. और तभी मैंने आंटी का हाथ मेरे लंड पर रख दिया और मैं उनकी जाँघों पर अपना हाथ फेरने लग गया था जिससे आंटी भी गरम होने लग गई थी. और फिर वह मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर चूसने लग गई थी, वाह क्या मस्त तरीके से चूस रही थी वह मेरे लंड को और उस समय मैं तो मानो जैसे अलग ही किसी दूसरी दुनिया में पहुँच गया था। क्योंकि दोस्तों जीवन में पहलीबार कोई मेरे लंड को चूस रहा था और दोस्तों मैं आप सभी को क्या बताऊँ कि, उस समय मुझको क्या गजब का एहसास हो रहा था. और फिर मैंने आंटी के सिर को अपने हाथ में लिया और फिर उनके मुहँ में ज़ोर-ज़ोर से अपने लंड के धक्के मारने लगा. और फिर मैंने आंटी को कहा कि, आंटी मेरी जान बस करो अब मेरी बारी है और फिर मैं उनके बब्स को दबाने लगा तो वह तो जैसे एकदम से उछल पड़ी थी, लेकिन वह फिर भी मेरे लंड को अपने हाथ से छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही थी. और फिर धीरे-धीरे मैं उनके पुरे जिस्म को चूमने लगा और फिर बारी आई उनकी चूत की उस समय आंटी की हालत क्या बताऊँ दोस्तों मैं उसको यहाँ लिखकर बयान नहीं कर सकता।

आंटी बस आहह… नहीं आहह… और चाट मेरी चूत को और ज़ोर से, ऐसे तो तुम्हारे अंकल भी नहीं करते मेरे साथ. और फिर मैंने आंटी की गांड भी चाटी तो उनकी गांड का स्वाद थोड़ा बुरा था लेकिन सेक्स करते वक़्त क्या बुरा क्या भला और बस मैं तो जैसे किसी नशे मैं था. और फिर आंटी ने मुझसे कहा कि, चल अब मुझे चोद डाल. तो फिर मैंने आंटी को कहा कि, आंटी अब आप घोड़ी बन जाओ और आंटी जैसे ही घोड़ी बनी तो मैंने उनको कहा कि, आंटी पहले मेरे लंड को थोड़ा गीला तो कर दो। तो फिर वह आंटी फिर से मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गई थी. और फिर कुछ देर के बाद मैंने उनको कहा कि, बस अब हम चुदाई करते है तो फिर वह आंटी मेरे सामने घोड़ी बन गई थी. और फिर मैंने चुपके से मेरे लंड का टोपा आंटी की गांड के छेद से थोड़ा सा दूर रखा और फिर मैंने आंटी की कमर पकड़ ली थी और फिर मैंने एक ही झटके में अपना आधा लंड आंटी की गांड में डाल दिया था. और तभी आंटी बहुत ज़ोर से आहहह… करके चीख पड़ी थी और वह मुझसे कहने लगी कि, बाहर निकाल? तो फिर मैंने उनको कहा कि, आंटी कुछ नहीं होगा मेरी जान बस थोड़ी ही देर में मेरा पानी निकल जाएगा और फिर मैं उनको हल्के-हल्के धक्के देकर चोदने लगा और उस बीच आंटी 2 बार झड़ चुकी थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर आंटी ने मुझसे कहा कि, जल्दी अपने लंड को मेरी गांड से बाहर निकालो मैं बहुत थक गई हूँ. तुम्हारा लंड तो तुम्हारे अंकल से भी काफी बड़ा है और आज पहलीबार किसी ने मेरी गांड मैं लौड़ा डाला है। और फिर मैं भी उनकी गांड में धक्के मारते-मारते बहुत थक गया था और फिर भी मेरा माल नहीं निकल रहा था. और फिर करीब 10-15 मिनट के बाद मैंने आंटी की गांड में अपना सारा जोश ठण्डा कर दिया था और फिर जैसै ही मैंने अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकाला तो आंटी के मुहँ से आहहह… इस्सस… की आवाज़ निकल गई थी और वह थककर लेट गई थी और फिर मैं भी उनके पास ही लेट गया था. और फिर उस दिन के बाद तो मैं अक्सर उस आंटी को अपने लंड पर बैठाता हूँ और उनके पूरे जिस्म के भी खूब मज़े लेता हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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