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बहन की चूत का दीवाना हुआ मेरा लंड

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प्रेषक :- सुनील…

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुनील है और मेरी उम्र अभी 31 साल है और यहाँ मैं आप लोगों को अपनी सेक्सी बहन के बारे में बताना चाहता हूँ। मेरी बहन का नाम मोनिका है और उसकी उम्र अब 34 साल है और मैंने ही मेरी बहन की चूत की सील उसकी शादी से पहले तोड़ी थी, लेकिन अब मेरी बहन की शादी हो चुकी है और उसका बेटा भी है और अब वो अपने पति के साथ रहती है। दोस्तों मेरी भी शादी हो चुकी है, मेरी एक बहुत ही सेक्सी पत्नी है और उसका नाम आरुषी है और मेरा एक बेटा भी है। मेरी पत्नी मुझे वो मज़े नहीं दे पाती जो मज़े मुझे मेरी बहन ने दिए थे। उन दिनों तो ऐसा लगता था कि, जैसे मोनिका की और मेरी शादी हो गई हो, मैं शादी से पहले मेरी बहन को खूब चोदता था, लेकिन शादी के बाद तो मुझे मेरी बहन को चोदने का मौका ही नहीं मिलता था। अब तो बस मैं अपनी सेक्सी बहन की यादों के साथ रहता हूँ।

एक दिन मेरी पत्नी आरुषी ने मुझको कहा कि, मुझे थोड़ी शॉपिंग करनी है तो मैं अपनी पत्नी को बाज़ार लेकर गया और वहाँ पर उसने एक काले रंग की ब्रा और पैन्टी खरीदी थी और एक साड़ी भी खरीदी थी। मैंने उसको पूछा कि, जान यह सब शॉपिंग करके तुम कहाँ जा रही हो? तो वह मुझसे बोली कि, मैं कुछ दिनों के लिए अपने पीहर जा रही हूँ और मेरे साथ आप भी चल रहे हो। मुझको उस समय अपने ऑफिस में कुछ काम था, इसलिए मैंने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया था और मैंने उसको कहा कि, तुम माँ को अपने साथ में ले जाना तो वह मुझसे बोली कि, ठीक है। और फिर मेरी पत्नी माँ को लेकर चली गई थी और फिर उसके 2-3 दिन के बाद मेरे पापा मुझसे बोले कि, बेटा में तेरे ससुराल जा रहा हूँ और वापसी में बहूँ और तेरी माँ को भी साथ ही ले आऊँगा. तो मैंने उनको बोला कि, ठीक है। और फिर पापा चले गये और 2-3 घन्टे के बाद पापा का फोन आया और उन्होंने मुझको कहा कि, बेटा स्टेशन से अपनी बहन को ले आ, तेरी बहन आई है। और हम लोग तो इधर तेरे ससुराल में ही रुक गये है और हम सब तो 2 दिन के बाद आएँगे। तो फिर मैंने पापा को बोला कि, ठीक है, और मैं मन ही मन बहुत खुश हो गया था और फिर मैंने अपनी कार निकाली और अपनी बहन को लेने के लिये स्टेशन चला गया था।

दोस्तों जब मैं स्टेशन पर पहुँचा तो मेरी बहन अपने बच्चे को गोद में लिए खड़ी हुई थी और उसके पास एक बैग भी था और फिर मैं गाड़ी से उतरा और उसे देखा तो उसने आसमानी रंग की साड़ी पहनी हुई थी। दोस्तों मोनिका का पति अपने काम के सिलसिले में अधिकतर बाहर ही रहता है और वह मोनिका को ज़्यादा समय नहीं दे पाता था, इसीलिए मेरी बहन मोनिका अकेली ही आई थी और फिर मैंने गाड़ी की डिक्क़ी खोली और मोनिका का बैग उसके अन्दर रख दिया था और फिर मैंने उसको बोला कि, आओ बैठो “मोनिका” और फिर वह मेरे साथ आगे की सीट पर बैठ गई थी और फिर उसने मुझसे पूछा कि, भाई तुम कैसे हो? तो मैंने उसको बोला कि, मैं तो एकदम ठीक हूँ लेकिन मैं तुमको बहुत याद करता हूँ, मुझको शादी के पहले की बातें याद आती है। और फिर वह भी मुझसे बोली कि, हाँ भैया, वह बातें तो मुझको भी बहुत याद आती है। तो फिर मैंने उसको बोला कि, भैया नहीं तुम मुझको जानू, जान या कुछ और ही बुलाओ तो फिर वह हँसकर बोली कि, ठीक है जानू, और बताओ कि, पापा और मम्मी कैसे है? तो मैंने उसको बोला कि, वो भी एकदम ठीक है और वह दोनों अभी मेरी पत्नी के साथ उसके मम्मी-पापा के घर पर गए है। और फिर इतना सुनते ही वह बहुत खुश हो गई थी और फिर उसने मुझको कहा कि, पापा ने तो यह बात मुझको नहीं बताई, आई.लव.यू. जानू. और फिर मेरी वह प्यासी बहन मुझपर अचानक से टूट पड़ी और वह मुझको ताबड़तोड़ किस करने लग गई थी तो फिर मैंने उसको बोला कि, अभी नहीं मेरी जान, अभी मैं गाड़ी चला रहा हूँ। और फिर वह चुप हो गई थी, और फिर वह अपना एक हाथ मेरे लंड पर रखकर उसपर हाथ फेरने लगी और साथ ही वह मेरे लंड से कहने लगी कि, मेरे भाई के शेर, आज तू बड़े दिनों के बाद एकबार फिर से मेरी चूत की सैर करेगा।

तो फिर मैंने भी उसको कहा कि, हाँ मेरी जान यह भी कब से बेकरार है तेरी चूत में जाने के लिए. और फिर हम घर पर आ गये थे और फिर हम दोनों कार से उतरकर घर के अन्दर आ गए थे. और फिर मेरी बहन फ्रेश हुई और उसने एक ढीला सा गाऊन पहना था और गाऊन के अन्दर उसने ब्रा-पैन्टी नहीं पहनी थी और जिससे उसके बब्स उसके गाऊन के अन्दर से साफ नज़र आ रहे थे। और फिर मैंने उसको कहा कि, “मोनिका मेरी जान”, खाना बना लो. तो वह मुझसे बोली कि, “ठीक है जी” और फिर वह किचन में खाना बनाने को गई तो मैं भी उसके साथ किचन में चला गया था और फिर वहाँ पर मैंने पीछे से अपनी बहन को अपनी बाहों में भर लिया था और मेरा लंड मेरी बहन की मोटी गांड को छूने लगा तो मेरी बहन उसको अपनी आँखें बन्द करके महसूस करने लगी और फिर एकदम से उसने मुझे धक्का दिया और कहा कि, अभी नहीं, यह सब रात को। उसके बाद उसने खाना बनाया और फिर हमने साथ में खाना खाया. और फिर मेरी बहन ने मेरे बेडरूम को अच्छी तरह से साफ करके चुदाई के लिए तैयार किया और फिर वह मुझसे बोली कि, आ जाओ मेरे राजा… अब अपनी इस रंडी बहन को चोद दो। और तब तक मेरी बहन ने अपने बेटे को सुला भी दिया था और फिर वह बिस्तर पर उल्टी लेट गई थी और फिर मैं उसके करीब गया और उसे उसके गाऊन के उपर से ही चूमने लग गया था। और फिर मेरी बहन सीधी हुई और फिर वह मेरे हाथ को अपनी चूत पर रखती हुई बोली कि, जानू आज तुम इसको फाड़ दो। और फिर मैं भी उसे किस करते हुए बोला कि, मेरी जान… तू फिकर मत कर आज मैंने तेरी इस चूत का भोसड़ा नहीं बनाया, तो मेरा नाम भी सुनील नहीं. और फिर मैंने उसका गाऊन उतार दिया था और फिर मैं उसके गोल-गोल और मोटे-मोटे बब्स को चूमने लगा और काटने लगा था जिससे मेरी बहन की सिसकियाँ निकलने लग गई थी आहह… उम्म्म… आहह… जानू चूसो इनको और जोर से। और फिर मैंने अपनी दो ऊँगलियाँ उसकी चूत में डाल दी और फिर मैं अपनी ऊंगलियों को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा और साथ ही मैं उसको यह भी कहने लगा कि, ओहह… जान तुम्हारी चूत कितनी रसीली है। तो वह भी मुझसे कहने लगी कि, खा जाओ मेरी चूत को. मेरी बहन मेरे लंड को सहला रही थी और फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा।

और फिर कुछ देर के बाद मेरी बहन ने मेरे भी सारे कपड़े निकाल दिए थे और फिर वह झट से मेरा लंड पकड़कर चूसने लगी तो मैंने भी उसको कहा कि, चूस साली रंडी… तू अपने भाई का लंड चूस। तो वह और भी तेजी से मेरा लंड चूसने लगी और फिर मैंने भी अब देर करना ठीक नहीं समझा और फिर उसके मुहँ से अपने लंड को निकालकर उसकी चूत को चोदने की पोजीशन में लाकर उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया था। मेरी बहन की चूत के होंठ खुले होने की वजह से मेरा लंड बड़ी ही आसानी से उसकी चूत में चला गया था और फिर मेरी बहन मुझसे कहने लगी कि, आहहह… फाड़ दी आज तो तुमने मेरी चूत। हमारे घर पर किसी के ना होने के वजह से वह और भी तेज-तेज चिल्ला रही थी और मैं भी मज़े से उसकी चूत मार रहा था तो वह मुझसे कह रही थी कि, चोद साले और जोर से. तो मैंने भी उसको कहा कि, यह ले रंडी संभाल। और फिर मैंने उसको कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया था. और फिर मैंने उसके बालों की चोटी पकड़ ली और फिर मैं धक्का देने लगा। और मैंने अपनी चुदाई स्पीड और बढ़ा दी थी मेरी बहन भी आहहह… जानू और तेज कर रही थी।  और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, मैं जा रही हूँ आहह… और फिर कुछ ही पलों में उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था। और फिर मैंने उसको सीधा किया और उसकी दोनों टाँगों को अपने कन्धों पर रखते हुए उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया था और साथ ही मैं उसके दोनों बब्स को पकड़कर धक्के लगाने लगा और फिर मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने 8-10 जोरदार धक्के दिए तो मेरे लंड ने मोनिका की चूत में अपना रस छोड़ दिया था। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर मैं झड़ते ही मोनिका के ऊपर ढेर हो गया था और फिर हम दोनों वैसे ही एकदूसरे से लिपटकर सो गये थे. और फिर 1 घन्टे के बाद मेरी आँख खुली और मैंने देखा तो मोनिका मेरा लंड चूस रही है और साथ ही वह अपनी चूत में ऊँगली भी कर रही है और फिर मैंने एकबार फिर से अपनी बहन की चूत मारी और मैंने अपना पानी उसकी चूत में दो बार निकाला था और दो बार उसकी गांड भी मारी थी। उन 2 दिनों में मैंने मोनिका की खूब चुदाई करी थी. और फिर दो दिन के बाद मम्मी-पापा और मेरी पत्नी घर पर आ गये थे और मोनिका मम्मी पापा को देखकर बहुत खुश हुई। और फिर अगले दिन सुबह को जीजू का फोन आया और वह बोले कि, मोनिका घर पर आ जाओ। मोनिका अपने घर जाने के लिए तैयार हुई तो पापा ने मुझे बोला कि, जा मोनिका को स्टेशन छोड़ आ। और फिर मैं मोनिका को छोड़ने गया तो रास्ते में मैंने उससे बोला कि, मेरी सेक्सी बहन अपने घर जाकर एक बार जीजू से भी चुदवा लेना ताकि उनको बच्चा होने पर पता ना चले। मोनिका बोली कि, ठीक है जानू, और फिर मोनिका चली गयी थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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