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भाभी की जवानी का जलवा देखकर, लंड हुआ पगला

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प्रेषक :- पुनीत…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम पुनीत है, मेरी उम्र 24 साल की है और मैं नांदेड़ का रहने वाला हूँ. दोस्तों आज मैं आप सभी को जो कहानी बताने जा रहा हूँ। वह अभी पिछले साल ही मेरे साथ हुई घटना पर आधारित है. मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद में कम्पीटीशन की परीक्षा की तैयारी करने के लिए अहमदाबाद गया हुआ था. मैं तो सिर्फ़ अपनी तैयारी करने के लिए वहाँ गया हुआ लेकिन वहाँ पर तो मेरे साथ कुछ और ही होता है. जिसको मैं आज आप सभी के सामने कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से एक कहानी के रूप लेकर आया हूँ। अब मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ जो कुछ इस तरह से है।

दोस्तों मैं 6 फुट का एक स्मार्ट लड़का हूँ. मैं पढ़ाई करता हूँ और मस्ती भी करता हूँ, बस यही मेरा काम है. मेरे कॉलेज की पढ़ाई ख़त्म हो गई थी, और मेरे घरवाले चाहते थे कि, मैं कोई सरकारी नौकरी करूँ इसलिये वह मुझसे कहते थे कि, तुम अहमदाबाद जाकर तैयारी करो और जल्दी से अपनी जिन्दगी में कहीं सेट हो जाओ. मम्मी को चिंता थी कि, हमारा परिवार बहुत बड़ा है और हम बहुत सारे सारे भाई-बहिन है और सबका खर्चा पापा नहीं उठा सकते थे. और फिर मैंने भी मम्मी को हाँ कर दी थी और फिर मैं ट्रेन पकड़कर अहमदाबाद आ गया था, दोस्तों अहमदाबाद पहुँचने के बाद और कोचिंग का पता करने के बाद मैं रहने के लिए कमरा ढूँढ रहा था. लेकिन मुझको कमरा कहीं भी नहीं मिल रहा था तो फिर मैंने मेरे एक दोस्त से फोन करके पूछा तो उसने मुझको कुछ पते बताए और कहा कि, तुम यहाँ पर तलाश कर लो तुमको यहाँ पर जरूर कमरा मिल जाएगा. और फिर मैं उसके बताए हुए पते पर चल दिया. उस गली में बहुत भीड़ थी. और मुझको कुछ अच्छा नहीं लग रहा था फिर भी मैं अन्दर घुसता चला गया. और फिर वहाँ पर मैंने एक घर में कमरे के लिए पूछा तो, उन्होनें भी मुझको मना कर दिया था. और फिर मैंने हर जगह से परेशान होकर के आखिर में एक घर में एकबार और कोशिश करी जो कि, उस गली का सबसे बड़ा घर था. और फिर वहाँ पर पूछने पर मुझको पता चला कि, वहाँ पर कमरा खाली है. और फिर मैंने झट से उनको हाँ कर दिया था और उनको एड्वान्स में किराया भी दे दिया था. मेरा कमरा सबसे ऊपर था. और फिर मैंने अपने कमरे में जाकर सामान रखा और एक पुराना सा बेड जो उस कमरे में पड़ा हुआ था मैं उसी पर लेट गया था।

और फिर कुछ देर तक आराम करने के बाद मैं उठकर बाहर गया और फिर अपने लिये कुछ खाने-पीने का सामान लेकर आया और मैं अपने कमरे में ही बैठकर खाने लगा और मैं फिर से सो गया. मेरी कोचिंग सुबह जल्दी की ही थी तो मुझको भी जल्दी उठकर जाना होता था तो, मैं रोज ही सुबह जल्दी उठकर नहा धोकर कोचिंग के लिए निकल जाता था, मेरी रोज की यही दिनचर्या थी. दोस्तों मैं जिस घर में रहता था वह लोग मुस्लिम थे और उनका परिवार भी बहुत बड़ा था, उस घर में भैया भाभी बच्चे और भी बहुत से लोग रहते थे. मेरा कमरा आगे की तरफ था और पीछे की छत पूरी खुली हुई थी. मैं सुबह जल्दी ही उस छत पर कसरत करता था. और फिर रोजाना की ही तरह ही उस दिन भी जब मैं सुबह कसरत करने के लिए उस छत पर जा रहा था तो मैंने नीचे कुछ शोर सुना और फिर नीचे देखा तो वहाँ पर एक भाभी काले रंग की नाईटी पहने हुए खड़ी थी उनका गोरा बदन दूर से ही मुझको दिख रहा था. वह अपने छोटे से बच्चे को पैशाब करवाने के लिए आई हुई थी. और फिर पता नहीं कैसे उन्होनें ऊपर देखा जहाँ पर मैं खड़ा हुआ था. और फिर मैं भी जल्दी से वहाँ से दूर हट गया था और फिर मैं छत पर आकर अपनी कसरत की तैयारी करने लगा लेकिन मेरा ध्यान तो भाभी के काले रंग की नाईटी के अन्दर वाले जिस्म पर ही था. और फिर जैसे-तैसे मैने अपनी कसरत करी और फिर मैं नहाकर अपनी कोचिंग पर चला गया था।

और फिर मैं शाम को वापस आया तो मैंने देखा कि, वह भाभी अपने बच्चे के साथ छत पर ही थी. और फिर मैंने उनसे हाय हैलो किया और फिर मैं अपने कमरे में चला गया. और फिर मैं हाथ मुहँ धोकर वापस बाहर आया तो वह भाभी अपने बच्चे के साथ क्रिकेट खेल रही थी. और फिर मैं भी वहीँ पर खड़ा होकर उनको देखने लग गया था. भाभी ने उस समय एक काले रंग का सूट पहना हुआ था जिसपर दुपट्टा नहीं था. और मेरा ध्यान तो भाभी के गोरे-गोरे बब्स पर ही था जो कि, उनके सूट से बाहर आने को बेताब थे. दोस्तों जब भी वह भाभी चलती या दौड़ती थी या बॉल उठाने के लिए झुकती थी तो उनके गोरे-गोर बब्स मुझको साफ-साफ दिख जाते थे. और फिर थोड़ी देर के बाद उन भाभी ने मुझको अपने पास बुलाया और उनके साथ में खेलने को कहा. दोस्तों उस समय मुझको तो ऐसा लगा कि, जैसे मेरी तो निकल पड़ी हो. और फिर मैं झट से बॉल लेकर फैंकने लगा. और फिर धीरे-धीरे मैंने उन भाभी से बातचीत करनी भी शुरू कर दी थी, दोस्तों वह भाभी बहुत ही खुले विचारों वाली थी. और फिर उन्होनें अपने बारे में मुझको बहुत कुछ बताया. और मैं तो बस उनकी बातों में ही खो सा गया था और ना जाने कब मेरे मुहँ से निकल गया था कि, भाभी आप तो बहुत ही खूबसूरत हो, और यह काला रंग आप पर बहुत ही अच्छा लगता है. और फिर उन्होनें भी मुस्कुराते हुए मुझको थेंक्स कहा और फिर वह छत पर से नीचे चली गई थी।

और अब तो मैं जैसे किसी सातवें आसमान पर उड़ने लगा था. और फिर अगले दिन मैं फिर से जल्दी उठकर उन भाभी का इन्तजार करने लगा, और फिर वह भाभी उस दिन भी बाहर आई तो उन्होनें उस दिन एक नीले रंग की नाईटी पहन रखी थी. और वह उसमें भी बहुत ही सेक्सी लग रही थी उनके काले लम्बे बाल जो इधर-उधर बिखरे हुए थे और उनको देखकर मुझको तो ऐसा लग रहा था कि, जैसे कल रात को किसी ने उनके साथ ज़बरदस्ती करी हो. मैं उनको ऊपर से देखते-देखते ही पता नहीं कौन से सपनों में खो गया था और फिर जब मेरा सपना टूटा तो मैंने देखा कि, भाभी वहाँ पर नहीं थी. और अब तो मेरा मन कसरत करने में भी नहीं लग रहा था, और उस दिन मैं बिना कसरत करे ही कोचिंग में चला गया था. और कोचिंग में भी मेरा ध्यान पढ़ाई में नहीं लग रहा था. मेरा दिमाग़ तो कुछ और ही सोच रहा था. और फिर शाम को वापस घर आया तो मैंने देखा कि, भाभी उनके बच्चे के साथ छत पर ही थी, और फिर मैं भी जाते ही उनके साथ में खेलने लगा, भाभी ने मुझको मना भी नहीं किया था. और भाभी मुझको देखकर मुस्कुरा रही थी और फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, तुम सुबह इतनी जल्दी छत पर खड़े होकर क्या करते हो? तो फिर मैंने भी उनपर लाइन मारने के हिसाब से उनको कह दिया कि, मेरा दिन अच्छा गुजरे इसीलिए मैं आपको देखने के लिए इतनी जल्दी छत पर खड़ा रहता हूँ. और फिर एकबार रविवार के दिन भाभी घर पर अकेली ही थी तो उन्होनें मुझको उनके घर पर बुलाया और कहा कि, नीचे आ जाओ और हमारे यहाँ पर ही खाना खा लेना. और फिर उनकी बात को सुनकर मैं बहुत खुश हुआ और फिर मैं नहाकर और डियो लगाकर भाभी के कमरे में गया तो, भाभी मुझको देखते ही मुझसे बोली कि, क्या बात है आज तुम क्या अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने जा रहे हो? तो फिर मैंने भी उनको बोला कि, हाँ. तो फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, मुझको नहीं मिलवाओगे अपनी गर्लफ्रेंड से? तो फिर मैंने उनसे कहा कि, जरूर मिलवाऊँगा लेकिन मेरी एक शर्त है. तो उन्होनें मुझसे कहा कि, ठीक है. तो मैंने उनसे पूछा कि, आज आपके परिवार के सभी लोग कहाँ पर गये है? तो उन्होनें मुझसे कहा कि, वो सब तो हमारे किसी रिश्तदार के यहाँ पर शादी है वहीँ पर गए हुए है. बस और फिर मैंने उनको कुछ नहीं बोला और मैं तो चुपचाप अपना खाना खाने लग गया था, और वह भाभी भी मुझसे कुछ नहीं बोली थी. और फिर जब मैंने अपना खाना पूरा कर लिया तो फिर वह मुझसे कहने लगी कि, अब तुम मुझको अपनी गर्लफ्रेंड से मिलवाओ. और फिर मैंने उनसे पूछा कि भाभी, आपका कमरा कहाँ पर है? तो फिर उन्होनें इशारे से मुझको उनका कमरा बताया कि, वहाँ पर है. और फिर मैंने उनका हाथ पकड़ा और कहा कि, अब आप अपनी आँखें बन्द कर लो, तो फिर वह मेरी बात को सुनकर डर गई और वह मुझसे कहने लगी कि, क्यों?

तो फिर मैंने उनसे कहा कि, भाभी आप डरो मत अगर आपको मेरी गर्लफ्रेंड से मिलना है तो इतना तो करना ही पड़ेगा. तो फिर वह भी मुझसे बोली कि, ठीक है. और फिर मैं उनको उनके कमरे में ले आया और फिर मैंने धीरे से उनके कमरे का गेट अन्दर से बन्द कर दिया था. और फिर मैंने उनको उनके कमरे में रखे ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ा कर दिया और मैं भी उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया, और फिर मैंने प्यार से उनको पीछे से पकड़कर बोला कि, भाभी अब आप धीरे-धीरे अपनी आँखे खोलो. तो फिर उन्होनें जब अपनी आँखें खोली तो खुद को आईने में देखकर शरमा गई और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, क्या तुम मुझसे प्यार करते हो? मैंने उनसे कहा कि, हाँ, अपनी जान से भी ज़्यादा, और फिर इतना कहकर मैंने उनको पीछे घुमाया और फिर मैं उनके होठों को अपने होठों के बीच में लेकर बड़े ही प्यार से उनको किस करने लगा तो वह भी मेरा साथ देने लग गई थी. दोस्तों किस करने में तो वह मुझसे भी तेज थी. और फिर पूरे 15 मिनट तक हम एक दूसरे को पागलों की तरह किस करते रहे. और फिर उन्होनें मुझको कहा कि, जल्दी करो वरना मेरे पति आ जाएँगे, क्योंकि वह अभी शादी में नहीं गए है, उनको उनके काम से छुट्टी नहीं मिली है और वह काम पर से वापस आएँगें तो मैं भी उनके साथ ही शादी में जाऊँगी. और फिर मैंने उनके सूट का दुपट्टा खींचते हुए उनसे कहा कि, कोई नहीं आएगा मेरी जान. और फिर मैंने उनकी सलवार को भी उतार दिया था. और फिर जब मैंने उनकी सलवार को उतारा तो हाय, कसम से क्या मस्त गोरी और चिकनी टाँगे थी उनकी एकदम भरी हुई और फिर मैंने उनका कुरता भी उतार दिया था।

मुझसे तो अब सब्र भी नहीं हो रहा था. दोस्तों उनके दूध जैसे सफेद और गोरे बब्स को देखकर किसी का भी मन मचल जाएगा, और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, अब देर ना करो जल्दी से मेरे बब्स को चूस लो. और फिर मैं भी पागलों की तरह उनके बब्स पर टूट पड़ा था. और वह आहहह… उफ्फ्फ… की आवाजें निकालने लग गई थी. और फिर मैंने उनकी पैन्टी को भी उतार दिया था. और फिर उनकी चूत जो कि, गुलाबी रंग की और बिना बालों वाली थी, उसमें मैंने अपनी पूरी जीभ घुसा दी थी जिससे भाभी और भी गरम हो गई थी और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, छोड़ो मुझको और अब अपना लंड निकालो. और फिर जब मैं उनकी चूत को और भी ज़्यादा तेज़ी से चाटने लगा तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी आहहह… इस्सस… अब तो चोद दो मुझको. और मैं बीच-बीच में उनके बब्स भी दबा रहा था. और फिर मैंने अपना लंड निकाला और भाभी के मुहँ पर रखा तो भाभी ने मेरे लंड को चूसने से मना कर दिया था. तो फिर मैंने उनसे कहा कि, आपको इसको चूसना ही पड़ेगा, तो वह ना ना करने लगी तो मैंने उनको धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया था और फिर मैं ज़ोर-जोर से उनकी चूत में ऊँगली करने लगा।

और फिर जब वह और भी ज्यादा गरम हो गई थी तब मैंने उनके ऊपर चढ़कर उनके हाथ ज़बरदस्ती पकड़कर उनके मुहँ में अपना पूरा लंड डाल दिया था और फिर भाभी थोड़ी ना नुकर के बाद उसको बड़े ही प्यार से चूसने लग गई थी. बीच-बीच में वह मेरा लंड अपने मुहँ से बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी और कई बार निकाल भी दिया था लेकिन मैंने भी हार नहीं मानी थी और दुबारा से उनके मुहँ में अपना लंड डाल दिया था और मैं फिर से उसको उनके मुहँ में अन्दर-बाहर करने लग गया था. और फिर बहुत देर तक उनके मेरा लंड चूसने से मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने उनके मुहँ के अन्दर ही अपना पानी छोड़ दिया था. और फिर मैंने उनके हाथ छोड़ दिए थे. और फिर भाभी उठी और अपना मुहँ साफ़ करते हुए मुझसे कहने लगी कि, यह तुमने बहुत ही ग़लत किया है, तुमको ऐसा नहीं करना चाहिये था।

तो फिर मैंने उनसे कहा कि, भाभी लंड चूसने में ही तो असली मज़ा है. और फिर मैं उनसे यह कहकर फिर से उनके बब्स को दबाने लग गया था. और फिर कुछ देर तक उनके बब्स को दबाने से मेरी उत्तेजना फिर से बढ़ गई थी और मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था. और फिर मैंने भाभी को बेड पर सीधा लिटाया और फिर मैं उनके ऊपर चढ़ गया था. और फिर उनकी चूत के अन्दर लंड डालते ही वह आहहह… उईईई… मर गईईइ… रेरेरे… की उनकी आवाजें उस कमरे में गूँजने लग गई थी. और फिर थोड़ी देर के बाद भाभी भी गरम हो गई थी और फिर तो वह भी उस जबरदस्त चुदाई के मज़े लेने लग गई थी. और फिर मैंने उनकी पोज़िशन बदली और उनको उल्टा लिटा दिया और फिर मैं उनको उनकी गांड की तरफ से चोदने लग गया था. और पीछे से चोदने से मेरा लंड उनकी चूत में बहुत ही टाईट जा रहा था तो वह जोर-जोर से चिल्लाती रही आहहह… इस्सस… उफ्फ्फ… और जोर से करो. और फिर मैं भी और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लग गया था. और इसी बीच अचानक से उनका सोया हुआ बच्चा उठ गया था और फिर वह रोने लगा तो फिर भाभी उसको गोद में उठाने के लिए जाने लगी तो मैंने उनको वापस खीँच लिया था और फिर से उनकी चूत में लंड डालकर ज़ोर-ज़ोर के झटके मारने लग गया था. तो फिर वह भाभी मुझसे कहने लगी कि, मेरा बच्चा रो रहा है और मुझको उसे दूध पिलाना है. तो फिर मैंने उनको छोड़ दिया था. और फिर वह अपने बच्चे को दूध पीला रही थी मैंने उनसे कहा कि, आप भी तो कुछ पियो, और फिर उनसे यह कहते हुए मैंने अपना लंड फिर से उनके मुहँ में डाल दिया था. और फिर मैं भी उनको अपना लंड थोड़ा ज़ोर देकर चुसवाने लग गया था. मैंने भी अपना लंड उनको तब तक ही चुसवाया जब तक उनका बच्चा भी उनका दूध पीता रहा. और फिर जब उनका बच्चा सो गया था तब मैंने उन भाभी को बेड पर घोड़ी बनाया और फिर मैंने उनको उनके पीछे आकर पीछे से उनकी चूत में अपना लंड डालकर तबियत से 15-20 तक जमकर चोदा और इस बीच वह भाभी भी 2 बार झड़ चुकी थी और उनकी चूत से पच-पच की आवाज भी आ रही थी. और फिर कुछ ही देर के बाद उनकी चूत मेरे तेज-तेज धक्कों से जलने लग गई थी, और झपक-झपक करने लग गई थी. तो फिर मेरा भी पानी छूटने वाला ही था. और फिर मैंने भाभी की गरम और सूखी चूत को अपने पानी से सींच दिया था, और फिर वह भाभी भी बेड पर ही ढेर हो गई थी, और मैं भी उनके ऊपर ही लेटा रहा और हल्के-हल्के झटकों के साथ मैं अपने पानी की आखरी बूँद से भाभी की चूत की प्यास बुझा रहा था।

और फिर मैंने देखा कि, उन भाभी की आँखों में से आँसूं आ रहे थे और उनका चेहरा पूरा लाल हो गया था. और फिर मैं उनको अपनी बाहों में लेकर चूमता रहा, और फिर कुछ देर के बाद भाभी भी चुप हो गई थी. और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि, यार तुम्हारे जैसी इतनी जबरदस्त चुदाई तो मेरे पति ने भी मेरी आज तक कभी भी नहीं करी थी. और फिर भाभी ने मेरे लंड पर एक प्यारा सा किस दिया, और फिर वह बाथरूम में गई और फिर उन्होनें खुद को साफ़ किया. और तब तक मैंने भी अपने कपड़े पहन लिए थे. और फिर भाभी ने मुझसे कहा कि, अब तुम यहाँ से जाओ मेरे पति कभी भी आ सकते है। और फिर मैं उनके कमरे में से मेरे कमरे में चला आया था. और फिर तो पूरे 1 साल तक जब तक मैं उनके यहाँ पर रहा मैंने उनको कई बार चोदा था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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