बिजली वाली मैडम ने दिया जोर का झटका  भाग – 1

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प्रेषक :- विशाल…

हाय फ्रेंड्स, मैं विशाल हूँ जोधपुर से, मेरी उम्र 24 साल की है और मैं एक कॉलेज में पढ़ने वाला छात्र हूँ. दोस्तों मैं आप सभी से यह तो नहीं कहूँगा कि, मैं बहुत ही ज़्यादा स्मार्ट हूँ, लेकिन फिर भी मैं एक औसत लड़का हूँ. दोस्तों मेरे साथ भी एक बहुत ही खूबसूरत सा हादसा हुआ था जिसको मैं आज आप सभी के सामने इस कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से एक कहानी के रूप में रखने जा रहा हूँ।

दोस्तों यह बड़ा ही खूबसूरत सा हादसा आज से 2 साल पहले का है जब मैं केवल 22 साल का था. मेरे पापा एक कार ड्राइवर है जो कि, एक मैडम की कार चलाते है. और मैं आपको उनका नाम तो नहीं बता सकता लेकिन उनको मैं अपनी इस कहानी में मेम ही कहूँगा. दोस्तों वैसे तो वह अलवर की रहने वाली है लेकिन हमारे यहाँ पर बिजली विभाग में उनकी पोस्टिंग थी. वह दिखने में इतनी खूबसूरत थी कि, मैं तो उनको पहली बार देखते ही पागल सा हो गया था. उनकी उम्र लगभग 27-28 साल की होगी. और उनका फिगर तो किसी का भी लंड बड़ी ही आसानी से खड़ा कर सकता था. उनका फिगर था 34-28-36 का बहुत ही कमाल का था. दोस्तों वह इतनी गोरी तो नहीं थी, लेकिन इतनी काली भी नहीं थी. दोस्तों अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों मैं आपको पहले ही बता चुका हूँ कि, मेरे पापा उन मेम की कार चलाते थे और हमारे यहाँ पर सब कुछ ठीक चल रहा था. और एक दिन पापा की तबीयत अचानक से खराब हो गई थी और उनको हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ गया था. और फिर मैं कॉलेज से आने के बाद सीधा पापा से मिलने हॉस्पिटल गया तो उन्होनें मुझे बताया कि, जब तक मैं ठीक नहीं हो जाता तब तक मेम की कार तुझे चलानी होगी, उनको बस घर से ऑफीस छोड़ना होता है और ऑफीस से घर. कार चलाना तो मुझको आता ही था तो मैंने उनको बोल दिया था कि, ठीक है पापा आप बिल्कुल भी चिंता मत करो मैं उनको छोड़ दिया करूँगा. और फिर अगले दिन सुबह मुझको कार लेकर मेम को लेने के लिये उनके घर जाना था. और मैं उनके घर पर ठीक 8 बजे पहुँच गया था. दोस्तों उस दिन मैं उनको पहलीबार देखने वाला था. और फिर मैंने उनके यहाँ पहुँचने के बाद कार का हॉर्न बजाया तो घर से बाहर एक बहुत ही खूबसूरत, हॉट और सेक्सी सी लड़की निकली थी. और जब मैंने उनको देखा तो मैं तो बस उनको देखता ही रह गया था. दोस्तों थोड़ी देर के लिए तो मैं सब कुछ भूल गया था. और फिर जब उन्होनें पापा की सीट पर मुझको बैठे हुए देखा तो उन्होनें मुझसे पूछा कि, आप कौन हो और बाबूलाल जी क्यों नहीं आए आज? तो फिर मैंने उनको बताया कि, उनकी तबीयत खराब है और वह तो हॉस्पिटल में भर्ती है, और मैं उनका बेटा हूँ और मेरा नाम विशाल है. जब तक वो ठीक नहीं हो जाते मैं ही आपकी कार चलाऊँगा. और फिर वह कार में आकर बैठ गई थी और फिर मैं उनको लेकर चल दिया था उनके ऑफीस की तरफ. और फिर ऑफीस पहुँचने के बाद मुझको शाम तक वहीँ पर रुकना था क्योंकि पता नहीं कब क्या काम आ जाए. और शाम को फिर से उनको उनके घर ले जाने लगा. और जब हम दोनों उनके घर पहुँचे तो उन्होनें मुझको बोला कि, चाय पीयोगे तुम?

तो फिर मैंने उनको बोल दिया कि, अभी नहीं किसी और दिन पी लूँगा अभी तो पापा को मिलने जाना है. और फिर मैं वहाँ से आ गया था. और फिर अगले दिन फिर से उनको लेने के लिये उनके घर जाना था. और उस दिन वह एक गुलाबी रंग की साड़ी में थी, जिसमें वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी, और उन्होंने गहरे गले का ब्लाउज पहन रखा था जिसमें से उनकी आधी नंगी पीठ दिखाई दे रही थी. उनका ब्लाउज काफ़ी टाइट भी होने के कारण उनके बब्स भी काफ़ी बाहर निकले हुए थे. जिनको देखकर मेरी भी हालत खराब हो रही थी. दोस्तों उनको इस रूप में देखकर मेरा तो लौड़ा ही खड़ा हो गया था और फिर मैं अपने लंड को उनसे छुपाते हुए जल्दी से गाड़ी में बैठ गया था. और फिर मैंने उनको भी गाड़ी में बैठने को बोला तो वह भी बैठ गई थी. और फिर मैं उनको ऑफीस ले गया था और फिर से शाम को वापस उनके घर ले लाया था. उन्होनें रास्ते में मुझसे पूछा कि, तुम क्या करते हो?

तो मैंने उनको बताया कि, मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ. तो फिर मैंने भी उनसे डरते हुए पूछ ही लिया था कि, क्या आपकी शादी हो चुकी है या नहीं? तो फिर उन्होनें मुझको बताया कि, नहीं अभी तक तो नहीं हुई है. और फिर मैं उनके मुहँ से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ था कि, वह भी अभी तक मेरी ही तरह सिंगल है. और फिर उन्होनें मुझको बताया कि, मेरे कॉलेज में मेरा एक बॉयफ्रेंड था, जिसने मेरे साथ धोखा किया था. और फिर वह यह भी कहने लग गई थी कि, सभी लड़के ऐसे ही होते है धोखेबाज़, इसलिए मैंने तो यह सोच लिया है कि, मैं शादी ही नहीं करूँगी. और फिर मैंने उनसे पूछा कि, और कौन-कौन रहता है आपके घर में? तो उन्होनें मुझको बताया कि, मैं अकेली ही रहती हूँ और मेरा पूरा परिवार तो अलवर में रहता है. और फिर तीसरे दिन रास्ते में उन्होनें मुझको बताया कि, कल सुबह तुम 4 बजे ही आ जाना।

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दोस्तों उन दिनों बिजली की बहुत चोरी चल रही थी तो उनको सुबह जल्दी ही चोरी पकड़ने के लिए जाना पड़ा था. तो फिर मैंने उनको बोल दिया था कि, ठीक है मेम मैं कल सुबह आपको लेने आ जाऊँगा. दोस्तों मुझको भी उनके साथ में बड़ा मज़ा आ रहा था. दोस्तों वैसे तो उन मेम की ऊपर से लेकर नीचे तक हर चीज़ बहुत ही मस्त थी, लेकिन उनकी गांड तो बहुत ही लाजवाब थी. इतनी उभरी हुई गांड मैंने उनसे पहले किसी की भी नहीं देखी थी. जब वह चलती थी तो उनकी गांड बड़ी ही मस्त लगती थी. मेरा तो उनको देखकर मन करता था कि, अभी मेम को पकड़ लूँ और चोद डालूँ. अब तो मैं रात दिन बस मेम को ही चोदने की सोचने लग गया था. दोस्तों मैं आपको बता दूँ कि, अभी तक मैं एकदम कुँवारा ही था. मैंने अभी तक किसी भी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था. मैंने तो केवल सेक्सी पिक्चर ही देखी थी और वह भी केवल एक दो बार ही. और अब तो मैं हर रात ही उन मेम के बारे में ही सोचकर मूठ मारने लग गया था. और फिर अगले दिन सुबह 4 बजे मैं उनके घर पर चला गया था।

और फिर मैंने हॉर्न बजाया तो कोई भी बाहर नहीं आया था. तो फिर मैंने सोचा कि, शायद मेम अभी तक सो रही होंगी तो मैंने उनके दरवाजे की घन्टी बजाई तो उसके बाद मेम बाहर आई तो उन्होनें मुझसे कहा कि, तुम 5 मिनट रुको मैं अभी आती हूँ. और फिर उनके आने के बाद हम लोग चल दिए थे. मेम को यह देखना था कि, कौन बिजली की चोरी कर रहा है. तो उनको लोगों के घरों के गेट ना खुलवाकर चोरी से लोगों के घरों में घुसना होता था. तो फिर ऐसे ही वह एक घर में चोरी से घुस गई थी, और फिर मैं भी उनके पीछे-पीछे चल रहा था. और फिर जैसे ही मेम उस घर में घुसी तो उन्होनें देखा कि, उस घर में तो बिजली का कोई मीटर ही नहीं था और वह लोग बिजली की चोरी कर रहे थे. और फिर मेम ने देखा कि, उस घर में बेडरूम की लाइट जली हुई है। और फिर जब मेम ने बेडरूम की खिड़की से अन्दर देखा तो वह एकदम से पीछे हट गई थी और उनके पीछे मैं खड़ा था तो वह मुझसे टकरा गई थी और मेरे हाथ उनके बब्स से लग गये थे. और फिर मैंने उनसे धीरे से पूछा कि, मेम क्या हुआ? तो उन्होनें खिड़की की तरफ़ इशारा किया. और फिर जब मैंने खिड़की से अन्दर देखा तो मेरी आँखे फटी की फटी ही रह गई थी, क्योंकि उस बेडरूम में तो सेक्स का खेल चल रहा था।

बेडरूम के अन्दर एक आदमी और एक औरत बेड पर बिल्कुल नंगे पड़े हुए थे और वह आदमी उस औरत के झटके मार रहा था, जिससे कि, उस औरत की चीखें निकल रही थी. और वह सब देखकर मेरा तो लौड़ा ही खड़ा हो गया था. और फिर जब मैं पीछे घूमा तो मैंने देखा कि, मेम भी मेरे पीछे खड़ी होकर वह सेक्सी नज़ारा देख रही थी, और शायद उन्होनें मेरा खड़ा हुआ लंड देख लिया था. और फिर मेम ने तुरन्त ही जाकर उस मकान का गेट बजाया तो थोड़ी ही देर के बाद अन्दर से वही आदमी बाहर आया जो कि, उस औरत के दनादन झटके मार रहा था, और वह बेचारी औरत उसके झटकों की वजह से चिल्ला रही थी. और फिर मेम ने उस आदमी से बोला कि, तुम बिजली की चोरी करते हो।

तो फिर वह आदमी मेम के सामने गिड़गिड़ाने लगा. और फिर उसने मेम को अन्दर जाकर 5000/- रूपये लाकर दिये और बोला कि, मेम प्लीज़ मेरी शिकायत आगे किसी से मत करना. तो फिर मेम ने उसके गाल पर एक थप्पड़ रसीद किया और फिर वह उस आदमी से बोली कि, तुम एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत दे रहे हो? तो उसने 5000/- रूपये मेम को और लाकर दे दिए और कहा की अब आप किसी से भी मेरी शिकायत मत करना मेम प्लीज़. और फिर मेम ने पैसे लिए और फिर मेम उस घर से चल दी थी अपने घर के लिए. और फिर रास्ते में मैंने मेम से बोला कि, मेम आज तो डबल फायदा हो गया. तो मेम मुझसे बोली कि, वह कैसे? तो फिर मैंने उनको बताया कि, 10000/- रुपये भी मिल गये और वह सेक्सी नज़ारा भी देखने को मिल गया. तो फिर मेम भी हँसने लगी. और फिर घर आते-आते हमको 6.45 बज गये थे. और ऑफीस जाने में अभी समय बाकी था।

तो फिर मेम ने मुझको बोला कि, तुम अब जाओगे और फिर से वापस आओगे इससे अच्छा तो यह है कि, कुछ देर तक तुम यहीं पर रुक जाओ और तब तक मैं नहा भी लूँगी और फिर हम ऑफीस को निकल जाएँगे सीधे यहीं से ही. तो फिर मैंने भी उनको बोल दिया कि, ठीक है मेम जैसी आपकी इच्छा. और फिर वह मेम नहाने के लिये चली गई थी. और मैं बैठकर टीवी देखने लग गया था. और मुझको फिर से वह बेडरूम वाला सीन याद आ गया था और मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लग गया था।

और फिर मैं चुपचाप वहाँ से उठा और बाथरूम की तरफ चल दिया था. बाथरूम से पानी की आवाज़ आ रही थी. फिर जब मैंने बाथरूम के दरवाजे के पास की जगह में से अन्दर देखा तो मैं तो बस देखता ही रह गया था. दोस्तों मैं अन्दर क्या देखता हूँ कि, मेरी सेक्सी मैडम बाथरूम में बिल्कुल नंगी थी और उन्होनें अपने पूरे बदन पर साबुन लगाया हुआ था. और फिर उनको नंगी देखकर मेरा लंड बहुत ही टाइट हो गया था और वह मेरी पेन्ट को फाड़ने की कोशिश करने लग गया था. और फिर मैंने तुरन्त ही अपने 6.5” लम्बे लौड़े को अपनी पेन्ट की कैद से आज़ाद कर दिया था. और फिर बाहर निकलते ही वह हिलने लग गया था. दोस्तों इतना टाइट तो मेरा लंड आज तक भी नहीं हुआ था जितना की आज मैडम को देख के हुआ था. और फिर मैंने अन्दर देखा तो मेम अपने बब्स को मसल रही थी ज़ोर- जोर से. और शायद उनको भी वह सेक्सी सीन याद आ गया होगा. और फिर मैं क्या देखता हूँ कि, उनके हाथ धीरे-धीरे नीचे की तरफ बढ़ रहे थे. और अब उनका एक हाथ उनकी चूत पर था तो दूसरा हाथ अपने बब्स पर था. और फिर देखते ही देखते उन्होनें अपनी एक ऊँगली अपनी चूत में डाल ली थी और फिर वह अपनी ऊँगली को अपनी चूत में आगे-पीछे करने लग गई थी. और यह सब देखकर मुझको भी बहुत उत्तेजना हो रही थी और मैं वहीँ पर अपना लंड हिलाते-हिलाते ही झड़ गया था. मेरे लौड़े से इतना पानी आज तक पहले कभी नहीं निकला था जितना कि, आज निकला था. और अन्दर से मेम की भी आँहे सुनाई दे रही थी, आहहह… ऊहहह… और फिर देखते ही देखते मेम भी झड़ गई थी. और फिर मैं तुरन्त ही वहाँ से हट गया था और फिर मैं वापस टीवी के सामने जाकर बैठ गया था. और फिर थोड़ी देर के बाद मेम एक हरे रंग की साड़ी पहनकर आई और फिर उन्होंने मुझसे चलने को कहा. और फिर मैंने गाड़ी स्टार्ट की और चल दिया था।

माफ़ करना दोस्तों समय की कमी की वजह से मैं आपको अपनी पूरी कहानी नहीं बता पा रहा हूँ, मैं आपके सामने मेरी इस कहानी के दूसरे भाग के साथ बहुत ही जल्दी हाज़िर होऊँगा। तब तक के लिए पढ़ते रहिये हम सब की प्यारी “कामलीला डॉट कॉम”

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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