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मामी की चूत को ठण्डा किया और गांड में डंडा किया

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प्रेषक :- अजय…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम अजय है और मैं कामलीला डॉट कॉम का अभी नया-नया पाठक हूँ। वैसे मुझे इसकी सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। दोस्तों आज की मेरी यह कहानी मेरी और मेरी मामी की है और इसलिए आज मैं आप सभी को अपनी मामी की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ और अब मैं थोड़ा सा आप सभी को अपना परिचय देते हुए मैं आज की मेरी कहानी की तरफ आगे बढ़ता हूँ।

दोस्तों यह कहानी तब की है जब मैं 20 साल का था. मैं गर्मी की छुट्टियों मैं अपनी नानी के यहाँ गया हुआ था. वहाँ पर मेरे 4 मामा है और उन सबकी शादियाँ हो चुकी है. मेरे तीसरे नंबर के मामा गायक है और वह ज़्यादातर अपने कार्यक्रम की वजह से शहर के बाहर ही रहते है जिस वजह से वह घर पर ज़्यादा नहीं रह पाते है. जब मैं वहाँ पहुँचा तो सबने खुशी से मेरा स्वागत किया और मैं पूरे दिन कभी किसी मामा के पास तो कभी किसी मामी के पास जाता रहा और बातें करता रहा. और फिर रात हो गई और रात के लगभग 10 बज गये थे और मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि, मुझको कहाँ सोना है? क्योंकि उनका घर काफ़ी बड़ा था. मेरे मामा ने छत पर एक अलग ही कमरा बना रखा था, जिसमें वह अपने गाने की प्रेक्टिस किया करते थे. और फिर मैंने वहाँ पर सोने की सोची और मैंने अपनी नानी से उस कमरे की चाबी ली और फिर मैंने वहाँ जाकर देखा तो वह कमरा बहुत अच्छा बना हुआ था, जिसको देखकर मेरा दिल खुश हो गया था. वहाँ पर बेड नहीं था, पर वहाँ ज़मीन पर एक बहुत बढ़िया सा गद्दा बिछा हुआ था और पूरे कमरे में कालीन भी बिछा हुआ था और साइड में एक सोफा भी था जो काफ़ी अच्छा था. और फिर मैं उस गद्दे पर एक चादर लेकर सो गया। और फिर रात के लगभग 11.10 बजे होंगे कि, उस कमरे का दरवाजा एकदम खड़का और मैंने सोचा कि, इस वक्त यहाँ कौन होगा? और फिर जब मैंने दरवाजा खोला तो वहाँ पर मेरी मामी थी, जिनके पति गायक थे. मेरी मामी के हाथ में दूध का गिलास था।

और फिर मामी ने कहा लो अजय, दूध पी लो! और फिर मैंने कहा कि, आइए मामी जी, अन्दर आ जाइए. और फिर वह अन्दर आ गई थी और वह सोफे पर आकर बैठ गई थी. और फिर मैं दूध पीते-पीते उनसे बातें करने लगा और फिर बातों-बातों में उन्होंने मुझसे पूछा कि, हाँ तो अजय, तुमने कितनी गर्लफ़्रेंड बना रखी है? तो मैंने भी उनको पूछा कि, कितनी का क्या मतलब मामी जी, अभी तक तो मेरी एक भी गर्लफ्रेंड नहीं बनी है. तो फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, ओह! इतने स्मार्ट हो फिर भी तुमने अब तक एक भी गर्लफ्रेंड नहीं बनाई, तो फिर शादी क्या? वह तुम मम्मी की मर्ज़ी की लड़की से करोगे? तो फिर मैंने उनको कहा कि नहीं, देखूँगा जब तक तो कोई मिल ही जाएगी तो फिर मैं उससे कर लूँगा! तो फिर मामी ने मुझसे पूछा कि, तुमको कैसी लड़की चाहिए? तो फिर मैंने उनको बताया कि, लड़की तो कैसी भी हो, बस मेरा और मेरे घर वालों का ध्यान रखने वाली होनी चाहिए! तो फिर उन्होंने मुझको कहा कि, सही है और फिर तो मेरी एक भांजी है उससे मैं तुम्हारी बात करवा देती हूँ। तो फिर मैंने उनको कहा कि, नहीं-नहीं ऐसे कैसे मामी? मैं तो उसको जानता भी नहीं! तो फिर वह मुझसे बोली कि, वह मेरे जैसी ही है एकदम दिखने में. तो फिर मैंने उनको कहा कि, अच्छा फिर तो सही है मिलवाओ किसी दिन, और फिर इतनी बातें करने के बाद मैं मामी के साथ काफ़ी खुल गया था और इतनी सब बातों में 12.30 बज गये थे और फिर मामी मुझसे बोली कि, अब मैं चलती हूँ, वैसे भी अब काफ़ी देर हो गई है और अब तुम भी सो जाओ।

दोस्तों मुझको मेरी मामी अब थोड़ी सेक्सी टाइप की लगने लग गई थी और मैंने मेरी उस मामी को उस नज़र से पहले कभी नहीं देखा था. और फिर मैंने उनको कहा कि मामी, आप इतनी रात को नीचे क्या करने जाओगी, सोना ही तो यहीं पर सो जाओ। तो फिर मामी ने मुझको कहा कि, अरे यार यहाँ पर तो एक ही बिस्तर है! तो फिर मैंने उनको कहा कि, कोई बात नहीं, मैं तो वैसे भी सोफे पर सोने वाला हूँ। तो फिर वह मेरी बात को मान गई और हम फिर वापस बातें करने लगे. और फिर वह गद्दे पर लेट गई और मैं सोफे पर. और फिर बातों-बातों में मैंने मामी से पूछा कि, मामा जी तो काफी दिनों के बाद घर आते है तो उनके बिना आपका मन कैसे लगता है? इस बात पर वह थोड़ी उदास सी हो गई थी और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि, हाँ अब क्या कर सकते है उनका काम ही कुछ ऐसा है और फिर यह कहते हुए उनकी आँखों में हल्का सा पानी आ गया था. और फिर मुझे लगा कि, यह सही समय है लोहा एकदम गर्म है अब वार कर देना चाहिए। तो फिर मैंने उनको कहा कि, अरे मामी, आपकी आँखों में तो आँसू आ गए है. और फिर मैं उनके गद्दे पर उनके पास आ गया था और फिर मैं उनके होठों के पास अपने होंठ ले आया और मैंने उनके होठों पर अपने होंठ रख दिए थे. और फिर पता नहीं उस समय उनको भी क्या हो गया था और उन्होंने अपनी बाहों में मुझको जकड़ लिया था और वह मुझको चूमने लग गई थी और फिर मैं भी उनका पूरा साथ दे रहा था. और फिर हम दोनों गद्दे पर एकदम से लिपट गये थे, मामी की साड़ी का पल्लू उनसे छिटक गया था और फिर मैं भी उनसे लिपटकर उनको चूम रहा था. और फिर हमने जब चुंबन बन्द किया, तो मामी ने मेरी आँखों में देखकर बोला कि, तुम्हारे मामा की बहुत याद आती है और मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाता है, प्लीज़ अब तुम ही मेरे जिस्म की प्यास को बुझा दो।

दोस्तों मैं तो पहले से ही तैयार था तो मैंने मामी को एक और शब्द नहीं बोलने दिया और फिर मैं उनके गले के पास जाकर किस करने लग गया था. और फिर वह भी पागलों की तरह मुझसे ऐसे चिपक गई थी जैसे कि वह ना जाने कब से मेरे लिए प्यासी हो। और फिर मैंने मामी जी की साड़ी को उनसे पूरी तरह अलग कर दी थी और उन्होंने भी मेरी टी-शर्ट उतार दी थी. और फिर मैं उनके बलाउज के हुक को खोलने लगा और उन्होंने उतने में मेरी बनियान भी उतार फैंकी थी और फिर उनका ब्लाऊज उतारने पर मैंने देखा तो मामी ने उसके नीचे ब्रा नहीं पहनी थी तो मैंने उनसे कहा कि, अरे मामी आपकी ब्रा कहाँ है? तो उन्होंने मुझसे कहा कि, वो क्या है कि मैं रात को सोते वक्त ब्रा नहीं पहनती हूँ। और फिर मैंने उनको कहा कि, आपके बब्स तो बड़े ही मस्त है. तो फिर वह मुझसे बोली कि, अब तुम क्या इनको देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी इनके साथ? तो फिर मैंने झट से उनके बब्स को चूसना शुरू कर दिया. और फिर उनको चूसते-चूसते मैंने उनके निप्पलों को दाँत से काटा भी जिस पर वह एकदम से इस्सस… करके चीख पड़ी थी और फिर उन्होंने मेरे बाल पकड़कर खींचे. और फिर फिर मैंने उनके बब्स को चूसते-चूसते उनके पेटीकोट को भी उतार दिया था और फिर मैंने उनकी पैन्टी भी उतार दी थी. और फिर मैं उनकी चूत में हाथ डालकर उनके दाने को मसल रहा था तो वह ‘आँहे’ भर रही थी, जिनको सुनकर मुझको बड़ा मज़ा आ रहा था। और फिर मुझे लगा कि, मामी कहीं ऐसे ही ना झड़ जाए, तो मैं रुक गया तो मामी मुझसे बोली कि, तुम रुके क्यों हो? तो मैंने उनको कहा कि, मामी हाथ से ही मज़े लेती रहोगी या कुछ और भी लोगी? तो फिर वह मुझसे बोली कि, तुम दोगे तो जरूर लूँगी ना? और फिर मैं झट से खड़ा हो गया और वह अपने घुटनो के बल गद्दे पर बैठ गई थी और फिर उन्होंने मेरा लोवर और अंडरवियर एकसाथ ही उतार दिया था और अब मेरा 6.5” का लंड उनके सामने था. और फिर वह उसपर बड़ी बुरी तरह से टूट पड़ी थी जैसे पता नहीं वह कब से प्यासी हो. और फिर वह उसको अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गई थी. दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर दस मिनट तक मेरा लंड चूसकर वह मुझसे बोली कि, अब मुझसे और सहन नहीं होता अजय मेरे नीचे बड़ी आग लगी हुई है, जल्दी कुछ करो मेरा। और फिर यह कहकर मामी गद्दे पर लेट गई और फिर उन्होंने अपनी दोनों टाँगें मोड़कर ऐसे खोल दी जैसे कि उनकी चूत मेरे लंड को बुला रही हो। और फिर मैंने भी झट से उनकी दोनों टाँगों के बीच में लेटकर उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया था. दोस्तों उनकी चूत थोड़ी टाइट थी पर मैंने फिर भी उसमें अपना पूरा लंड पेल दिया था उसके बाद 10 मिनट तक मैं उनको झटके देता रहा और फिर वह एकदम से मेरे से लिपट गई और झड़ गई थी. तो फिर मैंने उनको कहा कि, मामी जी आप की आग तो बड़ी जल्दी ही बुझ गई. तो फिर वह मुझसे बोली कि, ओह! अजय, आग तो अभी बस एक छेद की ही बुझी है, अभी तो बहुत सी आग बाकी है। तो फिर मैंने उनको कहा कि, अच्छा बोलो तो अब कहाँ-कहाँ की आग बुझानी है? और फिर मैंने उनकी चूत से अपना लंड निकाल लिया और फिर वह पलटकर घोड़ी बन गई. और फिर मैंने जल्दी से उनकी गांड को थोड़ा सा चाटकर गीली करके अपना लंड उसके अन्दर डाल दिया. उनकी गांड में लंड डालने में मुझको बड़ी मुश्किल हो रही थी और मुझको ऐसा लग रहा था कि, जैसे पहली बार मामी की गांड कोई मार रहा हो। और फिर जैसे-तैसे मैंने लंड उनकी गांड में घुसेड ही दिया तो मामी बहुत चिल्लाई, पर मैं नहीं रुका और पूरा लंड डालने के बाद हल्के-हल्के झटके देने लगा. मामी की चीखें अब धीरे-धरे ‘आहो’ में बदल गई थी और फिर बस ज़रा सी देर के बाद मामी ने खुद ही कहा कि, और तेज-तेज करो. और फिर तो क्या था मैंने भी ज़ोर-ज़ोर के झटके मारने शुरू किए और फिर 10 मिनट में मामी की गांड में ही झड़ गया था और फिर हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे से चिपक कर सो गये।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठको !!

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