रास्ते में मिली भाभी पटाई और कर दी उसकी चुदाई

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प्रेषक :- सन्नी…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम सन्नी है. सबसे पहले तो आप सभी चुदक्कड़ भाभियों और लंड की प्यासी लड़कियों को मेरे खड़े लंड का नमस्कार। दोस्तों मेरी उम्र 26 साल की है और मैं शाजापुर का रहने वाला हूँ, दोस्तों मैं पिछले कुछ समय से कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके खूब मज़े लेता आ रहा हूँ और एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों ना मैं भी अपनी एक सच्ची चुदाई की घटना को लिखकर आप सभी लोगों की सेवा में हाजिर कर दूँ। हाँ तो दोस्तों अब मैं आपका ज्यादा समय ना लेते हुए सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ।

दोस्तों यह बात आज से 1 साल पहले की है. मैं एक मोबाईल कम्पनी के ऑफिस में काम करता हूँ और मैं रोजाना सुबह अपने ऑफिस में जाता हूँ, तो मुझको रास्ते में एक शादीशुदा औरत मिलती थी वह दिखने में बहुत खूबसूरत है और उसका नाम ममता है और उसकी उम्र लगभग 28 साल की है और वह भी शाजापुर की ही रहने वाली है, वह यहाँ पर अपने पति के साथ रहती थी. उसका शरीर बिल्कुल पतला सा था और वह दिखने में काफ़ी खूबसूरत थी, और वह एकदम परी के जैसी लगती थी और इसी कारण से कई लोग उसके पीछे पड़े हुए थे. मुझे भी वह बहुत अच्छी लगती थी तो मैंने अपने दोस्त से उसके बारे में पता करवाया तो मेरे दोस्त ने उसके बारे में सब कुछ पता कर लिया था कि, वह कौन है, कहाँ रहती है, और यहाँ तक कि, मैंने उसका फोन नम्बर तक पता कर लिया था, लेकिन मैंने कभी उसको फोन नहीं किया, क्योंकि मैं उससे बहुत प्यार करने लग गया था।

और फिर एक दिन ऊपर वाले ने मेरी सुन ली थी. मैं उस दिन ऑफिस के लिए लेट हो गया था और रास्ते में मैंने देखा कि, वह औरत पैदल जा रही थी. मैंने जब उसकी तरफ देखा तो वह मेरी तरफ उसने हल्की सी मुस्कुरा दी थी और फिर मैंने अपनी बाइक रोक दी और उसको बाइक पर बैठने को बोला तो वह मेरी बाइक पर बैठ गई थी. और फिर मैंने उसको गुड मॉर्निंग बोला और उसने भी मुझे गुड मॉर्निंग बोला. दोस्तों मैं उस दिन मन ही मन यह सोचकर बहुत खुश था कि, आज तो मेरी लॉटरी लग गई है. और फिर मैंने उसको उसके ऑफिस में छोड़ने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया और फिर वह मुझसे बोली कि, वहाँ पर मुझको सब देखेंगे तो वह मेरे बारे में बातें करेगें. तो फिर मैंने उसको बोला कि, आप ठीक बोल रही हो. तो फिर मैंने उसको बस स्टॉप पर ही उतार दिया और फिर मैं अपने ऑफिस चला गया था. और फिर अगले दिन मैंने देखा कि, उसको रास्ते में 4-5 लड़के छेड़ रहे थे, क्योंकि वह अकेली ही जाती थी. उनमें से 2 लड़के मुझको जानते थे. और फिर मैं शाम को जल्दी से ऑफीस का काम खत्म करके घर आ गया था और फिर मैंने उन लड़कों से जिनको मैं जानता था, उनसे बात करी और उनको सच बताया कि, मैं ममता से प्यार करता हूँ और इसलिए आज के बाद आप लोग ममता को तंग मत करना. वह लोग मुझको काफी अच्छे से जानते थे तो उन्होंने मुझको बोला कि, भैया अब भाभी (ममता को) को हम में से कोई भी कुछ नहीं बोलेगा और ना ही हम किसी और को कुछ बोलने देगें।

और फिर मैंने उनको धन्यवाद कहा तो इतने में ममता भी अपने ऑफिस से आ गई थी तो फिर मैंने एक दोस्त की हैसियत से उसको अपनी बाइक पर बैठने के लिए बोला तो वह मुझको मना करने लगी. तो फिर मेरे बहुत ज्यादा कहने पर वह मेरी बाइक पर बैठ गई थी और फिर मैंने उसको पूछा कि, क्या यह सब लड़के आपको कुछ बोल रहे थे? तो मेरी बात को सुनकर उसकी आँखों में से आँसूं आ गए थे और फिर वह मुझसे कहने लगी कि, यह सब मुझको रोज ही परेशान करते है और गन्दे-गन्दे इशारे भी करते है. तो फिर मैंने उसको कहा कि, आज के बाद यह आपको कभी भी कुछ भी नहीं कहेंगे और फिर ऐसा ही हुआ. और अब उसको कोई नहीं छेड़ता था, इससे वह बहुत खुश हुई और फिर तो वह रोज मेरे साथ ही आने-जाने लग गई थी. और फिर मैंने उससे उसका फोन नम्बर माँगा और फिर तो हम रोज ही बातें करने लग गए थे. और फिर ऐसा करते-करते हमको 20-25 दिन हो गये थे. और फिर एक दिन मैंने उसको बोला कि, जान मैं तुमसे अकेले में मिलना चाहता हूँ तो वह थोड़ा अनजान बनते हुए मुझसे बोली कि, हम रोज ही तो मिलते है. तो फिर मैं उसको थोड़ी और हिम्मत करके बोला कि, मैं तुमसे अकेले में मिलना चाहता हूँ और तुमको प्यार करना चाहता हूँ. तो उसने मुझको मना कर दिया था।

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और फिर मैं मायूस हो गया और फिर अगले दिन जब वह मेरे साथ गई तो मैंने उसको केवल हाय किया और उसके अलावा उससे कोई बात नहीं करी तो ममता समझ गई थी कि, मैं उससे नाराज़ हूँ. तो फिर उसने मुझको शाम को फोन किया और कहा कि, तुम्हारे लिये एक खुशखुबरी है. तो मैंने उससे पूछा कि, क्या बात है? तो फिर वह मुझसे बोली कि, आज मेरे पति किसी काम से कुछ दिनों के लिये गाँव जा रहे है और हम दोनों रविवार को मिल सकते है. तो फिर मैं उसकी बात को सुनकर बहुत खुश हुआ था और फिर मेरे लिये वह 2 दिन निकालना बहुत मुश्किल हो गया था. मेरा उसके बिना बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था और फिर जैसे ही रविवार आया तो मैंने उसको फोन किया तो वह मेरे साथ नाटक करने लगी कि, आज तो मेरे सिर में बहुत दर्द हो रहा है तो मैं कैसे आऊँ? तो फिर मैंने उसको बोला कि, मैं कुछ भी नहीं जानता और तुमको आना ही होगा. तो फिर उसने आने के लिये हाँ कर दी थी. और फिर उसने मुझको एक जगह बताई और उसने मुझको वहाँ पर अपनी बाइक लेकर आने को बोला. और फिर मैं वहाँ से उसको लेकर अपने कमरे में आया और कमरे में आते ही मैंने उसको कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर वह कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद बेड पर लेट गई थी. दोस्तों उस दिन उसने काले रंग का सूट पहना हुआ था और काले सूट में वह बहुत ही कमाल की लग रही थी मैं आपको बता नहीं सकता कि, वह उस दिन कितनी खूबसूरत लग रही थी।

और फिर हम दोनों बातें करने लगे और बातें करते-करते मैंने उसके बब्स पर हाथ रख दिया तो वह थोड़ी शरमाकर हँस पड़ी थी. और फिर उसके बाद मैं उसके ऊपर लेट गया और उसको किस करने लगा तो फिर वह भी धीरे-धीरे मेरा पूरा साथ देने लग गई थी. और जब वह मुझको किस कर रही थी तो मैं पागल सा हो रहा था. उसके बाद मैंने उसके कुर्ते को निकाल दिया था, उसके नीचे उसने सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी. गोरे बदन और सफेद ब्रा में वह बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी लग रही थी. और फिर मैं उसकी ब्रा के हुक को खोलकर उसको पागलों की तरह उसे चूमने और चाटने लग गया था और वह भी मेरा पूरा-पूरा साथ दे रही थी. और फिर धीरे-धीरे वह एकदम गर्म हो गई थी और उसने मेरी पेन्ट को खोलकर मेरी अंडरवियर में अपना हाथ डाल दिया था और फिर वह मेरे लंड के साथ खेलने लग गई थी. दोस्तों कसम से उस समय मैं तो उत्तेजना में एकदम पागल हो गया था. और फिर उसने मेरी अंडरवियर भी उतार दी थी और फिर उसने अपनी सलवार भी उतार दी थी. और फिर मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी थी।

और फिर मैंने जैसे ही उसकी पैन्टी उतारी तो उसकी चूत मुझको बिल्कुल साफ दिखी थी, क्योंकि शायद उसने उसी दिन अपनी चूत को साफ किया था. उसकी चूत बिल्कुल गुलाबी रंग की थी. और फिर वह मेरे लंड के साथ खेलते-खेलते उसको चूसने लगी. दोस्तों वह मेरा पहला अनुभव था कि, जब कोई औरत मेरे लंड को चूस रही थी, मुझको तो सच में बहुत मजा रहा था. और फिर वह मुझको भी अपनी चूत को चाटने के लिए बोलने लगी तो फिर मैं भी उसकी चूत को चाटने लगा. मैं जब उसकी चूत को चाट रहा था तो वह अपने मुहँ से बड़ी अजीब सी आवाजें निकाल रही थी और वह बार-बार मुझको अपना लंड उसकी चूत के अन्दर डालने को बोल रही थी. लेकिन मैं तो उसकी चूत से खेल रहा था. और फिर उसको मौका मिलते ही उसने मुझे धक्का दिया और बेड पर गिरा दिया और फिर वह मेरे ऊपर चढ़कर मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत में डालकर आगे-पीछे करने लगी. दोस्तों उस समय मुझको बहुत मज़ा आ रहा था, मैंने उस दिन से पहले कभी ऐसा मजा नहीं लिया था. और फिर उसके 10 मिनट तक ऐसे करने के बाद मैं उसको घोड़ी बनाकर पीछे से चोदने लग गया था.न दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर वह मुझसे बोल रही थी कि, तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है और इससे मुझको दर्द हो रहा है. लेकिन मैं उसकी बात को अनसुना करते हुए उसको चोदता रहा. उस चुदाई के बीच वह दो बार झड़ चुकी थी. और फिर मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उसको पूछा कि, मेरी जान, अन्दर ही डाल दूं क्या? तो उसने मुझको ऐसा करने के लिये मना कर दिया और फिर वह मुझसे बोली कि, मेरे बब्स पर डाल दो. तो फिर मैंने वैसा ही किया. और फिर मैं उसके ऊपर ही ढेर हो गया था तो वह मुझको बड़े प्यार से किस करने लग गई थी और वह बहुत खुश भी नज़र आ रही थी।

और फिर थोड़ी देर तक किस करने के बाद वह फिर से मेरे लंड को चूसने लगी और फिर 30 मिनट के बाद वह फिर से मुझसे चुदवाने लग गई थी. दोस्तों उस दिन हमने 3 बार चुदाई करी थी. उसके बाद तो हमको जब भी मौका मिलता है तो हम दोनों मिलकर चुदाई कर लेते थे, लेकिन अब एक साल हो गया है और उसने अपनी वह नौकरी छोड़ दी है और वह अपने गाँव चली गयी है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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