मैं एक रात किरायेदार भैया से चुद गई

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प्रेषक :- निकिता…

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम निकिता है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं पटना की रहने वाली हूँ। और अभी मैं कॉलेज में एम.ए. की पढ़ाई कर रही हूँ। दोस्तों आज मैं आप सभी को एक कहानी बताने जा रही हूँ जो कि, मेरे साथ आज से 3 साल पहले हुई चुदाई की घटना पर आधारित है और यह चुदाई हमारे किरायेदार भैया और मेरे बीच हुई थी। सबसे पहले तो मैं आप सभी को अपने बारे में थोड़ा कुछ बता देती हूँ, मेरा रंग थोड़ा सा गेहुँवा सा है और फिगर 32-28-34 का है और यह बड़ा ही सेक्सी दिखता है। मेरे बदन को देखकर मेरे मौहल्ले के ज्यादातर लड़के मुझको चोदने के लिए अक्सर बैचेन रहते है। हाँ तो दोस्तों अब मैं मेरी असली कहानी पर आती हूँ, जो कुछ इस तरह से है।

दोस्तों हमारे घर में जो भैया किराए से रहते है उनका का नाम राजीव है। वह एक प्राइवेट कम्पनी में काम करते है और उनकी शादी हो चुकी है और उनकी पत्नी भी दिखने में बहुत ही खूबसूरत है। उनकी उस समय 2 साल पहले ही शादी हुई थी। दोस्तों यह एकबार की बात है तब रात को मेरी अचानक से नींद खुल गई और मैं उठकर टॉयलेट करने के लिए उठकर बाथरूम की तरफ जाने लगी थी और उस वक़्त रात के करीब 1 के लगभग बज रहे थे। और फिर जैसे ही मैं बाथरूम की तरफ जाने लगी तो मुझको कुछ आवाजें सुनाई देने लग गई थी, दोस्तों रात को सभी तरफ सन्नाटा होने की वजह से हल्की से हल्की आवाज भी साफ़ सुनाई देती है। और वह आवाजें भैया के कमरे से आ रही थी। और फिर मैं उधर गई तो मुझको पता चल गया था कि, भैया सेक्स कर रहे है भाभी के साथ और फिर मैंने उनके कमरे में देखने की बहुत कोशिश करी मगर उनके कमरे के सभी खिड़की दरवाजे बन्द थे तो मैंने उनके कमरे के दरवाजे की दरार से देखा तो मैं एकदम से चौंक गई थी।

वहाँ पर मैंने देखा कि, भैया ने भाभी को बेड पर रस्सी से बाँधकर उनके मुहँ पर कपड़ा भी बाँध रखा था और फिर वह उनको पीछे से चोद रहे थे। उस समय मैंने देखा कि, भैया अपने 7.5” के लगभग लम्बे और 3” के लगभग मोटे लंड से भाभी की चूत को चोद रहे थे। दोस्तों मुझको वह सेक्सी नज़ारा देखने में बहुत मज़ा आ रहा था। भाभी उस समय रो रही थी और वह भैया से कहती जा रही थी कि, अब तो छोड़ दो मुझको मैं पहले ही 3 बार झड़ चुकी हूँ पर भैया रुक ही नहीं रहे थे और वह तो और भी ज़ोर-ज़ोर से भाभी को चोदने लग गए थे मुझको दरवाजे के छेद से अन्दर का नज़ारा अच्छे से नहीं दिख रहा था और मैं मन ही मन सोच रही थी कि, मैं अब कैसे देखूँ। और तभी मुझको कुछ सूझा और मैंने दरवाजे के ऊपर बने एक रोशनदान के जैसे एक बड़े से छेद में से अन्दर देखने का सोचा। और फिर मैं वहीं पर पास में रखी एक स्टूल पर खड़ी हो गई थी और फिर मैं अन्दर देखने लग गई थी और मुझको अब सबकुछ साफ-साफ़ दिख रहा था। दोस्तों उस सेक्सी नज़ारे को देखकर मेरा भी मन चुदने का करने लग गया था। और तभी मेरे दिमाग़ में एक विचार आया और फिर मैं जल्दी से अपने कमरे में जाकर अपना फोन ले आई और फिर मैं उनकी उस चुदाई के नज़ारे को अपने फ़ोन के कैमरे में कैद करने लग गई थी उसके लिये मैंने अपने फोन को रोशनदान में एक जगह पर रखकर उसके कैमरे को सेट कर दिया था। दोस्तों मैं पहलीबार किसी की सच्ची चुदाई को अपनी आँखों से देख रही थी और उस समय मुझको कसम से बहुत मज़ा आ रहा था। अब भैया ने भाभी की चूत में से अपना लंड निकाल लिया था और फिर उन्होंने भाभी को बोला कि, अब मैं तुम्हारी गांड मारूँगा। तो फिर भाभी उनके पैर पकड़ने लगी और फिर वह उनसे कहने लगी कि, प्लीज़ मेरी गांड में अपना लंड मत डालो। तो फिर भैया ने भाभी के गाल पर दो थप्पड़ मारे और फिर वह उनसे बोले कि, चुप-चाप अपनी गांड में मुझको लंड डालने दो नहीं तो मैं तुम्हारी गांड में बीयर की बोतल घुसा दूँगा। मैं तो उनकी इस बात को सुनकर बुरी तरह से डर गई थी और फिर मैं यह सोचने लग गई कि, भैया इतने जंगली तरीके से चुदाई करते है। और फिर भैया के सामने भाभी की एक ना चली थी और फिर वह रोते-रोते भैया की बात को मान गई थी। और फिर भैया ने उनको घोड़ी बनाकर जैसे ही उनकी गांड में अपने लंड से एक धक्का मारा तो भैया के लंड के उस तेज झटके से भाभी की गांड फट गई थी। दोस्तों मुझको एकदम साफ-साफ दिख रह था कि, भैया के लंड के उस हमले से भाभी की गांड से खून निकलने लग गया था और भाभी रोने लग गई थी।

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लेकिन भैया फिर भी नहीं माने थे और फिर लगभग 15-20 मिनट के बाद भैया के लंड का पानी निकलने वाला था तो उन्होंने अपना लंड भाभी के मुहँ में जबरदस्ती दे दिया था। और फिर भाभी रोते हुए उनके लंड का सारा पानी अपने मुहँ में पी गई थी। और इधर उस जंगली चुदाई के नज़ारे को देखकर मैं भी अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी। और फिर मैं वहाँ से बाथरूम में गई और फिर वहाँ पर जाकर मैंने अपनी चूत में ऊँगली करके अपनी चूत को साफ किया। और फिर मैं बाथरूम में से अपने कमरे में आ गई थी लेकिन वहाँ से आने के बाद मुझको नींद नहीं आ रही थी। और फिर मैंने भैया-भाभी की चुदाई के बनाए मेरे उस वीडियो को बार-बार देखा और उस रात मैं बिल्कुल भी सो नहीं पाई थी। और फिर मैं बेड पर लेटे-लेटे यह सोच रही थी कि, कैसे मैं उनके लंड को अपनी चूत में भी लूँ? और फिर अगली सुबह जब मैं सोकर उठी तो मैंने भाभी को देखा तो वह कुछ अजीब तरीके से चल रही थी। तो फिर मैंने उनसे पूछा कि, भाभी आपको क्या हुआ है? तो वह मुझसे बोली कि, कुह नहीं मैं तो बाथरूम में फिसलकर गिर गई थी इसलिए, भाभी ने मुझको उस समय सच्चाई नहीं बताई थी, लेकिन मुझको तो सब कुछ पता था। और फिर मैंने मज़ाक में भाभी को बोला कि, क्या भाभी मुझको तो लगता है कि, भैया आजकल कुछ ज़्यादा ही मेहनत कर रहे है मुझको बुआ बनवाने के लिए। और फिर मेरी बात पर भाभी हँसी और फिर वह शर्माते हुए मुझसे कुछ भी नहीं बोली थी और फिर वह अपने काम में लग गई थी और मैं भी उनके साथ ही थी। दोस्तों मैं उन भाभी के साथ बहुत मज़ाक करती थी और वह भी मुझको अपनी सहेली की तरह ही समझती थी। और फिर उन्होनें मुझसे पूछा कि, तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है? तो मैंने उनको ना बोल दिया था, भैया उस समय सो रहे थे और मेरी उनके साथ भी बहुत अच्छी जमती थी और हमलोग अक्सर मस्ती मज़ाक किया करते थे। और फिर मैंने भाभी से पूछा कि, भैया अभी तक उठे नहीं क्या? तो वह मुझसे बोली कि, नहीं वह तो अभी तक सो रहे है तो फिर मैंने भाभी को मज़ाक में छेड़ते हुए बोला कि, हाँ वह तो सोएंगे ही क्योंकि वह इतनी मेहनत जो करते है। और फिर मैं भाभी से इतना कहते हुए भैया के कमरे में चली गई थी उनको उठाने के लिए और भाभी भी बाथरूम में चली गई थी। और फिर जब मैं भैया के कमरे में गई तो मैंने देखा कि, भैया चद्दर ओढ़कर सोए हुए है। और फिर मैंने धीरे से उनकी चादर उठाई और उसके अन्दर देखा तो वह सिर्फ़ अंडरवियर में ही सो रहे थे और उनका लंड उस समय भी खड़ा हुआ था। और फिर मैंने अपने हाथों से हल्के उनके लंड को छुआ तो मेरे पूरे बदन के अन्दर एक अजीब सी सिरहन दौड़ उठी थी। और तभी भैया उठ गये थे, लेकिन मुझको इस बात का बिल्कुल भी पता नहीं था, क्योंकि मेरी आँखें तो उस समय एक अलग ही अहसास से बन्द हो रही थी और मैं अपने एक हाथ से उनके लंड को पकडे हुए थी।

और फिर वह मुझपर गुस्सा होते हुए मुझसे बोले कि, यह तुम क्या कर रही हो? मैं इस बारे में तुम्हारी मम्मी को बोल दूँगा। दोस्तों मैं उस समय बहुत डर गई थी। और फिर मैंने खुद को संभालते हुए भैया से बोला कि, अच्छा तो आप मम्मी से मेरी शिकायत करोगे? तो उससे पहले आप यह देखो। और फिर मैंने वह रात वाली वीडियो भैया को दिखाई और फिर मैंने उनको बोलते हुए कहा कि, मुझको आपका लंड बहुत ज्यादा पसन्द है और मुझको आपसे अपनी चुदाई करवानी है। और अगर आप मुझको नहीं चोदोगे तो मैं आपका यह वीडियो सेक्सी फिल्मों की वेबसाइट पर डाल दूँगी और फिर वहाँ से मैं अपने कमरे आ गई थी। अब भैया की तो मेरी बात को सुनकर जैसे सिट्टी पिटी ही गुम हो गई थी। और फिर वह मुझसे मेरा मोबाईल फ़ोन माँगने लग गए थे। और साथ ही वह मुझको समझाने लगे कि, देखो यह सब ग़लत बात है। मैं तुम्हारा भैया हूँ, तो मैं उनसे बोली कि, कुछ भी नहीं होगा और आप ही मुझको चोदोगे। और फिर मैं जानबूझकर झुककर उनको अपने बब्स दिखाने लग गई थी। और इस बीच मैं यह भी देख रही थी कि, वह भी मुझको छुप-छुपकर देख रहे थे और फिर भैया मुझसे बोले कि, नहीं मैं तुम्हारे साथ सेक्स बिल्कुल भी नहीं करूँगा और अगर यह सब तुम्हारी मम्मी को पता चल गया तो क्या होगा? दोस्तों उस समय अन्दर से तो भैया का भी मन बहुत कर रहा था मुझको चोदने का, लेकिन वह अभी भी मना ही कर रहे थे। और फिर मैंने उनको बोला कि, आप मम्मी की बिल्कुल भी चिन्ता मत करो, मैं सब कुछ सम्भाल लूँगी। दोस्तों भैया ने मुझसे मेरा मोबाईल लेने की बहुत कोशिश करी लेकिन फिर मैंने अपना फोन उनको किसी तरह से दे दिया था। और फिर भैया बाथरूम में गये तो मुझको लगा कि, भैया मान गये है। दोस्तों मैं उस समय बहुत खुश थी। और फिर मैं जल्दी से उनके कमरे से बाहर निकली और अपना काम करने लग गई थी भाभी के साथ। और फिर दोपहर में भाभी बहुत खुश नज़र आ रही थी क्योंकि उस दिन उनके मायके से फ़ोन आया था और उनकी मम्मी की तबीयत थोड़ी खराब थी और इसीलिए उनको उनके मायके जाना पड़ेगा। और उस खबर से मैं भी बहुत खुश थी और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा था क्योंकि अब तो मैं भैया से पक्का चुदूँगी। और फिर मैंने भाभी से पूछा कि, आपको कब जाना है? तो वह मुझसे बोली कि, बस अभी ही जाना है। और फिर मैंने भाभी से भैया के बारे में पूछा कि, भैया भी आपके साथ जा रहे है क्या? तो वह मुझसे बोली कि, नहीं तुम्हारे भैया को उनके ऑफिस में कुछ काम है इसलिए वह अभी नहीं जाएँगे वह तो बाद में आ जाएँगे।

दोस्तों उनकी उस बात को सुनकर मेरी ख़ुशी तो दुगनी हो गई थ। और फिर तो मुझको पक्का यकीन हो गया था कि, आज तो मैं भैया से पक्का चुदूँगी। और फिर आधे घन्टे के बाद भाभी का भाई उनको लेने घर पर आया था और फिर भाभी उनके साथ चली गई थी। और फिर शाम को भैया घर पर आए तो मैंने उनको बोला कि, भैया क्या हाल है? तो फिर वह मुझसे बोले और फिर हँसते हुए अपने कमरे में चले गये थे। और फिर रात हो गई थी और सभी अपने-अपने कमरे में सोने के लिये चले गये थे और मेरी मम्मी भी अपने कमरे में चली गई थी। और फिर मैं मम्मी के सोने का इंतजार करने लग गई थी। और फिर रात को 10:30 बजे मुझको लगा कि, मम्मी सो चुकी है। और फिर मैं धीरे से अपने कमरे से निकलकर भैया के कमरे में जाने लगी और फिर मैंने हल्के से उनके कमरे के दरवाजे पर हाथ लगाया तो उनके कमरे का दरवाजा अपने आप ही खुल गया था। और फिर मुझको लगा कि, शायद वह मेरा ही इन्तजार कर रहे है। और फिर मैं अन्दर गई तो वहाँ पर भैया नहीं थे। और तभी पीछे से मुझको किसी ने अपनी बाहों में लिया तो मैं एकदम से चौंक गई थी और फिर मैंने पीछे देखा तो वह भैया ही थे। और फिर मैं उनसे बोली कि, मैं दरवाजा बन्द कर देती हूँ नहीं तो मम्मी आ जाएगी। और फिर मैंने उनके कमरे का दरवाजा अन्दर से बन्द कर लिया था। और फिर मैं उनसे बोली कि, सवेरे तो आप मुझको चोदने से मना कर रहे थे और अभी तो आप बहुत उतावले हो रहे हो। तो वह मेरे बब्स को दबाते हुए मुझसे बोले कि, तुम जैसे माल को कौन मना करेगा चोदने से। और फिर वह मेरे बब्स को जोर से दबाने लग गए थे और फिर वह मुझसे बोले कि, मैं तो कब से तुमको चोदने के लिये बैचेन था पर मुझको कोई मौका ही नहीं मिल रहा था। और फिर वह मुझको बेड पर लिटाकर मेरे होठों को चूसने लग गए थे जिससे मैं भी गरम हो चुकी थी। और फिर मैं उनके लंड को पकड़कर हिलाने लग गई थी। और फिर वह लगभग 20 मिनट तक मेरे होठों को चूसकर फिर से मेरे बब्स को दबाने लग गए थे और मैं सिसकारियाँ ले रही थी।

भैया अपने लण्ड को मेरी चूत में घिसने लगा और आहें भरने लगा। मेरी चूंचियाँ मलने लगा। उसकी सांसे तेज हो गई। मेरा दिल भी धड़-धड़ करके धड़क रहा था। मैं आनन्द से अंखियां बंद किये स्वर्ग में विचरण कर रही थी। मेरी चूत पानी से गीली हो गई थी, बहुत चिकनी हो चुकी थी। मेरे चेहरे पर पसीने की बूंदे छलक आई थी। वो भी पसीने में तरबतर था। वो मेरे से लिपट पड़ा था। जाने कब उसका लण्ड मेरी चूत में उतर गया। हम दोनों के ही मुख से एक आनन्द भरी सिसकारी निकल गई। पर ये सब कब हो गया, मस्ती में पता ही नहीं चला। हम दोनों के शरीर जाने कब एक हो गये, बस हमारी कमर तेजी से चल रही थी। मेरी प्यासी चूत उसके घोड़े जैसे लंड को गपागप अपने अंदर ले रही थी। वो भी उछल-उछलकर अपना लण्ड पेल रहा था। मेरी चूंचियों की शामत आई हुई थी। उसने खींच-खींचकर उन्हें लाल कर दी थी। फिर भैया बोले आह… कितनी चिकनी है रे तू तो बहुत मस्त माल है. भैया बस चोद दो कुछ मत कहो. मस्त लण्ड है रे…
और मुझको और जोरो से पैलने लगा और जोर से मार… हाय दैय्या … मेरी मार दी भैया…  सच में भैया का मोटा लण्ड जैसे मेरी चूत के लिये बना था। बहुत अच्छी और जबरदस्त चुदाई कर रहा था। हम दोनों इस बात से बेखबर थे कि हमारे जिस्म के साथ क्या हो रहा है। शायद इसी को स्वर्ग का आनन्द कहते है। तभी मेरे शरीर में जैसे आनन्द की लहरें उठने लगी आह… भैया.. मेरा तो निकला… उफ्फ्फ… मुझे सम्भाल रे… उईईईईई… और मेरे रति-रस जैसे बाहर को उबल पड़ा। मैं झड़ने लगी मैंने अपने भैया को कसकर भींच लिया। तभी उसने अपने चूतड़ उठाये और लण्ड बाहर निकाल लिया और मेरे पेट पर दबा दिया। उसका गरम वीर्य मेरी नाभि के आस पास निकल पड़ा। उसने भी मुझे कसकर लिपटा लिया। दोनों ही झड़ते रहे और जब नींद टूटी तो हम एक दूसरे से नजर तक नहीं मिला पा रहे थे, मुझे आज पहली बार तृप्ति का अहसास हुआ। मेरे चूत की झिल्ली शायद पहले ही टूट चुकी थी, जाने कब। पहली चुदाई मेरी तो असीम आनन्द से भरी हुई थी। इन्हीं ख्यालों में मैं डूबी हुई थी।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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