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फ़ार्म हाऊस पर गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

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प्रेषक :- राज…

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम राज है, मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूँ और अभी मेरी उम्र 26 साल की है मैं दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ और मेरी अच्छी बॉडी भी है। दोस्तों मैं अब आप लोगों का ज़्यादा समय ना लेते हुए बताना चाहूँगा की यह कहानी मेरे पहले सेक्स की कहानी है जो कि, मैंने अपनी पढ़ाई के दौरान किया था। मैंने जिस लड़की के साथ सेक्स किया था उसका नाम हिना है वह दिखने में बहुत गोरी और एकदम तीखे नैन-नक्श वाली है। मैं उसको बहुत पसन्द करता हूँ जबसे मैंने सेक्स के बारे में समझना शुरू किया था तभी से मैं उसके नाम की मूठ मारने लगा था और यह बात मेरे दोस्तों को ही पता थी कि, मैं उससे प्यार करता हूँ और वह भी मुझे कभी-कभी छुप-छुपकर देख लेती थी पर मैं इसे अपना वहम समझता था।

उसकी मेरे साथ अच्छी दोस्ती तो थी पर मैं सोचता था कि, अगर मैंने उससे अपने प्यार का इज़हार किया और उसने मना कर दिया तो प्यार तो जाएगा ही और साथ में दोस्ती भी चली जाएगी। और फिर इसी तरह से दिन गुजरने लगे और एक दिन जब हमारे कॉलेज का फेयरवेल का प्रोग्राम था तो हिना उस प्रोग्राम में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी और फिर मेरे दोस्तों के बहुत ज़्यादा बोलने पर मैंने उसे एक खाली क्लासरूम में ले जाकर झिझकते हुए ‘आई.लव.यू.’ बोल दिया था तो उसने उस वक़्त तो मुझे कोई जवाब नहीं दिया था और वह वहाँ से चली गई थी। उसके बाद एक-दो दिन तक वह कॉलेज में भी नहीं आई थी इससे एकबार तो मैं डर भी गया था कि, कहीं उसने अपने घर वालों को सब कुछ बता तो नहीं दिया होगा लेकिन फिर अगले दिन वह कॉलेज में आई थी और फिर मैंने सोचा कि, पता नहीं अब उसका जवाब क्या होगा। और फिर जब हमारी कॉलेज की छुट्टी हो रही थी तो उसने अपनी एक सहेली जिसका नाम निधि था, उसके हाथ एक लेटर भेजा जिसमे लिखा था ‘आई.लव.यू.टू.राज’. और उसको पढ़कर मेरी तो किस्मत ही खुल गई थी और फिर उस दिन मैं बहुत खुश था। उसके बाद उसके और मेरे बीच में बहुत सी बातें होने लगी, मोबाइल से मेसेज और बातों का दौर चलता गया. और फिर हम दोनों अकेले में भी मिलने लगे। और फिर एक दिन मैंने शाम को उसे पार्क में मिलने को बुलाया और फिर वह आई और मैंने उसे देखा तो वह लाल रंग की स्कर्ट और सफ़ेद रंग के टॉप में बहुत ही कयामत ढा रही थी और मैं तो उसको देखकर एकदम पागल ही हो गया था और फिर मैं उससे बातें करने लगा और उस समय उधर एक तरफ थोड़ा अंधेरा सा था तो फिर मैं उससे बातें करते हुए उधर की तरफ ले गया और फिर मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया और फिर जैसे ही मैंने उसके बब्स को हाथ लगाया तो उसने मेरा हाथ हटा दिया और कहा कि, यह सब अभी नहीं यह सब तो शादी के बाद। दोस्तो मैं आपको बता दूँ कि, मैं उसे सेक्स वाला प्यार नहीं करता था, मैं तो उससे सच्चा वाला प्यार करता था और फिर मैंने भी उसे उस समय कहा कि, तुम डरो मत आई.लव.यू. और आई.प्रॉमिस.टू.यू. कि, मैं तुमसे कभी अलग नहीं होऊँगा।

और फिर वह भी मान गई थी और मैं उसे वहाँ से थोड़ी दूर एक दोस्त के फार्म हाउस पर ले गया था जहाँ पर कोई भी आता जाता नहीं था, और फिर फार्म हाउस के अन्दर कमरे में जाते ही मैं उसे पागलो की तरह प्यार करने लगा और फिर मैंने उसके गुलाबी होठों को चूस-चूसकर लाल कर दिया था। और उससे वह भी एकदम से कामुक हो उठी थी और फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया था। और फिर उसकी स्कर्ट को भी उतारकर अलग कर दिया था क्या बताऊँ दोस्तों, वह काले रंग की ब्रा और काले रंग की ही पैन्टी में क्या कमाल की लग रही थी! और फिर उसने भी उत्तेजना के चलते मेरी शर्ट और जीन्स भी उतार दी थी अब हम दोनों केवल अंडरगार्मेंट में ही थे। और फिर अब मैं फिर से उसके होठों को चूसने लगा और साथ ही मैं एक हाथ से उसके बब्स को भी दबाने लगा दोस्तों उस समय हम दोनों के जिस्म में जैसे कोई करंट सा दौड़ने लगा था। और फिर प्यार का खेल थोड़ा और आगे बढ़ा और मैंने झटके से उसकी ब्रा भी उतार दी थी और फिर मैंने पागलों की तरह उसके बब्स को देखा जो एकदम मासूमियत से लबरेज बच्चों की तरह किसी बंधन से छूटकर खुली हवा में खेलने लगे थे। उसके बब्स एकदम गोरे थे और उनपर एकदम कड़क गुलाबी निप्पल ने मुझे उसका दीवाना कर दिया और फिर मैं उसके बब्स को अपने दाँतों से काटने लगा था और वह भी एकदम मदमस्त होने लगी थी और फिर वह मेरे सिर को अपने बब्स पर दबाने लगी थी। और फिर कुछ ही पलों में मैं उसके बब्स को पूरा चूस और मसल चुका था। और उसके मेरे चूसने और काटने के वजह से एकदम लाल हो गए थे और उनपर मेरे दाँतों के काटने के निशान भी बन गये थे और हिना भी बहुत गरम हो चुकी थी और फिर वह मुझसे बोलने लगी कि, अब मुझसे और सहा नहीं जाता, अब डाल भी दो…. मुझसे अब और सब्र नहीं हो रहा है। और फिर मैं उसकी चूत पर आ गया जो कि, बिल्कुल गोरी थी। और वह बहुत ही हल्के और छोटे-छोटे रेशमी बालों से सजी हुई थी। दोस्तों यह कहानी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

क्या बताऊँ दोस्तों, उस दिन तो मैं उसकी चूत को देखकर बिल्कुल पागल सा हो गया था और फिर मैं उसकी प्यारी और रसीली चूत को किस करने लग गया था। और फिर इतने में ही उसका पानी भी निकल गया था और मैंने उसकी चूत का पूरा पानी चाट लिया था। और फिर कुछ देर के लिए वह एकदम निढाल सी हो गई थी और अब चूसने की बारी उसकी थी और मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया था। और फिर उसने बड़े ही प्यार से मेरे लंड को चूसना चालू कर दिया था और फिर कुछ देर तक मैं उसके मुँह को चोदता रहा। और फिर मैं उसके ऊपर आ गया था और फिर मैंने उसकी दोनों टाँगों को फैलाकर अपने लंड के टोपे को उसकी चूत के मुँह पर रख दिया था और फिर उसने मुझे चोदने का इशारा किया। और फिर मैंने एक ज़ोर का झटका लगा दिया था पर मेरे लंड का टोपा फिसल गया था क्योंकि उसकी चूत बहुत टाइट थी। और फिर मैंने वहाँ पर रखी हुई एक क्रीम को अपने लंड पर लगाया और फिर उसकी चूत पर फिर से अपना लंड रखकर एक जोर का झटका लगाया तो अबकी बार मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस चुका था जैसे ही मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुसा ही था कि, उसकी चीख निकल गई और मुझको भी उसकी चूत के कसाव के कारण मेरे लंड में दर्द होने लगा था और मेरे लंड का भी धागा टूट गया था और वह तेजी से छटपटाने लगी थी और फिर मैंने भी ज़्यादा जल्दी करना ठीक नहीं समझा और उसके बब्स और होठों को चूसने और चूमने लगा। और फिर कुछ ही देर के बाद वह थोड़ी शांत हुई तो फिर मैंने फिर से धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए थे और फिर बस कुछ ही देर में उसको भी मज़ा आने लगा था और वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी और फिर दोनों तरफ से धक्के लगने लगे थे और उस पूरे कमरे में हम दोनों की मादकता से भरी हुई आहह… इस्सस… उफ्फ्फ… की आवाज़े आने लगी थी।

दोस्तों हमारी चुदाई का वह खेल धक्कापेल जारी था और अब तक वह दो बार झड़ चुकी थी और अब मेरा भी निकलने वाला था। और फिर कुछ ही देर के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था और फिर मैंने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत से बाहर निकाला तो मैंने देखा कि, मेरा लंड खून से एकदम लथपथ था और बेड की पूरी चादर भी लाल हो चुकी थी और मेरा भी लंड छिल गया था और हम दोनों काफ़ी थक भी चुके थे। और फिर हम दोनों ही बिस्तर पर निढाल होकर लेट गये थे और फिर कुछ देर के बाद हिना और मैं उठे और बाथरूम में जाकर एकसाथ नहाने लगे। वहाँ पर वह मुझे और मैं उसे नहलाने लगा और फिर हम दोनों नहाकर वापस कमरे में आ गये थे। उस समय भी हमारे जिस्म एकदम नंगे थे और वह भीगे बदन में क्या कमाल की लग रही थी, उसके गोरे बदन पर पानी की बूंदे मोती की तरह चमक रही थी और फिर वह मुझसे थोड़ा शरमाने लगी थी। और फिर मैंने उसे फिर किस करना शुरू कर दिया था और वह भी मेरे लंड से खेलने लग गई थी और फिर मैंने उसे फिर से बिस्तर पर गिरा दिया था. और फिर मैंने उसको फिर से चोदना शुरू कर दिया था। और इस बार और भी ज्यादा देर तक मैं उसे चोदता रहा और इसबार मैंने अपना सारा माल उसके दोनों बब्स पर छोड़ दिया था।  और फिर बाद में मैंने उसे गर्भ निरोधक गोली भी दे दी थी और फिर मैंने उसे उसके घर तक अपनी बाइक पर छोड़ दिया था। उसके बाद तो हमारा चुदाई का प्रोग्राम लंबे समय तक चलता रहा। दोस्तों मेरे दोस्त का फार्म हाउस अब हमारे लिये चुदाई का हाउस बन चुका था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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