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फेसबुक वाली भाभी की चिकनी चूत की चुदाई

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प्रेषक :- मनीष…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम मनीष है और मैं आप लोगों को आज कामलीला डॉट कॉम वेबसाइट के माध्यम से अपनी सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ और यह सच्ची सेक्स कहानी फेसबुक से शुरु हुई है। दोस्तों मैंने 1 साल पहले फेसबुक पर अपनी आई. डी. बनाई थी और फिर मेरी दोस्ती बहुत सारी लडकियों और भाभियों से हुई थी। दोस्तों मेरा रुझान शुरु से ही अपने से बड़ी औरतों की तरफ था और मुझे अपने से बड़ी उम्र की औरतें बहुत ज़्यादा पसन्द आती थी और फिर मैंने फेसबुक पर भी अपने से बड़ी उम्र की एक औरत को पटाया जिसका नाम शालिनी था दोस्तों मैं बैंगलोर में रहता हूँ और वह भी बैंगलोर की ही रहने वाली थी। शुरु में तो मैंने ही उन्हें फ्रेंड-रिक्वेस्ट भेजी थी और उन्होंने उसको एक्सेप्ट भी कर लिया था।

पहले तो मैं उनकी तरफ कोई खास ध्यान नहीं देता था और उनकी किसी भी अपडेट पर कमेंट करते हुए मुझे काफ़ी झिझक होती थी और फिर 5-6 महीने तक यही सब चला और वह कोई भी फोटो अपलोड करती थी तो मैं उसको लाइक कर देता था, लेकिन अगर मैं फेसबुक पर कुछ अपलोड करता था तो वह उसको लाइक नहीं करती थी। लेकिन फिर भी मैंने उसकी फोटो को लाइक करना नहीं छोड़ा था तो फिर उसका भी ध्यान धीरे-धीरे मेरी तरफ खिचने लगा था और फिर वह भी मेरी पोस्ट को लाइक करने लग गई थी और फिर उसका मेरा साथ देने से मेरा विश्वास और भी बढ़ गया था। और फिर एक दिन उसने अपनी एक फोटो अपलोड की जिसमें वह बहुत ही खुबसुरत लग रही थी उसने उसमें गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और उसके बब्स सामने की तरफ खड़े हुए दिखाई दे रहे थे। और फिर मैंने उसे मैसेज किया और कहा कि, आप बहुत खूबसूरत लग रही हो, लेकिन उसने मेरे मैसेज को पढ़कर कोई जवाब तो नहीं दिया था लेकिन अन्दर ही अन्दर वह भी बहुत खुश लग रही थी। और फिर हम दोनों लगातार चैट करने लगे और फिर उसने अपने बारे में मुझको बताया तो मुझको पता चला कि, वह मुझसे करीब 5 साल बड़ी थी और उसकी शादी हो गई थी और उसको एक बच्चा भी था। उसके पति एक बड़ी कम्पनी में काम करते थे और वह घर पर अकेली ही रहती थी और फिर यह सब सुनकर मेरे मन में उससे मिलने की बात आ गई थी और फिर मैं उससे मिलने की बात सोचने लगा था उसका घर मेरे घर से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर था। और फिर मेरी और उसकी गरमा-गरम चैटिंग शुरु हो गई थी और कभी-कभी हम वीडियो चैट भी कर लिया करते थे। जिसमें वह मुझको अपने बब्स दिखाती थी और फिर उसको मैं कहता था कि, और नीचे दिखाओ ना, तो वह मुझको मना कर देती थी।

और फिर करीब 2-3 महीने तक यही सब चला और मैं लगातार ही उसपर मिलने का दबाव बनाता रहता था लेकिन वह जल्दी मुझसे मिलने के मूड में नहीं थी। और फिर मुझको लगने लगा था कि, यह तो सिर्फ़ दूर-दूर से ही मजा लेना चाहती है और वह यही सब चाहती भी थी।  लेकिन फिर मेरे लगातार कहने और मिलने की जिद के आगे उसे झुकना पड़ा और फिर एक दिन मैंने उससे यह बात मनवा ही ली कि, वह मुझसे मिलेगी. लेकिन उसकी एक शर्त थी कि, वह सिर्फ़ मिलेगी, बात करेगी और हमारे बीच उससे ज़्यादा कुछ भी नहीं होगा। और फिर मैंने यह शर्त मान भी ली लेकिन फिर दिक्कत यह थी कि, कैसे मिले और कहाँ मिले? और फिर मुझे याद आया कि, इस काम के लिए तो एक ही जगह सबसे अच्छी थी और वह था उसका घर, तो फिर मैंने उसे उसके घर मिलने की बात कही तो वह इसके लिए तैयार हो गई थी।  और अब बस इस बात का इन्तजार था कि, कब उसका पति घर से दूर जाए और हम दोनों मिले। और फिर संयोग से हमारी बात होने के एक हफ्ते बाद ही उसके पति को अपने किसी काम से हैदराबाद जाना था और फिर यह बात उसने मुझको बताई और फिर हमने प्लान बना लिया कि, हम उसी दिन मिलेगे और फिर वह दिन आ भी गया था और मैंने पूरी रात उसी के घर पर बिताने का मन बना लिया था। दोस्तों यह सर्दी की बात है और मैं करीब 7 बजे शाम को उसके घर पहुँचा तो उसने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी। और फिर वह मुझे गेट पर ही मिली और यह सब कुछ हमने फोन पर पहले से प्लान कर लिया था। और फिर गेट पर ही खड़े होकर हमने 2-3 मिनट तक बात करी ताकि उनके पड़ौस में किसी देखने वाले को लगे कि, यह तो कोई इनकी जान-पहचान का ही है। उसके बाद उसने मुझको अन्दर बुलाकर दरवाजा बन्द कर दिया था और फिर उसके दरवाजा बन्द करते ही मेरा 3.5” का सिकुडा हुआ लंड 7” का हो गया था। दोस्तों वह उस समय बिल्कुल एक अप्सरा से से कम नहीं लग रही थी उसने उस समय पीले रंग की टी-शर्ट और शॉर्ट पहनी हुई थी, टी-शर्ट में से उसके बब्स के उभार साफ दिख रहे थे और यह भी साफ दिख रहा था कि, उसने उसके अन्दर कुछ भी नहीं पहना हुआ है। और फिर मैं उसके पीछे-पीछे अन्दर गया तो देखा कि, उनका घर काफ़ी बड़ा और आलीशान था और फिर उन्होंने मुझको ड्राइंग-रूम में बैठने को कहा और फिर वह मेरे लिये पानी लेकर आई और फिर वह मेरे सामने बैठकर मुझसे बातें करने लगी, लेकिन हम दोनों का ध्यान उस समय पूरी तरह से कहीं और था, पर वह बातें करने में शरमा भी रही थी, और मैं उसके बड़े उभारों और रसीले होठों को निहार रहा था। लेकिन फिर मैंने कोई जल्दी बाजी करने की नहीं सोची थी और किसी तरह मैंने अपने मन को रोककर रखा. और फिर चाय पानी का दौर चला और शरमाते हुए ही हम एकदूसरे से बात कर रहे थे पहले तो हम आमने सामने बैठे थे लेकिन मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैं बात करते-करते उसके पास उसके सोफे पर ही जाकर बैठ गया। एकबार तो उसने अपनी नाक सिकोड ली थी लेकिन फिर उसका मूड भी धीरे-धीरे बदल रहा था। दोस्तों यह बात तो आप लोग भी जानते है कि, किसी लड़की या औरत से मिलने पर कितनी हेराफेरी करनी पड़ती है। और फिर धीरे से मैंने उसका हाथ पकड़ा और हमारी बातें तो लगातार ही होती रही और फिर उसके हाथ को सहलाते-सहलाते मेरे हाथ उसके बब्स तक पहुँच गये थे एकबार तो उसने मेरा हाथ अपने बब्स से हटाने की कोशिश करी लेकिन मैंने उसे बातों में उलझाए रखा और तब तक वह भी गरम हो चुकी थी।

और मेरे हाथ लगातार उसके बब्स पर घूम रहे थे जो कि, इतने शानदार थे कि, उनको देखकर बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि, यह एक बच्चे की माँ है और हाँ उसका बच्चा भी छोटा था जो दूसरे कमरे में टी.वी. देखने और गेम खेलने में मस्त था। और फिर कुछ देर के बाद मुझसे अब और रुका नहीं गया और फिर मैं खड़ा हुआ और उन्हें किस करने लगा तो थोड़ा शरमाने  के बाद वह भी मेरा साथ देने लग गई थी. और फिर मैं अपना एक हाथ उसकी टी-शर्ट में डालकर उसके मुलायम बब्स को दबाने लगा पर उसकी टी-शर्ट टाइट होने के कारण मुझको दूसरा हाथ डालने में दिक्कत हो रही थी और मुझे उससे एक पल के लिये भी दूर हटने का मन नहीं हो रहा था, तो फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को नीचे से ऊपर तक फाड़ दिया था और फिर वह भी पूरी तरह से मूड में आ चुकी थी और फिर वह पागलों की तरह मुझे किस करने लगी और तभी एक झटके में उसने मेरी शर्ट के भी सारे बटन तोड़ दिए थे और फिर वह मेरी गर्दन से नीचे तक मुझको किस करते हुए गई। और फिर मेरी पेन्ट को खोलकर वह मेरे पहले से ही खड़े लंड को चूसने लगी तो उसके होठों के स्पर्श से वह और भी सख़्त हो गया था। और फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और फिर सोफे पर लिटाकर उसके शॉर्ट को भी उतार दिया था, उसने नीचे भी कुछ भी नहीं पहना था और अब उसकी साफ और गुलाबी भीगी हुई चूत मेरे सामने थी। और फिर मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया था और वह भी इसका पूरा मजा ले रही थी, और वह पूरा कमरा उसकी इस्स… आहह… सस्सस्स… की सिसकारियाँ की आवाज़ से गूँज रहा था। और फिर कुछ देर के बाद हम 69 की पोजीशन में आ गये थे और फिर मैंने पास ही में पड़ी अपनी जीन्स की पेन्ट की जेब में से कन्डोम निकाल के उसे दिया और उसने उस कन्डोम को मेरे लंड पर लगा दिया था और फिर मैंने सोफे से उसको आधा बाहर की तरफ खींचा और फिर उसकी दोनों टाँगों को चौड़ी करके अपने लंड को उसकी चूत पर रख दिया और फिर एक ही झटके में मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर डाल दिया था जिससे उसकी आईई… उइई. निकल गई थी, दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

पर उसकी चूत बहुत टाइट थी तो मेरा लंड उसमें आधा ही अन्दर जा पाया था और फिर मैंने अपने लंड को फिर से पीछे खींचकर दुबारा ज़ोर से पूरा अन्दर डाल दिया था। और अब मैं पूरा उसके अन्दर था और मैंने पहले तो धीरे-धीरे और फिर ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने शुरु कर दिए थे जिससे शालिनी भी ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ लेने लग गई थी आहहह… ऊऊह्ह्ह… उसकी चूत सच में बहुत टाइट थी। उसका पति अपनी गर्लफ्रेंड के चक्कर में एक बहुत ही हसीन चीज़ को खो रहा था, और दोस्तों यह बात उसने ही मुझे बताई थी कि, उसका पति उससे ज्यादा देर तक सेक्स नहीं कर पाता था, लेकिन यह बात कहने से औरतें झिझकती है शायद उसने मुझे पहले नहीं कहा था लेकिन जब मैं उसकी चूत में धक्के पर धक्के दे रहा तो वह भी खूब मज़े ले रही थी और वह यह सब कहती भी जा रही थी, इसे कहते है अच्छी तरह से चूत की चुदाई करना और साला मेरा पति तो जल्दी ही ढेर हो जाता है और जोर-जोर से करो प्लीज… ओह… जल्दी-जल्दी करो और जोर से पूरा अन्दर जाने दो आहह… मैं लगातार उसे किस कर रहा था और मेरे होंठ उसके बब्स को निचोड़ने में लगे हुए थे। और फिर मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधो पर रख लिए थे और फिर मैं और भी जोर-जोर से करने लग गया था तो उसकी चूत ने गरम-गरम ढेर सारा पानी छोड़ दिया था। और फिर कुछ देर के बाद वह मुझे फर्श पर लिटाकर मेरे ऊपर आ गई थी और फिर वह जोर-जोर से करने लग गई थी और तब वह अपने पूरे जोश में थी और फिर करीब 10-15 मिनट के बाद ही मैं भी झड़ गया था। और फिर कुछ देर तक हम वहीं सोफे पर लेटे रहे और फिर वह किचन में कुछ बनाने के लिये चली गई थी और फिर मैं भी उसके पीछे-पीछे वहाँ पर चला गया था और फिर नाश्ता खाने के बाद हमने वहीं पर खड़े-खड़े भी सेक्स किया। और फिर उसने अपने बच्चे को सुला दिया था और फिर हमने बेडरूम में बाथरूम में भी सेक्स किया और उस दिन मैं वहीं रहा यह शायद आपको बताने की ज़रूरत नहीं कि, रात भर हम बिना कपड़ो के रज़ाई ओढकर सोए और चूत चुदाई का खेल रात में भी हमने 3 बार खेला था लेकिन फिर मैं उसके पति के आने के पहले ही वहाँ से वापस आ गया था।

दोस्तों अभी भी हमारी रोज़ बातें होती है और अभी भी उसके पति कहीं बाहर जाते है तो मैं उसका दूसरा पति बनकर उसके घर पर पहुँच जाता हूँ उसकी मोटी गांड और चिकनी चूत की चुदाई करने।

हाँ तो दोस्तों यह थी मेरी फ़ेसबुक फ्रेंड की चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी मुझको ज़रूर बताना।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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