✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

मम्मी की प्यासी गांड की सील तोड़ी   

0

प्रेषक :- राज…

हाय फ्रेंड्स, मैं आप सभी कामलीला डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए अपनी एक और नई सच्ची सेक्स घटना को इस वेबसाइट के माध्यम से आप सभी तक पहुँचा रहा हूँ जिसमें मैंने अपनी सेक्सी मम्मी को चोदकर अपने लंड को और उनकी चूत को भी शान्त किया था. हाँ तो दोस्तों अब मैं उस घटना को आप सभी को बताना शुरू करता हूँ और मुझे उम्मीद है कि, मेरी यह कहानी आप सभी पढ़ने वालों को जरुर पसंद आएगी।

दोस्तों मेरे घर मैं, मेरे पापा और मेरी मम्मी रहते है मेरे पापा एक कम्पनी में हमसे दूर दूसरे शहर में रहकर काम करते है और वह महीने में 3 या 4 बार ही घर पर आते है. मेरी उम्र 24 साल है और मेरा लंड 6” लम्बा और 2.5” मोटा है. दोस्तों मेरी मम्मी का नाम अनिता है और उनकी उम्र 42 है और उनका फिगर 36-32-38 का है। लेकिन वह अपने फिगर की वजह से लगती 32-33 साल की ही है. उनके मोटे-मोटे बब्स और मोटी उभरी हुई गांड ऐसी है कि, जिसे देखकर के किसी का भी लंड बड़ी ही आसानी से खड़ा हो जाए। दोस्तों मैंने मेरी मम्मी की चूत तो पहले भी मार रखी थी और मैंने उस समय जब मम्मी को उनकी गांड मारने को कहा तो उन्होंने उस दिन तो मना कर दिया था और वह उस समय मुझसे बोली थी कि, अभी नहीं फिर कभी किसी और दिन मार लेना. लेकिन दोस्तों मुझे तो उनकी गांड मारनी ही थी जिसको देखकर के मैं रोज़ मूठ मारता था। हाँ तो दोस्तों यहीं से मैं मेरी असली कहानी को शुरु करता हूँ।

दोस्तों यह बात आज से 3 महीनें पहले की है और तब एक दिन मैं और मम्मी ही घर पर थे. मेरे पापा तो उनके काम से दूसरे शहर में थे. वह शाम का समय था उस समय हम दोनों फ्रेश हुए और फिर हमने हल्का-फुल्का चाय-नाश्ता किया फिर मैं मम्मी के साथ बैठकर टी.वी. देखने लगा और मेरी मम्मी भी मेरे पास ही सोफे पर बैठी थी तो मैंने मौका देखकर उनकी जाँघ पर हाथ रखा और फिर मैं उनकी जाँघ को सहलाने लगा तो मम्मी सिसकारियाँ लेने लगी और फिर उन्होंने अपने एक हाथ से मेरे 6.5” के लम्बे और 2.5” मोटे लंड को पकड़ लिया और फिर वह उसको हिलाने लगी थी. और उनके मुहँ से आहहह… ऊहहह… की आवाजें निकल रही थी. और अब मैं उसके बब्स दबाने लगा तो वह गरम होती जा रही थी और वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. और फिर मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रखे और उनको किस करने लगा तो वह भी मेरा पूरा साथ देने लग गई थी और वह मेरे लंड को भी पूरे ज़ोर से दबा रही थी और कह रही थी कि, बेटा अब और मत तड़पा जल्दी कुछ कर ना? और फिर मैंने मम्मी को नीचे फर्श पर लिटा दिया और मैं उनकी चूत में ऊँगली करने लगा तो उसके मुहँ से ज़ोर से सिसकारी निकली आहहह… और वह कराह उठी थी और साथ ही वह आहें भी भरने लग गई थी. मैं उस समय अपने एक हाथ से उनके एक बब्स को दबाता भी जा रहा था और कभी-कभी मैं उनके दूसरे बब्स के निप्पल को अपने दातों से काट भी लेता था तो वह कराह उठती थी. और फिर वह ज़ोर से मेरे लंड को दबाने लग जाती थी और फिर मैंने अपना लंड उसके मुहँ में दे दिया था तो फिर वह मज़े से मेरे लंड को चूसने लग गई थी. और फिर मैंने उसकी चूत में अपनी 2 ऊँगलियाँ डाल दी थी और फिर मैं अपनी ऊँगलियों को उनकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा तो वह जोर-जोर से आहें भरने लग गई थी और वह अपनी दोनों टाँगों को आपस में जोर-जोर से दबाने लग गई थी और फिर वह कुछ ही देर में झड़ भी गई थी. और फिर उनका पूरा शरीर एकदम से अकड़ गया था और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, बेटा अब मुझको और मत तड़पा अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता, प्लीज अब अपने लंड को डाल भी दे अन्दर। और फिर मैंने उनको घोड़ी बनने को बोला तो वह मुझको मना करने लगी और बोली कि, बेटा प्लीज़ गांड में मत डालना, मैंने कभी गांड में तुम्हारे पापा का भी लंड नहीं लिया है प्लीज़. लेकिन मैं तो आज उनकी मोटी और गदराई हुई गांड को मारना चाहता था. और फिर मैंने उनको बोला कि, ठीक है आपकी गांड में नहीं डालूँगा और फिर मैं उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा तो वह आहहह… ऊहहह… करने लगी और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, बेटा अब चोद भी दे अपनी मम्मी को मैं तेरे हाथ जोड़ती हूँ. तो फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ने के साथ ही अपनी एक ऊँगली को उनकी गांड में डाला तो उनके मुहँ से एक ज़ोर से आहहह… निकली और फिर मैं अपनी ऊँगली को उनकी गांड में अन्दर-बाहर करने लगा. और फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी एक की जगह 2 ऊँगलियाँ उनकी गांड के अन्दर डाल दी थी तो वह इस्सस… करते हुए आगे-पीछे होने लग गई थी. और फिर मैंने ज़्यादा समय बर्बाद ना करते हुए अपना लंड सीधा उनकी गांड पर टीका दिया था तो वह एकदम से सिहर उठी थी. और फिर वह मुझसे बोली कि, बेटा गांड की जगह मेरी चूत ही मार ले. लेकिन मैंने उनकी एक ना सुनी और फिर मैंने जोश में आकर के एक जोरदार धक्का मारा तो मेरे लंड का टोपा उनकी गांड के अन्दर तक चला गया था और वह एकदम से चिल्ला उठी थी उईईई…. माँ…. मररर… गईईई…. रररे… प्लीज बाहर निकाल ले इसको। और फिर कुछ देर तक मैं बिना हिले-डुले ही उनकी गांड में लंड डाले ही उनके बब्स को दबाने लगा और साथ ही मैं उनकी कमर को भी सहलाने लगा तो कुछ देर के बाद वह कुछ सामान्य हुई तो मैंने फिर से एक धक्का और लगाया और अपना 2” लंड उनकी गांड के और अन्दर तक डाल दिया था जिससे वह ज़ोर से चिल्लाई उईईई… मेरी गांड ही फाड़ दी तुमने तो। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

बेटा निकाल बाहर प्लीज़ इसके बदले में चाहे तो तू मेरी चूत की जमकर चुदाई कर ले. और फिर मैंने उनको कुछ समय तक वैसे ही रहने को बोला और इस बीच मैं उनके बब्स को दबाता रहा और साथ ही मैं उनकी कमर पर भी किस करता रहा. और फिर जब वह फिर से सामान्य हुई तो मैंने अपना लंड उनकी गांड में फिर से आगे-पीछे करना शुरु किया तो वह मेरे हर धक्के पर कराह रही थी और साथ ही वह इस्सस… ऊहहह…. आहहह… भी कर रही थी. और फिर 5-7 मिनट तक ऐसा करने के बाद मैंने अबकीबार एक और जोरदार धक्का मारा और अपना पूरा लंड उनकी गांड के अन्दर डाल दिया था. जिससे उनके मुहँ से जोर से इस्सस… आहहह… उफ्फ्फ… की आवाजें निकली और फिर वह रोने भी लग गई थी. और फिर मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर करके फिर से एक तेज धक्का मारा तो वह बिकुल भी सहन ना कर सकी और बेहोश हो गई थी. और फिर मैं ऐसे ही उनके ऊपर लेटा रहा और मैं उनके बदन को सहलाता रहा. और फिर 10 मिनट के बाद जब वह होश में आई तो मैंने अपने लंड को उनकी गांड में अन्दर-बाहर हिलाना शुरु कर दिया था. और फिर वह मेरे हर धक्के के साथ चिल्लाती रही और फिर कुछ देर बाद वह सामान्य हो गई थी और फिर तो वह भी अपनी गांड को आगे-पीछे हिलाकर मेरा साथ देने लग गई थी. और फिर लगभग 20-25 मिनट तक चुदाई करने के बाद मैं उनकी गांड में ही झड़ गया था।

और फिर मैं उनके ऊपर ही लेट गया था. और फिर कुछ देर तक ऐसे ही लेटा रहा और फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड से बाहर निकाला तो मैंने देखा कि, उनकी गांड में से थोड़ा सा खून भी निकल रहा था जो कि, मेरे लंड पर भी लगा हुआ था. और फिर मेरा लंड उन्होंने अपनी पैन्टी से साफ किया और फिर उन्होंने उस पर किस किया. और फिर वह बाथरूम में खुद को साफ़ करके रात का खाना बनाने के लिये किचन में चली गई थी और मैं भी नहाने चला गया था. और फिर मैं नहाकर आकर फिर से उनके पीछे खड़ा हो गया था और फिर मैं पीछे से उनके बब्स को दबाने लग गया था और साथ ही मैं उनके गाल पर किस भी कर रहा था. तो फिर वह मुझसे बोली कि, अभी मुझको खाना बनाने दे उसके बाद कर लेना मैं कहीं भागी थोड़े ही जा रही हूँ अब तो मैं बस तेरी ही हूँ, और पूरी रात भी पड़ी है। और फिर हमने खाना खाया और फिर रात में मैंने उनकी चूत की और गांड की 4 बार और चुदाई करी थी जिससे हम दोनों काफ़ी थक चुके थे और फिर हम दोनों नंगे ही सो गये थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

Comments are closed.

error: Content is protected !!