फौजी की बीवी की चूत का रखा ख्याल

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प्रेषक :- अजय…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम अजय है, मेरी उम्र 26 साल की है और मैं पूना में रहता हूँ. दोस्तों यहाँ पर मैं एक ऑटोमोबाइल कम्पनी में काम करता हूँ और मैं यहाँ पर पिछले 4 सालों से रह रहा हूँ और मैं यहाँ पर एक किराये के मकान में रहता हूँ. दोस्तों मैं एकदम कुँवारा हूँ तो यहाँ पर मैं अकेला ही रहता हूँ और मैं अपने फुर्सत के समय पर कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता हूँ. मुझको इस वेबसाइट की सभी कहानियाँ बहुत ही ज्यादा अच्छी लगती है।

दोस्तों अभी 6 महीनें पहले ही मैंने अपना मकान बदल दिया था. दोस्तों मेरे इस नए मकान में आज से 3 महीनें पहले मेरे साथ एक बहुत ही खूबसूरत हादसा हुआ था. और आज मैं आप सभी के सामने मेरे साथ हुए उस हादसे को कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से लेकर आया हूँ. हाँ तो दोस्तों मेरी वह घटना कुछ इस प्रकार से है।

दोस्तों मैं जब अपने नये घर में शिफ्ट होने आया तो यहाँ पर एक परिवार पहले से ही रहता था. दोस्तों उस परिवार में 3 जने थे. भैया (मकान मालिक), भाभी (मकान मालकिन) और उनका एक 2 साल का बेटा. दोस्तों वह भैया फौज में नौकरी करते थे और वह अपने घर पर साल में केवल 2 बार ही आते थे, और वह भी सिर्फ एक महीने के लिए. दोस्तों जब मैंने अपना मकान बदला था तब वह भैया उनके घर पर आए हुए थे लेकिन वह 2-3 दिन के बाद ही अपनी ड्यूटी पर चले गये थे. 2-3 दिन में ही मेरी उनसे काफी अच्छी जान पचान हो गई थी. और फिर जाते-जाते उन्होंने मुझसे कहा था कि, अपनी भाभी का ख्याल रखना. तो फिर मैंने उनको कहा कि, आप बिल्कुल भी चिन्ता मत करो, मैं उनका बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखूँगा. दोस्तों उन भाभी की उम्र करीब 28 साल की थी, और वह दिखने में भी एकदम खूबसूरत और बिल्कुल मस्त थी. और फिर वह भैया चले गये थे, इस पर अब भाभी थोड़ी उदास सी रहने लग गई थी. दोस्तों मैं सुबह तो अपने ऑफिस चला जाता था और शाम को वहाँ से वापस आता था. दोस्तों एक दिन जब मैं अपने ऑफिस से वापस आया तो मैंने देखा कि, भाभी बिल्कुल उदास बैठी हुई थी. और फिर मैंने उनसे पूछा कि, क्या हुआ तो उन्होंने मुझको कहा कि, मुझको तुम्हारे भैया की बहुत याद आ रही है. तो फिर मैंने उनको कहा कि, मेरे होते हुए आपको परेशान होने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है. तो फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, मेरी परेशानी को तुम दूर नहीं कर सकते हो। तो फिर मैंने उनको कहा कि, मैं आपकी हर परेशानी को दूर कर सकता हूँ. तो उन्होंने मुझको कहा कि, चलो अच्छी बात है मैं तुमको रात में अपनी परेशानी बताऊँगी।

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दोस्तों मैं उनकी बात को अच्छी तरह से समझ गया था कि, वह भाभी मुझसे क्या चाहती है, और फिर मैं रात होने का इन्तजार करने लगा. और फिर रात में उन्होंने मुझको 8-9 बजे के आस-पास अपने कमरे में बुलाया और उन्होंने मुझसे पूछा कि, तुमने खाना खा लिया? तो मैंने उनको कहा कि, नहीं अभी नहीं खाया, अभी थोड़ा देर से खाऊँगा. तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, तुम मेरे साथ ही खाना खा लो. तो इस पर मैंने भी उनको कहा कि, तो फिर मैं आपके हाथों से ही खाना खाऊँगा. तो उन्होंने मुझको कहा कि, ठीक है. और फिर वह मेरे साथ मुझको खाना खिलाने बैठ गई थी. और फिर जैसे ही उन्होंने अपना हाथ मेरे मुहँ में डाला तो मैंने उनकी ऊँगली को काट लिया था. तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, सब्र करो, पहले खाना तो खा लो, मुझको तो तुम खाना खाने के बाद भी काट लेना. दोस्तों मैं उस समय यह सोचकर मन ही मन बहुत खुश हो रहा था कि, आज तो भाभी को चोदने का मौका मुझको जरूर मिलेगा. और फिर हम लोगों ने खाना खत्म किया और फिर मैं अपने कमरे की तरफ जाने लगा तो उन्होंने मुझको कहा कि, यहीं पर सो जाना आज तुम मेरे साथ. तो फिर मैंने उनको कहा कि, ठीक है, मगर मैं अपना कमरा तो बन्द करके आऊँ. तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, ठीक है. और फिर जब मैं अपना कमरा बन्द करके वापस लौट रहा था को मैंने देखा कि, भाभी गुड़िया (भाभी की बेटी) को दूध पिला रही थी और मैं बैठकर उनको देखने लगा, तो उन्होंने मुझको कहा कि, क्या तुमने कभी यह सब देखा नहीं है क्या?

तो मैंने उनको कहा कि, देखा तो है मगर इनको कई दिनों से होठों से नहीं लगाया है. और फिर उन्होंने मुझको कहा कि, 10 मिनट रुक जाओ, फिर तुम सब कुछ अपने होठों से लगा लेना और तब तक तुम बैठकर टी.वी. देखो. और फिर करीब 10-15 मिनट के बाद मैंने देखा कि, भाभी एकदम पारदर्शी एक नाइटी पहनकर मेरे सामने आई. और फिर मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया और मैं उनपर टूट पड़ा था. तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, पहले अपने कपड़े तो उतार दो. तो फिर मैंने जल्दी से अपने कपड़े उतार दिए और फिर उनके कपड़े भी उतार दिए थे. दोस्तों तो फिर हम दोनों ही अब एकदम नंगे थे. और फिर मैंने उनके होठों को चूसना और चूमना चालू किया, और फिर धीरे-धीरे मैंने उनके पूरे बदन को चूसना-चूमना शुरू किया और फिर जैसे ही मैंने उनकी बिना बालों वाली चूत को छुआ तो उनके मुहँ से एक आहहह… सी निकल गई थी. और फिर मैंने उनकी चूत को भी करीब 10-15 मिनट तक खूब अच्छी तरह से चाटा था. उसके बाद उन्होंने मुझको कहा कि, अब मैं झड़ने वाली हूँ, तो मैंने उनको कहा कि, आप मेरे मुहँ में ही झड़ जाओ, मैं तुम्हारी चूत का पानी पीना चाहता हूँ. और फिर उन्होंने वैसा ही किया और मैंने उनकी चूत का सारा रस पी लिया और फिर उन्होंने मुझे नीचे लिटा दिया और फिर वह मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी. और फिर 15-20 मिनट तक मेरे लंड को चूसने बाद मैंने उसको कहा कि, अब मैं भी झड़ने वाला हूँ, तो उन्होंने मुझको कहा कि, मुझको भी तुम्हारे लंड का रस पीना है. और फिर उन्होंने मेरे लंड का पूरा रस पी लिया। और फिर थोड़ी देर रुकने के बाद उन्होंने मुझको कहा कि, अब जल्दी से अपना लौड़ा मेरी चूत के अन्दर डाल दो. और फिर मैंने झट से अपना लौड़ा फिर से हिलाकर खड़ा किया और फिर उनकी दोनों टाँगों के बीच में आकर उनकी दोनों टाँगों को फैलाकर उनकी चूत पर अपना लौड़ा रखकर कुछ देर तक उनकी चूत पर रगड़कर एक जोर का धक्का दिया तो एक ही धक्के में मेरा लौड़ा उनकी चिकनी चूत में पूरा का पूरा ही समा गया था. और फिर मैंने कुछ देर रुककर उनके होठों को चूमने और उनके बब्स को चूसने के बाद उनकी चूत में धक्के लगाने शुरू किए. और फिर 10-15 मिनट की उस चुदाई के बाद मैंने उनको कहा कि, अब आप घोड़ी बन जाओ, अब मैं आपकी गांड भी मारूँगा तो उन्होंने कहा कि ठीक है।

और फिर मैंने एक तेल की बोतल से थोड़ा सा तेल निकाला और उनकी गांड पर लगा दिया और फिर मैंने अपने लौड़े को उनकी गांड में धीरे-धीरे डालकर जैसे ही धक्के लगाने शुरू किए, उनको दर्द होना भी शुरू हो गया था और तब उन्होंने मुझसे कहा कि, प्लीज़ इसको बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. मगर मैंने उनकी एक नहीं सुनी और मैंने जोर-जोर से उनकी गांड मारनी शुरू कर दी थी. और फिर कुछ देर के बाद जब धीरे-धीरे उनका दर्द कम हुआ तो उन्होंने, उम्म….. आहह… इस्सस… की आवाज़ें निकालनी शुरू कर दी थी. और फिर करीब 15-20 मिनट की उस गांडफाड़ चुदाई के बाद मैंने उनको कहा कि, अब मेरा माल निकलने वाला है तो उन्होंने मुझको कहा कि, तुम अपना माल मेरी गांड के अन्दर ही निकाल दो. तो फिर मैंने वैसा ही किया और उनकी गांड में ही अपना सारा माल निकाल दिया. और फिर मैंने उनसे पूछा कि, आपको यह सब कैसा लगा? तो उन्होंने मुझको कहा कि, तुम्हारे भैया ने भी कभी ऐसा सुख नहीं दिया है मुझको, इसलिए अब तो मैं तुमसे ही अपनी चुदाई करवाऊँगी. और फिर हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे की बाहों में लिपटकर सो गए थे।

और फिर जब मैं सुबह सोकर उठा तो मैंने देखा कि, भाभी नहा चुकी हैं और उन्होंने एक नाइटी पहनी हुई है. और फिर मैं उठा और सीधा उनको अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले आया और मैंने उनको सुबह एकबार फिर से चोदा था. दोस्तों यह सिलसिला आज भी चलता आ रहा है और अब तो वह भाभी भैया को याद करके कभी दुखी भी नहीं होती है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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