✽ रोजाना नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ ✽

लंड की भूख़ और चूत की प्यास

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प्रेषक:- मनप्रीत…

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम मनप्रीत है मुझे सेक्सी कहानियाँ पढना बहुत अच्छा लगता है और मैं कामलीला पर बहुत समय से कहानियाँ पढ़ रही हूँ. आज मैनें भी अपनी एक आपबीती घटना को एक कहानी के रूप में रखा है. आशा करती हूँ कि आप लोग इसे जरूर पसंद करोगे. मैं पटियाला में रहने वाली एक पंजाबी लड़की हूँ
मैं बाकी पंजाबी लड़कियों की तरह बहुत खूबसूरत हूँ.लम्बे बाल,भरा हुआ जिस्म,सेक्सी होंठ और नशीली आँखें यह सब लड़कों की पेंट में तम्बू बना देती है

सभी लड़के अपने लंड पकड़ ले और लड़कियां चूत में ऊँगली डाल ले. अपने गाडी सिखाने वाले से चुदने के बाद अब मेरे जिस्म की आग बहुत बड गई थी मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे इसे शांत करु. जो भी लड़का सामने से गुज़रता था मेरी नज़र हमेशा उसकी पेंट की ज़िप वाले हिस्से पर चली जाती थी मन करता था कि सड़क पर ही चुदाई शुरू कर दूँ. बड़ी मुश्किल से मैनें खुद को कंट्रोल किया हुआ था

मेरा एडमिशन दिल्ली के 1 कॉलेज में हो गया था. इसलिए मैं अपने चाचा के यहाँ रहने लगी जो कि दिल्ली में ही रहते थे और वीकेंड पे घर जाने लगी. मेरे चाचा 1 हैंडसम 40 साल के करीब के जट्ट है. उनका तलाक हो चुका था और वह अकेले ही रहते थे. मैं जब उनके घर पहुंची तो चाचा जी ने मुझे अपने गले से लगा लिया… मैनें स्कर्ट और टॉप पहन रखा था. मुझे लगा जैसे उनका लंड खड़ा हो गया हो मुझे देख कर. खैर मेरा पहला दिन था तो मैनें भी इतना ध्यान नहीं दिया…

मेरे कॉलेज की पढाई शुरू हो गयी थी. चाचा जी भी सुबह ऑफिस चले जाते और शाम को घर आते और 2-3 पेग लगा के और खाना खाकर सो जाते थे. मेरे अंदर की सेक्स की भूख बढ़ती ही जा रही थी. मुझे रोज़ अपनी चूत में ऊँगली करने की आदत पड़ गई थी.

1 दिन मैं सुबह उठी तब तक चाचा जी ऑफिस जा चुके थे मेरे कमरे के बाथरूम में पानी नहीं आ रहा था इसलिए मैं नहाने उनके कमरे में चली गई उनके बाथरूम में गई और मैंने अपने कपडे उतार दिए अचानक मेरी नज़र उनके अंडरवियर पर पड़ी पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने उसे उठाया और सूंघने लगी मुझे बहुत अच्छी लग रही थी उसकी खुशबू.

मैंने साथ साथ अपनी चूत में ऊँगली करनी शुरू दी. मैंने उसके अंदर देखा तो वह थोड़ी गीली और चिपचिपी थी. मैनें छुआ तो मुझे समझ आ गया था की चाचा ने इसमें मुठ मारी है. मैनें उसे अपनी ऊँगली में लिया और चख लिया मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मैनें अब मन बन लिया था कि मुझे अब चाचा से चुदना है चाहे कुछ भी हो

मैंने अब चाचा का ध्यान अपनी ओर करना शुरू कर दिया था मैं जानबूझ के उनके सामने छोटे और पारदर्शी कपडे पहनती. छोटी शॉर्ट्स और वाइट कुरता जिसमें मेरी काली ब्रा दिखती वह पहनती… रात को जांघों तक की नाईट ड्रेस पहनती मुझे पता था कि मुझे ऐसे देख के उनके लंड का बुरा हाल हो जाता है. जब कभी उनके बाथरूम में जाती तो अपनी ब्रा पेंटी भी वहीं छोड़ देती थी ताकि चाचा उसे देखे.

1 दिन जब मैनें चाचा के जाने के बाद उनके बाथरूम से अपनी ब्रा पेंटी लेने गई तो मैनें देखा कि मेरी ब्रा में चाचा का माल था. मैं समझ गई कि अब लोहा गरम है. रात को जब चाचा आये तो मैं उनके सामने अपनी छोटी सी निक्कर पहन कर आई. हमने खान खाया और मैं जाने लगी तो चाचा ने मुझे बोल कि मीनू अभी थोड़ी देर यहीं रुक जा कुछ बातें करते हैं.

मैनें कहा ठीक है जैसा आप कहो. वह अपनी व्हिस्की की बोतल ले आये और 2 पेग बना दिए. मैनें कहा कि मैं नहीं पीती. वह बोले मुझसे शरमा मत मुझे पता है आजकल के लड़का लड़की क्या क्या करते है… मैनें मुस्कुरा कर गिलास पकड़ लिया और उनके पास जा कर बैठ गई.

वह मेरे और करीब आ गए और मेरे कंधे पर हाथ रख कर बातें करने लगे. वह 3 पेग पी चुके थे और मेरा पहला ही चल रहा था. अब वह थोड़ा थोड़ा सुरूर में आ रहे थे. वह अपनी एक्स वाइफ की बातें करने लगे, कि वह कितना मिस करते है उन्हें. मैनें देखा कि उनकी लुंगी में उनका लंड खड़ा हो रहा था. उनका हाथ अब मेरे बूब्स पर था… वह बोले की मैं उन्हें बहुत सेक्सी और हॉट लगती हूँ.

अगर मैं उनकी भतीजी नहीं होती तो… मैंने पूछा नहीं होती तो क्या? यह सुनते ही उन्होंने ने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया… मैनें कहा यह क्या है चाचा जी… वह बोले पगली तुझे अब तक यह नहीं पता कि यह क्या है मैनें बोला नहीं

वह बोले भोली मत बन मुझे सब पता है कि आजकल के लड़के लड़कियां कितने आगे है तू क्या समझती है कि मैं नहीं जानता कि तू क्यों मेरे बाथरूम में अपनी ब्रा और पेंटी छोड़ कर जाती थी. मैं मुस्कुराई तो उन्होंने मुझे अपनी और खींच लिया और मेरे होंठ चूमने लगे… मेरा हाथ अभी भी उनके लंड पे था… क्या मस्त मोटा लंड था… वह 1 भूखे कुत्ते की तरह मेरे होठों को चुम रहे थे और काट रहे थे मैनें बोला कि आराम से कीजिये चाचा जी… वह बोले आज आराम नहीं होगा… बड़े टाइम बाद तेरे जैसा कड़क माल मिला है..

अब तक तो मैं बाहर की खुली चूत वाली रंडियो से ही काम चला रहा था मैनें चाचा की लुंगी खोल दी. चाचा के लंड का साइज अच्छा था और काफी मोटा भी था… मैनें चाचा के लंड पर हाथ लगाया और उसे ऊपर नीचे करने लगी.. चाचा ने भी मेरी निक्कर उतार दी. मैनें ब्रा नहीं पहनी थी और मेरे 34 साइज के गोरे चिट्टे पिंक कलर के निप्पल्स वाले बब्स उनके सामने आ गए चाचा बोले क्या मस्त माल है तू…
तेरे बब्स को तो मैं खा जाऊंगा मेरी जान… मैनें कहा खा लो चूस लो जो भी करना है कर लो चाचा मैं आपकी ही हूँ. वह मेरे बब्स को चूसने लगे… मुझे बहुत मज़ा आ रहा था… मैं उनका सर बार-बार अपने बूब्स पे दबा रही थी, वह मेरे बब्स को दबा रहे थे उन्हें पागलो की तरह चाट रहे थे, मेरे निप्पल्स से खेल रहे थे.

मैं पागल हुए जा रही थी मैनें उन्हें अपने बब्स से हटाया और मैं अपने घुटनों पर आ गयी… उनका मोटा लंड मेरे मुँह के सामने था और मेरे मुँह में पानी… मैनें उनके लंड का सुपाड़ा पीछे किया और आगे के हिस्से को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया… चाचा की आँखें बंद हो गयी थी और उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था यह मैं देख सकती थी…. मैनें उनके लंड की लम्बाई पर अपनी जीभ फेर रही थी… उसे अपने थूक से गीला कर रही थी… मैनें चाचा का लंड अपने मुँह में लिया और उसे चूसने लगी… चाचा की आहें निकल रही थी

मैं जोर-जोर से चाचा के लंड को चूसने लगी और उनके बॉल्स दबाने लगी… चाचा ने थोड़ी देर बाद अपने लंड को मेरे मुंह से हटाया और मुझे अपनी गोद में उठा के अपने कमरे में लेकर गए और बेड पर पटक दिया… चाचा ने मेरी पिंक पेंटी उतारी और उसे सूंघ कर फेंक दिया. चाचा मेरी चूत को चाटने लगे… मुझे बहुत मज़ा आ रहा था … मैनें चाचा का मुंह अपनी टाँगों के बीच में दबा लिया और अपने बब्स को दबाने लगी. मेरी आह्ह्ह्ह् आआह्ह की आवाज़ों से चाचा की जीभ की रफ़्तार और बढ़ती जा रही थी…. मैनें चाचा का मुंह जोर से अपनी चूत पर दबाया और अपना माल उनके के मुंह पर छोड़ दिया…

चाचा ने 1 प्यासे की तरह सारा माल पी लिया और 1 बूँद भी नहीं छोड़ी… चाट-चाट कर मेरी चूत को साफ़ किया… मैनें चाचा को अपनी और खींच लिया और उन्हें किस करने लगी.. मेरे माल का टेस्ट हम दोनों की जीभ में घूम रहा था…. मैनें कहा चाचा अब मुझे और मत तड़पाओ… चोद दो मुझे… चाचा बोले, अभी भी चाचा…, अब हमारे बीच चाचा भतीजी वाला बचा ही क्या है…? मुझे बॉबी कह के बुलाओ… मैनें कहा मुझे चोद दो बॉबी… भतिजीचोद बन जाओ, उन्होंने ने मेरी टाँगे फैलाई और अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दिया बहुत दिनों बाद लंड लिया था इसलिए मेरी चीख निकल गई…

मैनें कहा आराम से करो. चाचा ने बोला आराम से नहीं होगा आज मेरी रांड बहुत दिनों बाद ऐसी मस्त चूत मिली है आज तो तुझे अच्छे से पेलूँगा. मैनें कहा प्ल्ल्लिज्ज बॉबी. पर उन्होंने मेरी 1 नहीं सुनी और जोर-जोर से धक्के मारने लगे… अब मुझे भी मज़ा आ रहा था, मैं भी उनका साथ दे रही थी….

वह मेरी दोनों टाँगे अपने कंधे पे रख कर मुझे चोदने लगे…. आहह आआह्ह्ह बॉबी आआह्ह… चोद मुझे साले लेले अपनी भतीजी की चूत का मजआ….. बोल हरामज़ादी रंडी बहुत दिनों से मेरे लंड को तड़पा रही थी… आज से तू मेरी रंडी है मैं रोज़ चोदूंगा तुझे. मैं भी बोली हाँ बॉबी मुझे रोज़ चाहिए तुम्हारा यह मोटा लंड.

मैं 2 बार झड़ गई थी मगर वह अभी भी लगे हुए थे…. उन्होंने ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत मारने लगे… बहुत मजा आ रहा था….अआहहह की आवाजों से पूरा घर गूँज रहा थे लेकिन हम पागलों की तरह चुदाई करें जा रहे थे…. चाचा बोले मैं झड़ने वाल हूँ..

मैनें कहा मेरे मुंह में झाडो अपना माल…. मुझे इसका स्वाद चखना है… मैं सीधी हुई और चाचा मेरे मुँह के पास लेकर अपना लंड हिलाने लगे कुछ ही देर में उनका माल निकल गया… मैं उनका सारा माल पी गई और उनका लंड चाट कर साफ़ कर दिया…
हम दोनों बेड पर नंगे ही लेट गए मैनें उन्हें हग किया और कहा कि अच्छा हुआ कि आपकी वह रांड बीवी आपको छोड़कर चली गयी… नहीं तो इस लंड का मज़ा मुझे कैसे मिलता बॉबी….

वह बोले हां मेरी रांड उसे सेक्स में इंटरेस्ट नहीं था… मुझे करने नहीं देती थी… आज से तू ही मेरी बीवी हो अब हम रोज़ चुदाई करेंगे… यह कह कर मुझे किस करने लगे… उस रात हमने 2 बार और सेक्स किया… अब हम रोज़ सेक्स करते थे…

धन्यवाद दोस्तों !!

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