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माँ की गांड फाड़ चुदाई की

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प्रेष क:- राजेंद्र (राजू)…

नमस्कार प्यारे पाठकों मैं भी आप सभी की तरह कामलीला का काफ़ी पुराना पाठक हूँ और मैनें इसमें बहुत सारी कहानियां पढ़ी है और अब जाकर मैं अपनी खुद की कहानी बताने जा रहा हूँ. मैं 22 साल का हूँ. और अपनी मम्मी और पापा के साथ रहता हूँ. पापा जॉब करते है और वो काम के सिलसिले में ज्यादातर बाहर ही रहते है. मैं और मेरी माँ हम दोनों ही अकेले साथ में रहते हैं और ये कहानी तब की है जब पापा काम से मुम्बई गए हुए थे और मैं और मेरी माँ घर पर अकेले थे!

तो लीजिये पढिये और कहानी का मज़ा लीजिये आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे हो…

अब मैं आप लोगों को अपनी माँ के बारे में बताता हूँ मुझे हमेशा से लगता था कि  मेरी माँ एक नंबर की रंडी है उसका बदन गोरा है हाइट 5 फ़ीट है उसकी एक एवरेज बॉडी है. उसके बोब्स बहुत बड़े है लगभग 36 की साइज के होंगें जो मैनें उसका ब्रा देख कर पता लगाया और गांड तो उससे भी बड़ी है मेरा मन हमेशा उसको देख कर के भटक जाता था लेकिन हर बार मैं मूठ मार कर के काम चला लेता था लेकिन फिर उस दिन जो हुआ उसके बाद सब चीजें बदल सी गयी.

रंडी तो वो थी ही पता नहीं क्यों हर रात वो अपने दिन भर के पहने हुए ब्रा और पैन्टी को उतार कर के बाथरूम में टांग देती थी. मैनें बहुत बार देखा फिर एक दिन मेरा  मन हुआ तो मैनें उसकी पैन्टी जो उसने उतारी थी लेकर चेक करने लगा उसकी  पैन्टी गीली थी और मुझसे रहा नहीं गया तो मैं उसे सूंघने लगा और मेरा लंड एकदम  खड़ा हो गया उसमें से उसकी मूत और गांड की गंध आ रही थी और मैनें वो सूंघ कर बहुत मूठ मारी और बहुत दिन तक रोज ऐसे ही करता रहा.

तब से मेरा दिमाग में मेरी रंडी माँ को चोदने का भूत सा सवार हो गया था फिर हमेशा मैं उसको नंगा देखने की कोशिश में लगा रहता था एक दिन जब वो बाथरूम गयी तो मैं दरवाजे पर जा के बाहर से अंदर देखने की कोशिश करने लगा था लेकिन  कुछ नहीं देख पाया था. फिर एक दिन जब बाथरूम में पानी नहीं आ रहा था तो वो दूसरे बाथरूम में जाकर नहाने लगी उस बाथरूम का दरवाज़ा टूटा हुआ था उसमें एक छेद था और वह केवल टेप से ढका हुआ था मैनें टेप को धीरे से हटाया और अंदर देखा तो दंग रह गया मेरी माँ नंगी थी लेकिन केवल ऊपर का बदन ही दिख रहा था!

उसके बाल गीले थे और पीछे बंधे हुए थे और वो स्टूल पर बैठी थी और अपने पांवों पर साबुन लगा रही थी और हिल रही थी उसका बदन बहुत गोरा था और चूचियाँ बड़ी बड़ी और उसके निप्पल्स उतने ही खड़े और बड़े थे और उन पर भी पानी लगा हुआ था वो नज़ारा देख कर तो मैं क्या बताऊँ मन कर रहा था कि अभी अंदर जा कर उसे चोदना शुरू कर दूँ लेकिन मेरी गांड फटी क्योंकी उसने देख लिया था की टेप हटा हुआ है और मैं उसमे से झांक रहा था मैनें तुरंत टेप लगाया और अपने कमरे में चला गया.

मैं बहुत डरा हुआ था इसलिए कुछ नहीं बोला वो बाहर आई और मुझे देखा लेकिन पता नहीं क्यों उसने कुछ बोला नहीं ना उस दिन ना ही अगले दिन. पापा उस दिन घर पर आये काम से तो मुझे लगा वो उनको बोलेगी लेकिन पता नहीं क्या हुआ पापा ने भी मुझे कुछ नहीं बोला मुझे लगा माँ ने उन्हें नहीं बताया तो मेरी जान में जान आई.

लेकिन जो होने वाला था उसका मुझे कोई अंदाजा नहीं था उस दिन से मैनें बाथरूम  में झांकना बंद कर दिया था लेकिन अब भी उसकी ब्रा और पैन्टी को लेकर मूठ मारता रहता था फिर एक दिन जब मैं बाथरूम में गया तो देखा कि माँ की ब्रा वहीं टंगी हुई थी लेकिन पैन्टी नहीं थी फिर मैं वही उसको उठा कर सूंघने लगा तभी दरवाजे पर नॉक किया तो मैंने पूछा क्या है बाहर से माँ की आवाज आई की

“एक मिनट के लिए खोल मुझे बाथरूम से सर्फ लेना है कपडे धोने के लिए” मैनें कहा “रुको एक मिनट मैं बाहर आता हूँ मैं फ्रेश हो रहा हूँ” उसने बोला “बस सर्फ ले लेने दे मुझे” मैनें कहा “अच्छ ठीक है ” और मैनें दरवाजा खोल दिया फिर जैसे ही वो अंदर आई बोलने लगी क्या कर रहा है तू बता मुझे गुस्से में? मैनें कहा कुछ नहीं. तो वो बोली झूठ मत बोल मुझे सब पता है मेरी ब्रा क्यों नीचे गिरी हुई है तू क्या करता रहता है रोज बोल हाँ? मैं एकदम डर गया था मेरे मुंह से आवाज ही नहीं निकल रही थी.

फिर माँ बोली मैनें देखा था उस दिन क्या कर रहा था मेरी पैन्टी को सूंघने में बहुत मजा आता है तुझे ? मुझे सब पता है उस दिन भी बाथरूम के बाहर से भी मुझे देख रहा था. मुझसे रहा नहीं गया मैनें कहा क्या करूं मैं मुझे ऐसा करने में बहुत मजा आता है. और वो बोली अच्छा अपनी ही माँ को चोदेगा तू शर्म नहीं है लेकिन पता नहीं मुझे ऐसा क्यों लगा की वो गुस्से में नहीं थी. मैनें कहा हाँ तुम्हे भी तो मजा आएगा ना एक बार करने तो दो ना. उसका मुंह देखने लायक था उसने कहा बहुत दिन से देख रही हूँ तुझे मन तो मेरा भी होता है अच्छा ठीक है रुक मैं पैंटी उतारती हूँ लेकिन किसी को बताना मत लेकिन इतना सुनते ही मुझसे रहा नहीं गया और मैनें उसको पकड़ लिया और हाँथ से उसकी गांड को मसलने लगा और वो आआह्ह-आआह्ह की आवाजें निकालने लगी फिर मैनें उसके ऊपर की साड़ी निकाल दी तो केवल उसने ब्लाउज ही पहना हुआ था और उसके निप्पल्स बाहर की तरफ निकले हुए थे और पूरा पसीने से लतपथ हो रही थी वो जिससे उसकी चूची और भी उभर कर आ रही थी !

मैनें फिर उसकी साड़ी निकाल कर फैंक दी और वो मेरे सामने बस ब्लाउज और पेटीकोट में थी मेरा बहुत मन हो रहा था उसकी गांड को सूंघने का तो मैं नीचे बैठ गया और अपना मुंह उसके पेटीकोट के पीछे डाल दिया और अपने जीभ से उसको चाटने लगा फिर मैनें पेटीकोट भी निकाल फेंका इतनी देर में उसने मेरी शर्ट निकल दी नीचे मैं केवल शॉर्ट्स पहने हुए था और उसकी पैन्टी दिख रही थी मुझे जो आगे से गीली थी वो नीचे झुक गयी और बोली ले कर ले जो भी करना है मैनें उसकी दोनों  गांड को अपने हाथों से पकड़ लिया और अपना नाक और मुहँ उसकी पैन्टी के ऊपर से उसकी गांड के छेद की तरफ डाल दिये और सूंघने लगा उसकी गंध मुझे पागल कर  रही थी और वो आआह्ह की आवाजें निकाल रही थी फिर एकदम से उसने अपनी पैन्टी को पीछे से नीचे उतार दिया और मेरा मुहँ अपने दोनों हाथों से पकड़ कर अपनी गांड में घुसाने लगी!

मैं उसकी चूत और गांड का छेद चाटने लगा और अपनी जीभ उसके छेद में डाल दी. वो अपनी गांड मेरे मुंह पर जोर-जोर से रगड़ने लगी और चिल्लाने लगी चाट जोर से मेरा पूरा अंदर और अंदर तक कर मैनें और जोर से चाटना शुरु कर दिया और चाटता रहा फिर वो आगे घूमी और अपनी जीभ को मेरे मुंह में भर दिया और जोर जोर से किस करने लगी हमारा मुंह पूरा एक दूसरे के मुंह में था और अपने हाँथ से किस करते हुए उसने मेरा लंड बाहर निकाल लिया और अपने हाथों से रगड़ने लगी मैनें अपना लंड उसके चूचीयों के बीच में डाल कर ऊपर नीचे करने लगा उसके निप्पल से दूध जैसा कुछ निकल रहा था मुझसे रहा नहीं गया और मैनें उसके दोनों बब्स अपने मुंह में ले लिए और चूसने लगा फिर वो बोली बेटा अब रहा नहीं जा रहा चोद दे अपनी रंडी माँ को बेटा चोद दे मैं कब से यही चाह रही थी!

अब देर न करते हुए ये सुनते ही मैनें उसको नीचे लेटाया और अपना बड़ा मोटा लंड उसके मुंह में डाल दिया वो अपनी जीभ से मेरे लंड पर चाटने लगी और बहुत देर तक चूस चूस के उसने मेरा पूरा लंड गीला कर दिया मैनें कहा माँ अब मुझे लंड तुम्हारी चूत मैं डालना है तो उसने हाँ किया मैं नीचे सरका और अपना मोटा लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा उसकी चूत से पानी बह रहा था और देखते ही देखते मैं उसके ऊपर झुका और लंड चूत में डाल दिया उसके मुंह से जोर की आवाज निकली लेकिन मैं और अंदर तक डालता गया और पूरा अंदर कर दिया वो बोली अब क्यों रुक गया चोद ना मुझे रंडी की औलाद मुझे भी गाली सुनकर ऐसा गुस्सा आया मैं अपना लंड उसकी चूत में देता गया अंदर बाहर जोर जोर से मुझे भी बहुत दर्द हो रहा था लेकिन मैं रुका नहीं और वो अआह्ह्ह आहह चिल्लाने लगी और चोद रुक मत बेटा और चोद कहने लगी और मैनें उसे जी भर के चोदा.

उस दिन थोड़ी देर बाद हम दोनों थक गए और मेरा माल भी निकल गया उसने  लगभग चार बार पानी छोड़ा होगा अपना और मैं फिर उसके ऊपर लेट गया और  उसको सहलाने लगा और बोला तुम्हे चोद के बहुत मजा आया माँ लेकिन उसने जो  बोला उससे पूरा साबित हो गया की मेरी माँ कितनी बड़ी रंडी है. वो बोली अगली बार  और मजा आएगा तुझे तू अभी थक गया होगा अभी मेरी गांड का छेद तो प्यासा ही है और मैं ये सुन कर और जोश में आ गया. गांड का नाम लेते ही मेरा लंड में फिर हरकत होने लगी अब मैं उसके बोब्स को फिर से सहलाने लगा और वह मेरे लंड को धीरे-धीरे मसलने लगी कुछ ही देर में मेरा लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ गया अब हम 69 की पोजीशन में आ गये वह मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और मैं भी अपने मुहँ से उसकी चूत को चाटने लगा और उसकी गांड के छेद पर भी थूक लगाकर उसमें ऊँगली घुसाने लगा..

उसकी गांड का छेद बहुत टाईट था मेरे ऊँगली घुसाते ही वह उछल पड़ी फिर मैनें धीरे-धीरे उसकी गांड के छेद को ऊँगली से चोद चोदकर खोल दिया वह भी अब मेरे सर को अपनी टांगों के बीच में दबाने लगी थी और चुदने के लिये तडप रही थी फिर मैनें उसे घोड़ी बनाकर अपना लंड उसकी गांड के छेद पर सेट किया और एक जोरदार झटके के साथ अपना लंड उसकी गांड में आधा घुसा दिया उसके मुहँ से एक जोर की चीख निकली और वह मुझसे लंड बाहर निकालने को कहने लगी लेकिन मैनें उसकी बात को सुना नहीं और एक और तेज धक्के के साथ पूरा लंड उसकी गांड में उतार दिया और फिर थोड़ी देर वैसे ही रुका रहा फिर मैनें उसे चोदना शुरू कर दिया और अब वह भी मेरा साथ देने लग गई थी लगभग 20 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद मैनें अपना पानी उसकी गांड में ही छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया और थककर सो गया फिर जब मेरा लंड उसकी गांड में से सिकुडकर बाहर निकला तो देखा की उसकी गांड में से मेरा वीर्य और उसकी गांड फटने से निकला खून दोनों बाहर निकल रहे थे जब वह उठकर जाने लगी तो दर्द के कारण उससे चला भी नहीं जा रहा था फिर मैनें उसे दर्द की गोली लाकर दी और उसने मेरे होठों पर एक जोरदार किस दिया और कहा कि अब वह हमेशा ही मुझसे ही चुदवाएगी

धन्यवाद दोस्तों !!

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