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बचपन का प्यार जवानी में मिला

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प्रेषक :- दिनेश…

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम दिनेश है और मैं 25 साल का हूँ और मैं उड़ीसा के शहर भुवनेश्वर में रहकर अपनी पढाई कर रहा हूँ मैं छुट्टियों में अपनी बुआ के गाँव गया था वहाँ मेरे साथ घटी एक घटना को मैं एक कहानी के रूप में आप सभी के सामने रख रहा हूँ यह मेरी पहली कहानी है अगर इसमें कोई गलती हो जाये तो मुझे नया समझकर माफ़ कर देना.

तो मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ जो इस प्रकार है आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे हो..

मेरी बुआ के पास जब मैं गया उस टाइम मैं बहुत खुश था क्योंकि मैं राखी दीदी से  मिलूंगा वह बुआ की लड़की है जिसकी उम्र करीब 25 साल होगी वो पहले से ही कमाल की लड़की थी लगभग 32,28,34, साइज़ का उसका फिगर था उसका रंग थोड़ा गेहूआं था वह मुझे बचपन से ही पसंद थी, उसके साथ बहुत खेलता था मैं बचपन में.

जब मैं वहाँ गया तब वो हैंडपंप से पानी भर रही थी, जब वो हैंडपंप चला रही थी तो उसके बड़े-बड़े बोब्स हिल रहे थे और बहार आने की कोशिश करते, घर में घुसते ही ये नज़ारा देख कर मेरा 5.5″ का लंड तन गया.

बुआ और राखी दीदी मुझे देखकर बहुत खुश हुए, उनके घर में दोनों को छोड़ कर फूफाजी और उनका एक बेटा था जो हमेशा खेत के ही काम में लगा रहता था. घर में  सिर्फ बुआ और राखी दीदी ही रहती थी फूफाजी भी ज्यादात्तर उनके लड़के के साथ ही खेत पर ही रहते थे.

मैं जाने के बाद फ्रेश हुआ और हम तीनों ने खाना खाया बुआ ने कहा कि तू थक गया होगा तो सो जा शाम को उठा दूँगी तुझे, तो मैं ठीक है कहकर सो गया, जब उठा तो बुआ खेत में गई थी फूफाजी और उनके बेटे का टिफ़िन लेकर, और राखी दीदी झाड़ू लगा रही थी तो नीचे झुकने की वजह से उसके सांवले बब्स दिख रहे थे मैं तो देखकर ही दीवाना हो गया तभी दीदी की नज़र मुजपर पड़ी और उसने जान लिया कि मैं क्या देख रहा था लेकिन वो अंजान बनकर बोली चल फ्रेश हो जा चाय बना देती हूँ तेरे लिए मैंने कहा ठीक है..

हमने चाय पी तब तक बुआ भी आ गयी फिर हमने रात का डिनर किया और सो  गए..

रात में मुझे नींद नहीं आ रही थी मच्छर काट रहे थे लेकिन वो दोनों तो आराम से सो रही थी, तभी दीदी उठी बाथरूम जाने के लिए और बाथरूम जाकर आई तो देखा मैं सोया नहीं हूँ तो मेरे पास आकर लेट गई, और बातें करने लगी शहर में क्या क्या करता है. मैंने सब बताया ..

“वो पढाई नहीं करती थी सिर्फ 5वीं तक ही पढ़ी थी गाँव में आगे स्कूल नहीं था और बुआ,फूफाजी उसे शहर में नहीं भेजना चाहते थे.

फिर उसने पूछा की तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या ? मैनें बोला नहीं है, तू क्यों पूछ रही है ? तो वह बोली कि पड़ोस की एक लड़की शहर में पढ़ती है उसका वहाँ एक बॉयफ्रेंड है और वो हमेशा उसके साथ ही घूमती फिरती रहती है..

उसकी बातों से मैं समझ रहा था कि दीदी को किसी बॉयफ्रेंड की जरूरत है, अंजान बनके मैनें बोला तू नहीं करती क्या किसी को पसंद तो वह बोली घर के बहार नहीं निकलती तो क्या ख़ाक किसी को पसंद करुँगी..

ऐसे ही बात करते करते हम सो गए सुबह जब आँख खुली तब सब उठ चुके थे बुआ टिफ़िन लेकर खेत जा चुकी थी और दीदी नहा रही थी तो मैं अंजान बनकर बाथरूम की ओर गया तो देखा कि दीदी ने बाथरूम का दरवाजा नहीं लगाया था वो पूरा खुला था और वो अपनी चूत को साबुन लगाकर सहला रही थी उसकी चूत पर बहुत से बाल थे और क्या लग रही थी वो पानी में, मैं यकीन नहीं कर सकता था कि मैं यह नज़ारा अपनी आँखों से देख रहा था मैंने अपना लंड निकाला और मूठ मारने लगा था. लंड फुल तन गया था मेरी आँखे बंद थी..

दीदी की नज़र मुजपर पड़ी वो बहुत गौर से मेरे लंड को देख रही थी वो शायद पहली बार किसी के लंड को देख रही थी फिर वह अंजान बनते हुए नहाने लगी जब मेरा निकल गया तो मैं वहाँ से चला आया पूरा दिन नार्मल बीत गया.

रात में सोने के टाइम दीदी मेरे पास सोई हम दोनों एक ही चद्दर में थे और वो सोने का नाटक कर रही थी बुआ तो कब की सो गई थी, मुझे नींद नहीं आ रही थी, मुझे पता नहीं चला की मेरी कब आँख लगी.

जब आँख खुली तो मुझे मेरे लंड पे किसीका हाथ फिरता नज़र आ रहा था. मैनें देखा तो दीदी मेरा लंड को लोअर के ऊपर से सहला रही थी, मैं तो जन्नत में था लेकिन चुपचाप नाटक करता रहा सोने का दीदी ने आगे बढ़ते हुए लोअर से लंड बहार निकाला तब तक लुंड फुल सलामी दे रहा था बस वो सिर्फ सहला रही थी अचानक मेरा निकल गया और उसका हाथ पूरा पानी से भर गया.

वो हाथ पोंछकर सो गई. अब मेरी बारी थी मैं उससे चिपककर लेट गया और अपना एक हाथ उसके कमर में डाल दिया और पेट सहला रहा था वो सोई नहीं थी लेकिन सोने का नाटक कर रही थी उसे मालूम था कि मैं जरूर कुछ करूंगा, तो मैं आगे बढ़ कर हाथ उसके बब्स पर ले गया और जोर से दबा दिया उसकी सिसक निकल गई उसे रहा नहीं गया वो पलटकर कसके मुझसे लिपट गई फिर क्या था मुझे तो यही चाहिए था, मैंने किस करना स्टार्ट किया लेकिन उसे कुछ अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन कुछ देर बाद वो मेरा साथ देने लग गई थी.

मैनें उसका कुरता निकाल दिया वो ब्रा नहीं पहनती थी, सिर्फ समीज थी वो भी निकाल दी बब्स को देखकर मैं तो पागलों के जैसे उनपर टूट पड़ा जोर-जोर से दबा रहा था और वो सिसकियां ले रही थी आअह्ह आह्ह्ह स्स्स्स धीरेसे स्स्सस्स्सी आअह्ह .

मैनें करीब आधे घन्टे तक बब्स की मालिश करी और चूत की तरफ हाथ बढ़ाया तो उसने रोक दिया कहा आगे नहीं बढ़ना प्लीज उसने उसकी वर्जिनिटी उसके पति के लिए रखी थी, मुझे गुस्सा आया और एक थप्पड़ जड़ दिया उसे तो वो रोने लगी.

मैनें झट से उसकी सलवार उतार फेंकी और उसकी चूत क्या चमक रही थी यारों, बालों की वजह से मैनें हाथ लगाया तो वो उछल पड़ी पहली बार किसी मर्द का हाथ उसकी चूत पर था मैंने चूत में ऊँगली डाली तो वो कराहने लगी.

मैनें उसे सीधा लिटाया और पैर फैलाकर लंड सेट किया, और एक जोर का झटका दिया लंड का टोपा अंदर फँस चुका था और इधर दीदी की जान जा रही थी वो दर्द से कांपते हुए रो रही थी उसके मुहँ से आवाज़ नहीं आ रही थी.

मैं थोड़ा टाइम रुका जैसे ही उसका दर्द कम हुआ मैंने और एक झटका दिया लंड चूत को चीरते हुए पूरा अंदर जा चुका था इधर वो दर्द से तडप रही थी बेड पर बहोत खून निकला, मैनें उसे किस किया और प्यार किया और बब्स को दबाया थोडे टाइम तक.

जब उसका दर्द कम हुआ तो मैनें धीरे-धीरे चोदना स्टार्ट किया वो भी अब एन्जॉय कर रही थी और मेरा साथ भी दे रही थी गांड उठाकर, मैं जन्नत की सैर कर रहा था करीब 30 मिनट बाद में मैं और वह दोनों ही साथ में झड़ गये और मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और झड़ने का मजा लेते-लेते दोनों सो गये और सुबह सब के उठने से पहले ही उठकर कपड़े पहन कर वापस सो गये जिससे बुआ को कुछ पता नां चले

फिर दुसरे दिन जब बुआ फूफाजी का टिफ़िन देने खेत पर गयी तो दीदी घर का झाड़ू लगा रही थी तो मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और अंदर घर में लेकर गया पहले तो दीदी बहुत घबराई फिर मैंने धीरे धीरे किस करना स्टार्ट किया तो उसको भी तान चढ़ गई यानी वो मेरा साथ देनें लगी फिर मैं अंदर जाकर एक तेल का डिब्बा लेकर आया और फिर उसने मेरी मालिश की और मेरे लंड की भी मालिश की फिर मैनें भी उसकी मालिश की और फिर मैनें उसकी चुदाई की और गांड मारी इस बार मैनें सारा वीर्य उसके मुहँ में डाल दिया और उसने चाट लिया उसके बाद मैनें उसकी 1 बार और चुदाई की और उसके बोब्स तो देखने लायक थे दूध जैसे गोरे थे जो लाल टमाटर जैसे हो गये थे मैनें उसके बोब्स खूब दबाए और उसे उठाकर बाथरूम में ले गया और नल का पानी चालू कर दिया और उसकी चुदाई कर दी ऐसे ही मैं उसकी चुदाई करता रहा और उसे भी संतुष्ट कर दिया मुझे बहुत मज़ा आया चुदाई करने में और अब जब भी हमें मौका मिलता हम मिलते और प्लान करके चुदाई करते है

धन्यवाद दोस्तों!!

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